Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community
अविनाश अविनाश

बातों बातों में

परिवार में तीन भाई हैं, जमीन का टुकड़ा सिर्फ सौ गज का, पिता-माता चाहते हैं कि जीते जी बंटवारा हो जाए। उपाय उस जमीन...

जुगनू शारदेय जुगनू शारदेय

बातों बातों में

: कुछ बातें बेमतलब 7 : इंडिया राष्ट्र मंडल खेल में अभी तो भारतीय खेल कुश्ती में आगे चल रहा है। शूटिंग में भी...

जुगनू शारदेय जुगनू शारदेय

बातों बातों में

: कुछ बातें बेमतलब 6 : लोकतंत्र क्या है? बड़ा गंभीर प्रश्न है। कभी कभी तो लगता है कि यह सिर्फ लोभ है। फिर...

जुगनू शारदेय जुगनू शारदेय

बातों बातों में

: कुछ बातें बेमतलब 4 : बिहार को भारत राष्ट्र मानें या ना मानें–आपकी मर्जी। पर बिहार है तो राष्ट्र ही। यूं अपने राष्ट्र...

संजय ग्रोवर संजय ग्रोवर

बातों बातों में

अभी कहीं पढ़ा कि दारुल उलूम देवबंद ने कहा है कि कंडोम का इस्तेमाल ईश्वरीय नियमों के खि़लाफ़ है। मेरा ख़्याल है कि यह...

बातों बातों में

: इसको सफल बनाने के लिए निशानेबाजों को आगे आना होगा : सरकार की कुनीतियों के विरुद्ध विरोध प्रदर्शित करने का हक प्रजातांत्रिक राज्य...

अनिल सिंह अनिल सिंह

बातों बातों में

[caption id="attachment_2334" align="alignleft" width="85"]अनिल[/caption]: खेल संस्‍थाओं को नेताओं की बपौती घोषित की जाय : भ्रष्‍टाचार में भी अल्‍पसंख्‍यक और बहुसंख्‍यक समुदाय घोषित हो :...

बातों बातों में

03 मई 2010, सोमवार, वैशाख कृष्ण पंचमी, 2067, प्रिय सुश्री गायत्री शर्मा, प्रसन्न रहो, हम परस्पर अपरिचित हैं। तुम जलजजी को नहीं जानती होगी।...

सुभाष राय सुभाष राय

बातों बातों में

[caption id="attachment_2287" align="alignleft"]सुभाष राय[/caption]आवारा के मायने वो नहीं है जो अमूमन लोग लगाते हैं. आजकल किसी को आवारा कह दीजिये, वो लड़ने को आमादा...

बातों बातों में

मैं भेड़िया, गीदड़, कुत्ता जो भी कह लो, हूं. मुझे नोचना अच्छा लगता है. खसोटना अच्छा लगता है. मुझसे तुम्हारा मांसल शरीर बर्दाश्त नहीं...

बातों बातों में

“मुझे क्या पता” का मंत्र जपो, जीवन में सफल रहो : न संतान का... न सम्पत्ति का... न यश का... न श्रेय का... दुनिया...

सलीम अख्तर सलीम अख्तर

बातों बातों में

[caption id="attachment_2290" align="alignleft" width="66"]सलीम अख्तर[/caption]सानिया मिर्जा किससे शादी करेंगी, किससे नहीं करेंगी, यह सानिया की मर्जी पर निर्भर है। वह बालिग हैं। अपना बुरा...

विनोद विप्लव विनोद विप्लव

बातों बातों में

[caption id="attachment_2251" align="alignleft"]विनोद विप्लव[/caption]((नोट- यह व्यंग्य रचना महान व्यंग्यकार एवं गुरुवर हरिशंकर परसाई की एक प्रसिद्ध व्यंग्य रचना से प्रभावित है और मुझे लगता...

विनोद विप्लव विनोद विप्लव

बातों बातों में

[caption id="attachment_2251" align="alignleft" width="119"]विनोद विप्लव[/caption]माननीय महोदय; मुझे ज्ञात हुआ है कि अंधविश्वास, विवेकहीनता, सामाजिक पागलपन, अश्लीलता, अनैतिकता एवं संस्कारहीनता के प्रचार-प्रसार के सर्वोच्च उद्देश्य...

More Posts