
मदन जैन
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ सुनील पांडेय ने बताया कि एक सप्ताह में यह वारंट तामील हो जायेंगे. जिन गवाहों के नाम जमानती वारंट जारी हुए उनके नाम हैं- इन्स्पेक्टर रजनीश सिंह, हाल-नटेरन जिला विदिशा (म.प्र), सब इन्स्पेक्टर आरजी पांडेय, हाल-पाली जिला उमरिया (म.प्र.), नंदकिशोर वर्मा लिपिक, हाल-पृथ्वीपुर बालक हायर सेकेंडरी स्कूल जिला टीकमगढ़ (म.प्र.), मानसिंह घोष रिटायर्ड प्राचार्य, हाल गुरसराय जिला झाँसी (उत्तर-प्रदेश). यदि यह सभी वारंट 15 दिसम्बर 2010 तक तामील हो गए तो इस मामले का फैसला दो माह में संभव है.
यशोवर्धन नायक
बुंदेलखंड पोस्ट
टीकमगढ़ (एम.पी.)
फोन- 07683240064
मदन जैन के बारे में जानने के लिए पढ़ें- क्या मदन जैन को मरने से पहले न्याय मिलेगा!












yashovardhan nayak tikamgarh.
November 19, 2010 at 2:59 pm
यशवंतजी ,आज उन्नीस नबम्वर को शाम पांच बजे तक प्रथ्वीपुर पुलिस थाना प्रभारी के पास इस प्रकरण से सम्बन्धित जमानती वारंट ,निवाड़ी पुलिस सब डिविजनल आफिस से पहुँच गए थे .थाना प्रभारी ने बताया कि वे जल्द से जल्द तामीली की कार्यवाही कराने कि कोशिश करेंगे .आशा है कि 15 दिसंबर को मुक़द्दमे की सुनवाई के पूर्व यह प्रक्रिया कम्प्लीट हो जायेगी ,इस सिलसिले में प्रथ्वीपुर विधायक ब्रिजेन्द्र सिंह राठौर ने कहा कि मदन कुमार जैन एक आदर्श शिक्षक रहे है .
yashovardhan nayak
November 22, 2010 at 11:20 am
यशवंत जी ,प्रथ्वीपुर पुलिस स्टेशन के प्रधान आरक्षक लखनलाल चौबे ने बताया कि एम.पी.शासन बनाम एम.पी.श्रीवास्तव (स्वर्गीय) मामले में चार में से एक पाँचसौ रूपये का जमानतीय वारंट तामील हो गया है .यह वारंट प्रथ्वीपुर स्कूल में पदस्थ सीनिअर लिपिक नंदकिशोर के नाम था ,मानसिंह घोसी के नाम जारी वारंट की तामीली हेतु एक सिपाही गुरसराय (उत्तर-प्रदेश)गया है.श्री चौबे का मोबाईल नंबर 09981431338 है.
yashovardhan nayak
November 28, 2010 at 3:35 am
यशवंत जी ,मदन जैन के मामले में अब तक दो वारंट तामील हो चुके है .रिटायर्ड प्राचार्य मानसिंह घोसी को प्रथ्वीपुर पुलिस ने गुरसराय क़स्बे में खोज निकाला,और उन्हें जमानतीय वारंट थमा दिया .इन्ही प्राचार्य महोदय ने कथित गबन प्रकरण में एक लिपिक सहित चार अध्यापको को फंसा दिया था.अधिवक्ता बसंतराम राजपूत का कहना है ,कि यह मामला कायम करने से पहले पुलिस ने एक घंटे भी कागजात पढ़े होते तो ,इस मामले में निर्दोष नहीं फंसते . इस मामले में फंसे 67 साल के हो चुके किशोरीलाल वर्मा और 65 साल के हो चुके भरोसेलाल अहिरवार हर पेशी पर निवाड़ी न्यायालय आते है.वे दोनों भोपाल में रहते है .स्वर्गीय राजाराम खरे ,स्वर्गीय एम.पी.श्रीवास्तव के परिजन पूंछते है,कि आया फैसला?
yashovardhan nayak
November 29, 2010 at 6:34 am
यशवंत जी ,मध्यप्रदेश शासन बनाम एम.पी.श्रीवास्तव (स्वर्गीय)मामले में प्रथ्वीपुर (जिला-टीकमगढ़) पुलिस विदिशा जिले के ‘नटेरन’ थाना से वापस लौट आई है.वहां पदस्थ इन्स्पेक्टर ‘डॉ.रजनीश सिंह ‘ प्रमोटिड होकर वर्तमान में सागर जिले की ‘विशेष शाखा ‘में उपाधीक्षक के पद पर कार्यरत है.अब उनका जमानतीय वारंट लेकर सिपाही सागर जायगा. यह वारंट तामील होना अत्यावश्यक है.उम्मीद है,कि अगले दो -चार दिनों में वारंट तामीली कि सूचना मिलेगी.वर्तमान में सागर जिले में श्री विजय सूर्यवंशी ‘एस.पी’ पद पर है..
