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न्‍यूज चैनलों को महंगा पड़ेगा नान-न्यूज दिखाना

नई दिल्ली। टीवी न्यूज चैनलों के लिए फिल्मी गाने और फिल्मी दृश्य दिखाना अब आसान नहीं होगा। नए कॉपीराइट विधेयक के अनुसार न्यूज चैनलों को फिल्मकार, गीतकार या कॉपीराइट होल्डर से अनुमति लेनी होगी और उसे रॉयल्टी देनी होगी। अभी तक की व्यवस्था के अनुसार आधे मिनट से कम समय का क्लिप टीवी चैनलों पर चल सकता है। यह व्यवस्था खेलों पर लागू होती है लेकिन फिल्मकारों, गीतकारों, संगीतकारों, कलाकारों, नाटककारों और साहित्यकारों के लगातार आपत्ति जताने के बाद सरकार चेती है।

नई दिल्ली। टीवी न्यूज चैनलों के लिए फिल्मी गाने और फिल्मी दृश्य दिखाना अब आसान नहीं होगा। नए कॉपीराइट विधेयक के अनुसार न्यूज चैनलों को फिल्मकार, गीतकार या कॉपीराइट होल्डर से अनुमति लेनी होगी और उसे रॉयल्टी देनी होगी। अभी तक की व्यवस्था के अनुसार आधे मिनट से कम समय का क्लिप टीवी चैनलों पर चल सकता है। यह व्यवस्था खेलों पर लागू होती है लेकिन फिल्मकारों, गीतकारों, संगीतकारों, कलाकारों, नाटककारों और साहित्यकारों के लगातार आपत्ति जताने के बाद सरकार चेती है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यश चोपड़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का भी गठन किया था कि जिसमें पाइरेसी रोकने और कॉपीराइट कानून को मजबूत करने पर सुझाव दिए थे। चूंकि कॉपीराइट कानून मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन आता है इसलिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपने सुझाव एचआरडी मिनस्ट्री को सौंप दिए थे। संसद के मानसून सत्र में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कॉपीराइट संशोधन विधेयक-2011 पेश किया था और उसे 27 अगस्त को पारित कराने के लिए राज्यसभा में पेश भी किया था लेकिन भ्रष्टाचार पर ऐसा हंगामा हुआ कि कपिल सिब्बल के तीन विधेयक लटक गए।

इसी बीच कॉपीराइट विधेयक में एक और संशोधन किया गया है, जिसमें न्यूज चैनलों पर लगाम लगाने का प्रयास किया गया है। अभी न्यूज चैनल किसी कलाकार को श्रृद्धांजलि देते हुए उनके कार्य को दिखातें हैं, कुछ चैनल फ्लैश बैक नाम से भूले बिसरे दिनों को याद करते हैं। नए संशोधन के मुताबिक अब किसी भी चैनल को फिल्मी सीन या गीत दिखाने से पहले कॉपीराइट होल्डर से अनुमति लेनी होगी और उसे रॉयल्टी देनी होगी। यह रॉयल्टी फिल्मों की ही तरह महंगी होगी। बड़े चैनल तो महंगी रॉयल्टी का बोझ उठा भी लेंगे लेकिन छोटे मोटे न्यूज चैनल मोहताज हो जाएंगे।

मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने कपिल सिब्बल के इस प्रस्ताव का विरोध किया है। आगामी 22 नवम्बर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में जब यह संशोधन विधेयक फिर से राज्यसभा में पारित होने के लिए पेश किया जाएगा तब इस पर चर्चा होगी। कॉपीराइट पर गठित कमेटी के एक सदस्य गीतकार और राज्यसभा सदस्य जावेद अख्तर ने गीतकारों को रॉयल्टी देने की पुरजोर वकालत की थी। साभार : सहारा

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