रोहतक । हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुलाकात की और पत्रकारों की मांगों से संबंधित १५ सूत्रीय ज्ञापन उन्हें सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष संजय राठी ने की। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मान्यता प्रदाय समिति जिला स्तर पर गठित हो, ताकि मीडिया कर्मियों को मान्यता प्रदान करने का कार्य तीव्रगति से संभव हो सके।
मीडिया कर्मियों की सहकारी ग्रुप हाऊसिंग सोसाइटीज को सरकार सस्ती दरों पर भूमि आवंटित करे। मीडिकर्मियों को घर, वाहन व अन्य उपकरण आदि खरीदने के लिए सस्ती दरों पर ऋण दिया जाए। मीडिया कर्मियों को मरणोपरांत अनुग्रह राशि २ लाख से बढ़ाकर ५ लाख रूपए की जाए। मीडिया कर्मियों के लिए प्रति वर्ष देश-विदेश के शैक्षणिक भ्रमण सरकार आयोजित करे। साथ ही मीडिया कर्मियों का टोल बैरियर पर शुल्क माफ किया जाए। मीडिया कर्मियों के लिए अन्य प्रदेशों की तर्ज पर पेंशन स्कीम लागू की जाए। श्री राठी का कहना था कि मीडिया कर्मियों के परिजनों का चिकित्सा बीमा सरकार नि:शुल्क कराए।
मान्यता संबंधी नियमों का सरलीकरण किया जाए। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को दी जा रही सुविधाओं का पुर्नमूल्यांकन कर उनमे बढ़ोतरी की जाए। एचयूजे के प्रदेशाध्यक्ष ने मांग की कि सरकार लघु एवं मझोले समाचार पत्रों को संरक्षण प्रदान कर इनके लिए अलग विज्ञापन नीति बनाए। मान्यता प्रदाय समिति में प्रदेश भर में से लघु समाचार पत्रों, छायाकारों एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों तथा पत्रकार संगठनों का प्रतिनिधित्व अधिक बढ़ाया जाए। प्रदेश में मीडिया के प्रोत्साहन के लिए अलग से विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए। प्रदेश में मीडिया वैल्फेयर कौंसिल का गठन किया जाए, जो प्रदेश में मीडिया कर्मियों का पंजीकरण करे, उनकी शिकायतों एवं समस्याओं का निवारण करे।
इसके अलावा जरूरतमंद मीडिया कर्मियों एवं उनके परिजनों को पत्रकार कल्याण कोष से सहायता उपल4ध करवाए। पत्रकार कल्याण कोष की राशि ५० लाख रूपए से बढ़ाकर ५ करोड़ की जाए। श्री राठी ने कहा कि प0त्रकारों की मांगों को आगामी माह मानेसर में होने वाले यूनियन के राष्ट्रीय अधिवेशन में भी जोर-शोर से उठाया जाएगा।
एचयूजे के प्रदेशाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री का ध्यान उन घोषणाओं की ओर भी दिलाया, जिन्हें अभी तक लागू नहीं किया गया है। श्री राठी ने कहा कि नई मीडिया पालिसी का प्रारूप अभी तक लागू नहीं किया गया है। चारों मंडल मुख्यालयों पर प्रदेश सरकार द्वारा प्रैस क्लबों की स्थापना की जानी थी, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं हुई है। मीडिया एक्रीडेशन कमेटी की बैठक त्रिमासिक होनी चाहिए, लेकिन पिछले अढ़ाई वर्ष के अरसे में मात्र एक बैठक आयोजित की गई है। सरकार द्वारा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्लाटों में आरक्षण की घोषणा पर अमल नहीं किया गया। प्रत्येक जिले में मीडिया सेंटर बनाए जाने की घोषणा पर भी अभी तक प्रभावी अमल नहीं हुआ है। PR











