कम समय में ही अलग पहचान बनाई थी प्रदीप राय ने

गाजीपुर : गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन की ओर से कैम्प कार्यालय पर जनपद के युवा पत्रकार प्रदीप राय के आकस्मिक निधन पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना की गई। श्री राय जनपद के बडे़ ही कर्मठ पत्रकारों में शुमार होते थे। इन्होंने अपनी पत्रकारिता उस वक्त आरम्भ किया था जब जनपद के लोग दूरदर्शन के समाचार के भरोसे हुआ करते थे, उस वक्त इन्होंने जनपद में सिटी न्यूज चलाकर तहलका मचा दिया था।

इसके बाद लोग जनपद में इन्हें इलेक्ट्रॉनिक चैनल का जनक भी कहा करते थे। अल्प समय में सिटी न्यूज से कैरियर का आगाज करने वाले श्री राय बीएजी से जुडे और उसके बाद स्टार न्यूज को जनपद में एक मुकाम हासिल कराया। इनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जनपद के किसी भी नेता अधिकारी या फिर बुद्धिजीवी वर्ग के बीच  इलेक्ट्रानिक चैनल का नाम लेने पर सबसे पहले उसके जुबान पर प्रदीप राय का नाम ही आता था। स्टार न्यूज में सेवा देने के बाद वो अपने मेहनत के दम पर दिल्ली में जी न्यूज के संवाददाता नियुक्त हुए। अपने कार्यशैली के बूते वे दिल्ली में भी कम समय में पत्रकार साथियों में अपनी काफी अच्छी पैठ बना लिया था। इसी दौरान उनके तबियत में कुछ खराबी आई, जिसके बाद वो जनपद वापस आकर ईलाज कराना आरम्भ कर दिया।

वे पिछले एक साल से ज्‍वाइंडिस से पीडि़त थे। कल शाम उनकी तबियत अचानक बिगड़ी और डाक्टरों की सलाह पर उन्हें वाराणसी ले जाया गया, जहां पर आज सुबह 6 बजे उन्‍होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर जनपद में आग की तरह फैल गई और हर कोई एक दूसरे से उक्त खबर की पुष्टि करने में जुट गया। उनका अंतिम संस्कार वाराणसी गंगा घाट पर ही किया गया। इनके निधन से जनपद के मीडिया जगत में शोक की लहर व्याप्त हो गई है। श्री राय अपने पीछे माता-पिता के साथ पत्‍नी और एक दस माह की बिटिया छोड गये हैं। शोक सभा में वरिष्ठ पत्रकार कार्तिक चटर्जी, अनिल उपाध्याय, अनिल कुमार, प्रवीण गुप्ता, शशिकान्त यादव, शशिकान्त सिंह, आरसी खरवार, गुलाब राय, मोहन तिवारी, सूर्यवीर सिंह, बबलू खरवार, बाबा, श्याम सिन्हा, आशुतोष त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्‍तव, विनोद गुप्ता, दयाशंकर राय, पंकज राय, इन्द्रासन यादव, शहनवाज, सोनू, गोपाल जायसवाल के साथ ही कई अन्य पत्रकार भी मौजूद रहे। जनपद मऊ के पत्रकारों ने भी ब्रहम स्थान स्थित पत्रकार राहुल सिंह के आफिस पर शोक सभा कर प्रदीप को श्रद्धाजंलि दी और इस दुख की बेला में उनके परिवार वालों को इस गम को सहने की शक्ति देने की भगवान से कामना की।

गाजीपुर से अनिल कुमार की रिपोर्ट.

Comments on “कम समय में ही अलग पहचान बनाई थी प्रदीप राय ने

  • rajesh vajpayee unnao says:

    pradeep ki maut mayri jindgi ki apoorniy chati hai
    wah vardani patrakar nahi balki kabliyat k bal par apni pahchhan
    banai.
    Iswar unki aatma ko shanti va parijno mitro ko es apaar dukh ko sahan karnein ki shakti pradaan karein.
    rajesh vajpayee ibn7 unnao

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  • Ajay Shrivastava, President Nagar Congress Ghazipur, U.P. says:

    Pradeep ki asamayik mout ki khabar ne hum sabhi ko jhakjhor ke rakh diya. Honhaar Pratibha aur milansaar vyaktitva ka ye premi ladka humlogo ke lakh samjhane ke baavjud apni wali kar gaya. bahut dukhad hai Pradeep ki mout. bhagwaan uski atma ko shanti, parijano ko himmat aur uske anya sathiyon ko sadbuddhi dein.

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