yashovardhan nayak
December 3, 2010 at 3:31 am
प्रकरण नंबर १४०१/१९९८ में १५दिसम्बर २०१० को निवाड़ी में प्रथम श्रेणी न्यायालय में तारीख लगी है .मुझे बताया गया कि सागर में सिपाही वारंट लेकर गया था ,डी.एस.पी ,स्पेशल ब्रांच सागर .डॉ.रजनीश सिंह मीटिंग में थे ,इसलिए सिपाही उनके आफिस में वारंट तामील करा आया .अब तत्कालीन ए.एस.आई. जो इन दिनों उमरिया जिले में पदस्थ है.कि खोज जारी है.टीकमगढ़ जिला मुख्यालय कि कोतवाली में पदस्थ वारंट तामीली हेतु नियुक्त सिपाही ने बताया कि प्रतिदिन जिले कि अदालत के लगभग १८ न्यायालयों से औसतन रोजाना ५०से अधिक वारंट निकलते है ,जिसमे सम्मंस ,जमानती वारंट ,गिरफ्तारी वारंट आदि होते है. अब एक या दो सिपाही इतने वारंट कैसे तामील करा सकते है ? इन वारंटो में स्थानीय ,जिले के अन्य जिलो के और दूसरे राज्यों के होते है,ज्यादातर वारंटो पर क्लीअर पता नहीं लिखा रहता है ,और वारंट पर लिखावट भी साफ नहीं होती है. न्यायालय के बाबू कंप्यूटर पर टाइप वारंट भेजे , तो उनका रिकार्ड भी कोर्ट में आसानी से संधारित रहेगा और पुलिस को सहूलियत रहेगी .हमने मदन कुमार जैन प्रकरण के सिलसिले में अदालत और कोतवाली तथा एस.पी. आफिस के कई चक्कर लगाये ,जिसमे हमें डॉ.महेश बुखारिया का दिलचस्प मामला पता चला ,विगत आठ माह से उन्होंने चेक बाउन्स होने का मामला प्रथम श्रेणी नयायाधीश गौरव प्रज्ञानन के कोर्ट में दायर किया था ,आज तक इस मामले में वांछित ‘के.के.कठिल’ नाम के सज्जन का पता पुलिस नहीं लगा पाई है,जबकि श्री कठिल रोजाना अदालत,सार्वजानिक मीटिंगों,कोतवाली आदि आते रहते है,क्योंकि वे जाने-माने भाजपा नेता है,और मध्य-प्रदेश में भाजपा की सरकार है.उन्हें वारंट लेकर गए सिपाही को कठिल ने खूब खरी-खोटी सुनाई और कहा कि सीधा लौट जा ,यह बात अदालत को बताई गई तो अदालत ने कठिल के नाम पाँच सौ रूपये का गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया [email protected]
yashovardhan nayak
December 15, 2010 at 5:04 pm
यशवंत जी , 15 दिसम्बर2010 को निवाड़ी कोर्ट में अंतत: चार में से तीन वांछित सज्जन उपस्थित हो ही गए, लेकिन उमरिया में पदस्थ दरोगा पांडे जी की और से सूचना आई की दिसंबर को ही उनको उमरिया के जिला न्यायाधीश के यहाँ पेशी में उपस्थित होना है. कोर्ट में मौजूद इन तीनो सज्जनों से अधिवक्ताओ ने बहस की तथा उनके बयान दर्ज कराये. अब अदालत ने 21 जनवरी 2011 की तारीख लगाई है, इस प्रकार मदन कुमार जैन को ‘फैसले’ की जगह एक बार फिर ‘तारीख’ मिल गई.फिर भी 68 बर्षीय मदन जैन खुश है,कम से कम इस मामले में कुछ तो हुआ.अदालत में विगत 13बर्षों में किसी भी गवाह ने मदन जैन का नाम नहीं लिया,न ही कोई ऐसा साक्ष्य पेश हुआ.जिससे यह साबित होता कि श्री जैन रुपयों के कुल गबन में कहीं से दोषी हो ?खैर श्री जैन अब 21jan2011 की प्रतीक्षा कर रहे है.शायद उस तारीख पर उन्हें न्याय मिले ? चूँकि दरोगा पण्डे ने ही पूरे मामले की विवेचना की थी ,इसलिए उनकी गवाही और उनसे वकीलों द्वारा जिरह होने पर मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी.वैसे यह तथ्य अदालत जान चुकी है, कि जिस भ्रष्ट्र प्राचार्य ने ‘लास्ट पेमेंट’ किया था ,वही दोषी है.उसने ही अपना पाप निर्दोषों के माथे मढ़ दिया.पुलिस को रिश्वत खिलाकर मनमाना प्रकरण दर्ज करा दिया, पिछले तेरह सालों से निर्दोष लोग अपने को निर्दोष साबित करने पर जुटे है ?