हिन्दी के प्रसिद्ध कवि एवं दूरदर्शन के पूर्व मुख्य प्रोडयूसर कुबेर दत्त का सोमवार को निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। दत्त का कल सुबह अपने निवास स्थान पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। वह 63 वर्ष के थे। दत्त के पार्थिव शरीर को उनकी इकलौती बेटी ने मुखाग्नि दी।
इस मौके पर दूरदर्शन के महानिदेशक त्रिपुरारी शरण, आकाशवाणी की महानिदेशक लीलाधर मंडलोइ के अलावा वरिष्ठ साहित्यकार विश्वनाथ त्रिपाठी, अजित कुमार, मंगलेश डबराल, पंकज सिंह आदि मौजूद थे। प्रख्यात आलोचक नामवर सिंह और हंस के संपादक राजेन्द्र यादव जैसे कई लेखकों ने दत्त के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में जन्मे दत्त हिन्दी के चर्चित कवि होने के अलावा जाने-माने वृत फिल्म निर्माता भी थे तथा वर्तमान में वह डीडी भारती के सलाहकार थे।
दत्त के तीन काव्य संग्रह प्रकाशित हुए थे। उन्होंने कई पुराने समकालीन लेखों पर वृतफिल्मों का निर्माण किया तथा उन्होंने दूरदर्शन के साहित्यिक कार्यक्रम (पत्रिका) का कई सालों तक सफलता पूर्वक संचालन किया था। वह वामपंथी लेखक संगठनों से गहरे रुप से जुड़े थे। उनकी पत्नी कमलनी दत्त जानी मानी नृत्यांगना होने के साथ ही दूरदर्शन अभिलेखाकार से भी जुडी हुई हैं। साभार : हिंदुस्तान












faisal khan
October 4, 2011 at 6:55 am
Varishth patrkar kuber datt ji ki martyu ka dukhad samachar prapt huva,behad dukh huva aur upar wale se yahi prarthna hai ki unki aatma ko shanti mile aur unke ghae walon ko upar wala sabr de.dukh sehne ki shakti de.afsos hota hai ki bhadas ki har khabar par comment dalne wale patrkar sathi aik sathi patrkar ki maut par do shabd bhi nahi likh pate.khair meri aur se dutt ji ko sharaddhanjli..m faisal khan(channel one news)saharanpur