आउटलुक की आकांक्षा पारे को रमाकांत स्‍मृति कहानी पुरस्‍कार

नई दिल्ली। इस वर्ष का रमाकांत स्मृति कहानी पुरस्कार आउटलुक की फीचर एडिटर एवं मशहूर कहानीकार आकांक्षा पारे को दिया जाएगा। उन्हें यह पुरस्कार नया ज्ञानोदय में प्रकाशित कहानी “तीन सहेलियां, तीन प्रेमी” के लिए दिसंबर के पहले सप्ताह में दिया जाएगा। रमाकांत स्‍मृति कहानी पुरस्‍कार युवा कहानी लेखकों को प्रदान किया जाता है। इससे पहले यह पुरस्‍कार नीलिमा सिन्हा, कृपा शंकर, अजय प्रकाश, मुकेश वर्मा, नीलाक्षी सिंह, सूरज पाल चौहान जैसे साहित्यकारों को दिया जा चुका है।

आकांक्षा पारे का चयन वरिष्ठ कथाकार असगर वजाहत के निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल के अनुसार आकांक्षा की कहानी वस्‍तुस्थिति की सचाई और सपनों से जुड़े रहने की मजबूरी के मध्‍य एक पुल बनाने की कोशिश करती है। इस कहानी को बहुत ही मार्मिक ढंग से लिखा गया है। जबलपुर में जन्‍मी आकांक्षा युवा लेखन में अपनी प्रसिद्धि दर्ज करा चुकी हैं। वे अपनी कहानी और कविता के माध्‍यम से समाज की पीड़ा और नई चेतना को बड़े ही मार्मिक ढंग से समाज के सामने लाती हैं।

Comments on “आउटलुक की आकांक्षा पारे को रमाकांत स्‍मृति कहानी पुरस्‍कार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *