बस्तर को संविधान के दायरे में लाने के लिए सोनी सोरी को चुनाव में सफलता दिलाना जरुरी

सोनी सोरी का प्रचार अभियान समय के साथ साथ सघन होता जा रहा है। उन्हें विभिन्न जनजातीय समाजों के समर्थन के साथ साथ राष्ट्रीय स्तर पर जाने पहचाने चेहरों का सहयोग भी मिल रहा है। डॉक्टर सुनीलम के आज लौट जाने के बाद बस्तर लोकसभा क्षेत्र में स्वामी अग्निवेश का पहुँचाना सोनी सोरी और उनकी टीम को उत्साहित कर रहा है। साथ ही, मानवाधिकार हनन के गम्भीर मामलों के खिलाफ संघर्षरत सोनी सोरी के पक्ष में विभिन्न क्षेत्रों से मिलती चुनावी मदद से पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का असहज होना नुकसानदेह है।

 
 

सोनी सोरी के पक्ष में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के कोंडागांव, चित्रकोट, दंतेवाड़ा आदि विधानसभा क्षेत्रों में सघन प्रचार का काम चलता रहा। प्रचार से मिलते नतीजों से यह आकलन किया जा सकता है कि इस बार आदिवासी समाजों का मन बदल रहा है। कमल और पंजे के पारम्परिक निशानों से आजिज आ कर अब वह यह सोचने लगा है कि नेता और उनकी स्थितियां तो तेजी से बदल रही हैं और अगर कुछ यथावत है तो वह बरसों से लगातार बिगड़ती उनकी परिस्थितियां, जो कि निकट भविष्य में पारम्परिक पार्टियों के वायदो से निखरती नज़र भी नहीं आती। ऐसे में सोनी सोरी इस चुनाव में एक मज़बूत त्रिकोणीय संघर्ष की परिस्थितियां पैदा कर दें, तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं।
 
बहरहाल जगदलपुर में प्रेस वार्ता के पहले स्वामी अग्निवेश ने सोनी सोरी के साथ नारायणपुर क्षेत्र में सघन जन संपर्क में हिस्सा लिया। इस दौरान बोलते हुए सोनी सोरी ने कहा कि वे अपने घोषणा पत्र में लिखित सभी मुद्दों पर लगातार संघर्ष के लिए प्रतिबद्ध हैं। चुनाव के सम्भावित नतीजों को दरकिनार करते हुवे उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे वायदों कि राजनीति में यकीन नहीं रखतीं। उन्होंने कहा कि नतीजा चाहें जो भी हो वे बस्तर कि आम जनता को राज्य के दमन और माओवादियों की बन्दूक दोनों से ही सुरक्षा दिला के रहेंगी तथा अब तक हुई तमाम घटनाओं में राज्य और माओवादियों की संलिप्तता की निष्पक्ष जाँच करा कर दोषियों को सजा दिलाना उनके लिए प्राथमिक मुद्दा है। आदिवासियों के लिए बनाये गए कन्या छात्रावासों में लड़कियों के साथ होते अन्याय के खिलाफ बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह आदिवासी अस्मिता का सवाल है जिस पर एक मजबूत आंदोलन की ज़रुरत है।
 
सोनी सोरी के साथ प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए स्वामी अग्निवेश ने कहा कि बस्तर को भारतीय संविधान के दायरे में लाने के लिए सोनी सोरी को चुनाव में सफलता दिलाना जरुरी है। पैसा कानून, वनाधिकार कानून और संविधान की 5वीं अनुसूची आदि का हवाला देते हुए स्वामी अग्निवेश ने कहा कि कार्पोरेट जगत के पक्ष में रहते हुए इन कानूनों की अवहेलना की जा रही है।
 
इस बीच कई समाचार एजेंसियों का जमावड़ा बस्तर में बना हुआ है। आगामी दिनों में सुकमा, दंतेवाड़ा और जगदलपुर, नारायणपुर बस्तर आदि विधानसभाओं में प्रचार अभियान चलाने का निर्णय हुआ है।

 

जनादेश न्यूज़ नेटवर्क।

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