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शारदेय शारदेय

बातों बातों में

: कुछ बातें बेमतलब 20 : नहीं लगता आपको कि देश का असली वाला शासन प्याज की परत की तरह है। असली वाला शासन...

नीरव नीरव

बातों बातों में

अपने लपकू चंपक जुगाड़ीजी आजकल रेडियो एक्टिव साहित्यकार हो गए हैं। यूरेनियम-जैसे रेडियो एक्टिव पदार्थ में और रेडियोएक्टिव साहित्यकार में सिर्फ इतना फ़र्क होता...

नीरव नीरव

बातों बातों में

बांसुरी प्रसादजी ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि ज़िंदगीभर चैन की बांसुरी बजानेवाले बांसुरी प्रसाद की मौत सरकार के जी का जंजाल बन...

शारदेय शारदेय

बातों बातों में

: कुछ बातें बेमतलब 19 : कुछ कहावतें मजेदार होती हैं। मसलन एक कहावत बहुत ही मजेदार है। नारियां क्षमा करें, यह कहावत उनके...

नीरव नीरव

बातों बातों में

सत्यवीरजी का दावा है कि वे कभी झूठ नहीं बोलते और उनके जानने वालों का दावा है कि सत्यवीरजी से बड़ा झूठा उन्होंने अपनी...

जुगनू जुगनू

बातों बातों में

: कुछ बातें बेमतलब 17 : यह बहुत बड़ी घनचक्करी खबर है। अपने आप में यह बड़ी करंट मारने वाली घनचक्करी खबर है। यूं...

जुगनू जुगनू

बातों बातों में

: कुछ बातें बेमतलब 16 : यह एक बहुत बढ़िया विचार है। इस विचार में सब कुछ है सदाचार भी और कदाचार भी। जैसे...

सूरेश नीरव सूरेश नीरव

बातों बातों में

: रिश्‍तों का सुपरपावर देश भारत : ये कितनी नाइंसाफी है कि बेचारा आदमी एक और उसकी जान को रिश्ते अनेक। बेचारा कहां जाए।...

नीरव नीरव

बातों बातों में

हम प्रगतिशील देश हैं। प्रगति हमारी परंपरा है। इसलिए अन्य क्षेत्रों में प्रगति हो यह तो ठीक है, मगर इसके साथ-साथ परंपराओं की भी...

नीरव नीरव

बातों बातों में

कल सुबह-सुबह विद्रोहीजी आ धमके। बहुत गुस्से में थे। वह किसी व्यक्ति विशेष से गुस्सा नहीं थे। पूरे देश से वे गुस्सा थे। इतना...

जुगनू जुगनू

बातों बातों में

: कुछ बातें बेमतलब - 15 : देश की राजनीति ही नहीं मन और मानसिकता भी ताजा-बासी खाना हो गया है। यह सब कुछ...

नीरव नीरव

बातों बातों में

स्कूली दिनों में मास्साब ने घौंटा लगवा के याद करवाया था कि काल तीन तरह के होते हैं- भूतकाल, वर्तमानकाल और भविष्यकाल। सोचता हूं...

दिनेश चौधरी दिनेश चौधरी

बातों बातों में

यद्यपि विपक्ष के उभरते हुए नेता विश्वमित्र को 'सेक्स स्केण्डल' में फंसा देने के बाद इंद्र का आसन काफी सुरक्षित हो चला था, फिर...

नीरव जी नीरव जी

बातों बातों में

आज सुबह-सुबह शोकसभानंदजी का हमारे मोबाइल पर अचानक हमला हुआ। मैं-तो-मैं, मेरा मोबाइल भी आनेवाली आशंका के भय से कराह उठा। शोकसभानंदजी की हाबी...

शारदेय शारदेय

बातों बातों में

: कुछ बातें बेमतलब -14 : कुछ सवाल बहुत पुराने होते हैं । अकसर यह सवाल नहीं जवाब होते हैं । फिर भी सवाल...

नीरव नीरव

बातों बातों में

नारी सशक्तीकरण पर गोष्ठी करने का फैशन समकालीन हिंदी साहित्य की आज सबसे बड़ी उत्सवधर्मिता है। स्त्री-विमर्श के सैंकड़ों केन्द्र आज साहित्य में दिन-रात...

नीरव नीरव

बातों बातों में

मेरी जिंदगी में आजकल परिस्थितियां कुछ इस तरह असहयोग कर रही हैं गोया वे परिस्थितियां न होकर विरोधी पार्टियां हों। सबने मिलकर मेरा बैंड...

सुरेश सुरेश

बातों बातों में

एक समय था हमारे देश में, जब लोग इज्जतदार हुआ करते थे। आजकल लोग मालदार होते हैं। इज्जत उन्हें बतौर गिफ्ट-हैंपर माल के साथ...

सुरेश नीरव सुरेश नीरव

बातों बातों में

विनाश काले विपरीत बुद्धि। जी हां, जब सत्यानाश होना होता है तो अच्छे-अच्छे अक्लमंद भी उलट बुद्धि हो जाते हैं। चाहे नर हो या...

जुगनू जुगनू

बातों बातों में

: कुछ बातें बेमतलब 12 : अहा क्या सौभाग्य है हम हिंदुस्तानियों का। ऐसे मौके पर हमें पाकिस्तानियों की बहुत याद आती है। पाकिस्तानी...

नीरव नीरव

बातों बातों में

इंडिया को विकसित देशों की कतार में जल्दी-से जल्दी कैसे लाया जाए, इस विषय पर अभी हाल में ही एक पांच सितारा चिंतन गोष्ठी...

सुरेश नीरव सुरेश नीरव

बातों बातों में

गिरिराजजी बड़े ही विचित्र नस्ल के जीव हैं। मैं जितना सम्मान गिरिराजजी का करता हूं तय मानिए उतना सम्मान उनके घरवाले भी नहीं करते।...

बातों बातों में

बदलते समय के साथ पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में कई बदलाव आए हैं और बाजार में जब से पत्र-पत्रिकाओं की बाढ़ आई है,...

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