पटना : उर्दू के वरिष्ठ पत्रकार डाक्टर रिजवान अहमद का कल पटना में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे लगभग 62 वर्ष के थे। डाक्टर रिजवान कई दैनिक पत्रों से जुड़े हुए थे। साथ वे अजीमाबाद एक्सप्रेस के संपादक थे और बिहार उर्दू अकादमी के सचिव भी रह चुके थे।
डाक्टर रिजवान को कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सम्मान मिल चुके हैं। ‘मुझे बोलने दो’ उनका चर्चित कालम पटना से प्रकाशित उर्दू दैनिक कौमी तन्जीम में प्रकाशित हो रहा था। डाक्टर रिजवान के निधन पर पत्रकारों तथा साहित्यकारों ने शोक व्यक्त किया है।












Rajesh Kumar
June 2, 2011 at 4:30 am
Rijwan sahab ki mout urdu patrakirita jagat ke liye apurniye chati hai. unki mout se urdu patrkarita ke ek adhaye ki samapti ho gayi hai. jiski bharpayi nikat bhawishya main sambhaw nahi hai. khuda salim sahab ki atma ko santi de. (Rajesh kumar*journalist* Giridih Jharkhand)