जगजीत सिंह को श्रद्धांजलि देने लगा ‘न्यूज एक्सप्रेस’!

: संशोधित : जगजीत सिंह के लिए जब कल पूरा जग दुआ कर रहा था, तब इलेक्ट्रानिक मीडिया का एक चैनल ‘न्यूज एक्सप्रेस’ उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा था. हाय रे खबरों की होड़. हाय रे हमारे पत्रकार. हाय रे हमारे एंकर. ‘खबर अंदर की’ – ये टैगलाइन है न्यूज एक्सप्रेस का. लेकिन अस्पताल के अंदर की खबर को बाहर तक नहीं ला पाया. तकरीबन 20 मिनट तक चीख चीख कर न्यूज एक्सप्रेस यही बताता रहा- ”जगजीत सिंह इस दुनिया में नहीं रहे”.

कुछ दिन पहले दोपहर दो बजे मंगलवार को एक एंकर तय ही नहीं कर पा रही थी कि चिदंबरम और और प्रणव मुखर्जी, कौन-कौन से मंत्रालय को देख रहे हैं. ऐसा नहीं है कि ये इसी चैनल की बात है. ऐसी गड़बड़ियां दूसरे चैनल भी किया करते हैं. लेकिन क्या इस तरीके से गलत खबर दिखाना सही है? पिछले कई सालों से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कामकाज को लेकर सवाल खड़े किए जाते रहे हैं. सबसे बड़ी चिंता न्यूज कंटेट को जल्दबाजी में दिखाने और खबरों की विश्वसनीयता को लेकर है.

अनिमेष दास

पत्रकार

आईआईएमसी

animeshranjandas@gmail.com

Comments on “जगजीत सिंह को श्रद्धांजलि देने लगा ‘न्यूज एक्सप्रेस’!

  • in khawariya chennalo ki betuki khabro ne aaj loktantra k chothe aadhar k baare me shochne k liye majbur kr diya hai………..pawan yadav 8878917823

    Reply
  • अतुल कई जगह से लतियाए पत्रकार हैं… अति उत्साही है… क्या करें… तेजी बनाने के चक्क्र में वे हर गजह वेबकूफी कर जाते हैं…

    Reply
  • aapke likhne ka andaz bilkul wahi hai…aaj bhi…har shabad mein wahi bhadas….sach mein sir aspatal k andar ki khabar ko bahar nai nikal paya…..kaha hai sir jeee aap aajkal ?

    Reply
  • मुकेश जी….क्या ये भी खबरों की राजनीति का हिस्सा तो नहीं……

    Reply
  • Rajesh Bhadania says:

    Aajkal news channels ke andar bagair sachchai ko jane trp batornay ki jo hod lagi hue hai usse aanewale samaya mein lagata hai ki koi channel is laalach mein Prime Minister ya President ko hi na mar de. Ek samaya tha jab is tarah ke hathkande sham ko prakashit hone wale wo akhbar apnate the jinko mushkil se hee paathak mil pate the. Un akhbaron mein aksar is tarah ki khabaren prakashit hoti thi ki shah rukh khan nahi rahe baad mein poori khabar padhne ke baad pata chalta tha ki shah rukh khan kisi jhuggi mein rahne wala koi wo sharabi tha jo ki kafi din se hospital mein admit tha. Kya aanewale samaya mein tv news channels trp ka moh chhod kar apne liye banayee gayee guidelines ka palan karenge ya fir is andhi daur mein bhagte hi rahenge ?

    Reply
  • aaj kal news channnel me anchor sirf chehre dekhkar rakhe jate hai, na k i talent ya fir knowledge dekhkar. sirf ndtv sarikhe channels ko chhod diya jaye, to jyadatar news channel me yahi sab chal rah ahai. anchor sirf news padna janti hai, us khabar ke baare me use koi knowledge nahi hota hai. yahi reason hai ye sab galtiyo ka.

