: जागरण कानपुर के मालिकों ने संपत्ति को खरीदकर कब्जे में लिया : इंदौर में जल्द ही राष्ट्रीय जागरण और आई-नेक्स्ट के लांच होने की संभावना : अन्य अखबार भी इंदौर की धरती पर अखबार लांचिंग की संभावना टटोल रहे : अखबारों की राजधानी कहे जाने वाले शहर इंदौर में कुछ नए अखबारों की धमक महसूस की जा रही है। जागरण समूह ने ढांचागत तैयारी कर ली है, जबकि ‘हिंदुस्तान” ने भी अपनी हलचल शुरू कर दी है। आने वाले साल में इन दोनों अखबारों का यहां से प्रकाशन होना तय माना जा रहा है। नागपुर का बड़ा अखबार समूह ‘लोकमत” भी संभावनाएं टटोलने में लगा है।
नागपुर के लोकमत समूह ने कई साल पहले भोपाल रोड पर जमीन खरीदकर इस बात का अंदाजा तो करा ही दिया था कि वह देर-सबेर यहां आने वाला है। ताजी सूचना ये है कि इसी वित्तीय वर्ष में जागरण समूह ‘राष्ट्रीय जागरण” शीर्षक से अपना नया अखबार इंदौर से निकालने के लिए तैयार लग रहा है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में जागरण (कानपुर) के प्रबंधकों ने इंदौर की उस बिल्डिंग, प्रिंटिंग मशीन और पूरे सेटअप को खरीद लिया जो अब तक जागरण (मध्य प्रदेश) के प्रबंधकों के पास थी।
दोनों पार्टनरों के बीच छिड़ी जंग ने इंदौर से कुछ साल पहले निकले जागरण की असमय हत्या कर दी थी। तब से दोनों के बीच अदालती लड़ाई भी चल रही थी। ताजी सूचना के मुताबिक जागरण (कानपुर) ने इलाहाबाद बैंक के पास मॉडगेज संपत्ति को कब्जे में ले लिया और 30 नवंबर को इंदौर के अखबारों में इस आशय की जाहिर सूचना भी प्रकाशित कराई गई है (नीचे देखें जाहिर सूचना)।
जागरण समूह यहां से ‘राष्ट्रीय जागरण” और ‘आई-नेक्स्ट” निकालने के लिए कमर कस रहा है। इस समूह की हलचल को देखकर ‘हिंदुस्तान” ने भी बाजार तलाशना शुरू कर दिया है। इस बीच दो-तीन बड़े उद्योगपति और मध्य प्रदेश के एक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी कुछ बड़े पत्रकारों को साथ लेकर अखबार की प्लानिंग कर रहे हैं। ‘प्रदेश टुडे’ मैग्जीन को शाम का अखबार बनाया जा रहा है. अगले साल के शुरुआती तीन महीनों में इंदौर में अखबारों की नई दुकान का खुलना तय माना जा रहा है। इससे इंदौर के पत्रकारों को लाभ मिलने की संभावना है। यहां के जमे-जमाए बड़े अखबारों की हालत भी खस्ता होने के आसार हैं।













pankaj tiwari
December 9, 2010 at 5:11 pm
yah badi khusi ki baat hai, vastav main jagran ek bahut achha akhbar hai aur yahi ek akhbaar hai jo dainik bhaskar ko takkar de sakta hai product wise yah bhaskar se 20 ya ussse achha hai,bus MP jagran wale eski marketing nahi kar pa rahe hai nahi to yah ek bahut accha akhbaar hota-pankaj tiwari indore
neelesh pal
December 10, 2010 at 5:30 pm
good thing because unity me sab kuch hai.:)
manohar jain
December 10, 2010 at 5:41 pm
Indore mai isi tarah nai nai akhbaar nikalte rahe to patrakaro ka he bhala hoga, verna akhbaaro ke malik kaam karne walo ko mazdoor samazte hai. chalo ek umeed to bandhee ki jaldee kuch achaa hone wala hai.
Sabhee Akhbaaro ka swagat hai.
jd
December 11, 2010 at 3:42 pm
rajasthan kab aayenge