    Reply
  • कमल शर्मा says:

    यह खबर को देने वाले को स्‍टूडियों में ले जाकर कैमरे के सामने पांच जूते सिर पर मारने चाहिए।

    Reply
  • yadav ji aap bahut der se jaage hain , abhi aap sochne par majboor ho rahe hain, yahan pal-pal na chahte hue bhi vichaar kood padte hain..

    bhaiya yahan aaj media ki dukaan daari hi hoti hai, or rahi galati ki baat to Bade Bade Channel’s main kabhi kabhi galtiyan ho jaati hain, bas kuch nosikhiyon ko nikalne ki zaroorat hai or apni channel wali akad tyagne ki jo aaj in channel’s ko sakht zaroorat hai.

    Reply
  • रोहिताश्व कुमार, छात्र, BMC. says:

    सबसे बड़े मूर्ख तो ये समाचार छापने वाले हैं और उसके बाद मूर्खता श्रेणी में समाचार देने वाले का नंबर आता है। ज़रा पता तो कीजिए कि अतुल अग्रवाल ने ये ख़बर पढ़ी या नहीं? पीत पत्रकारिता की हदें पार करते जा रहे हैं भड़ास वाले।

    मैं चुनौती देता हूं कि आप साबित करें कि ये ख़बर अतुल अग्रवाल ने पढ़ी थी। अगर उन्होने नहीं पढी होगी तो आपको क्या सज़ा होनी चाहिए, ये तय करने का अधिकार भी मैं आप ही के पास छोड़ता हूं। अनिमेष दास को भी खुली चुनौती है कि इस पूरी प्रक्रिया में अतुल अग्रवाल का दोष साबित करके दिखाएं।

    फर्ज़ी नाम से किसी व्यक्ति के खिलाफ छद्म युद्द चला जा रहा है और भड़ास वाले ‘वीर’ उसमें अगर पार्टी बन रहे हैं तो ये आपकी नासमझी है। यशवंत जी, अलग अलग जगहों पर पत्रकारिता से जुड़ी बड़ी-बड़ी बातें करने भर से आप बड़े नहीं बन जाएंगे। आंख खोल कर ईमानदारी से पत्रकारिता के सिद्धांतों पर अमल करने की हिम्मत भी पैदा करिए अपने अंदर। दूसरों को बुरा कहने के पहले खुद को देखिए कि आप खुद क्या हैं, कैसे हैं? किसी के भी बारे में कुछ भी ऊटपटांग छापे चले जा रहे हैं आप लोग। दम हो तो मेरी चुनौती कुबूल करिए और साबित करिए कि अतुल अग्रवाल ने जगजीत सिंह को जीते जी मार डालने वाली ख़बर की एंकरिंग की थी। बोलिए… है दम?

    Reply
  • rajeev prasad says:

    inhe ye nahi pata muh kya hota hai aur………wo peechewala kya hota hai…mukesh to ankh ka andha nam nayansukh wala hai …

    Reply
  • mere dwara likhya hue ek patra se ek anchor ka naam galat publish ho gaya…jiski wajah se mein sarwajnik taur par mafi mangta hu…jagjit singh k bare mien newx express par galat khabar padhne wale wo atul agarwal ji nai the… balki woh dinesh kanpal ji the..to mein unse sarwjnik taur par mafi mangta hu…hamar is mafinama ko jarur chape

    Reply
  • आदिल अज़ीज़ says:

    क्या करोगे भैया जब सर्कार ही सो रही है जन्ता को कोइ सरोकार नही देश मे क्या हो रहा है तो फ़िर ऐसी वारदाते तो होती रहेंगी |

    Reply
  • tez banne ki hod me kya-kya kah jate hai ye news vale. yeh khabr sirf hamare channel pa pahli bar dikhaya ja rha hai ye kah dene sa sachhai nhi badal skati hai, ab bus band karo khabro ki ye andhi dod

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *