एक कहावत है कि मुंह को आया हाथ न लगा। यह कहावत दैनिक जागरण, हरियाणा के पत्रकारों पर दुरुस्त बैठी है। इस अखबार के करीब 25 या 26 पत्रकारों को हरियाणा सरकार द्वारा पुरस्कार के तौर पर मिले 21-21 हजार रुपए जागरण प्रबंधन को वापस करने पड़ रहे हैं। इसके लिए जागरण प्रबंधन ने बाकायदा फरमान जारी कर दिया है कि सभी पत्रकार नोएडा मुख्यालय पहुंचें और इनामी राशि वापस करें। यदि कोई ऐसा नहीं करेगा तो वह इस्तीफा दे दे। अब ऐसा आदेश है तो पत्रकार करें भी तो क्या। सभी कल दैनिक जागरण, नोएडा आफिस पहुंचने वाले हैं। वहां प्रबंधन के लोग इनके साथ बैठक करेंगे।
पुरस्कार पाने वालों में दैनिक जागरण के 25 या 26 पत्रकार शामिल हैं जिन्हें संस्थान को राशि लौटानी पड़ेगी। यह सभी पत्रकार 21 सितंबर को हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेंद सिंह हुड्डा द्वारा हरियाणा पत्रकार पुरस्कार के दौरान प्रदेश के 153 पत्रकारों के साथ पुरस्कृत हुए थे। पुरस्कार के तौर पर इन सभी पत्रकारों को 21-21 हजार रुपए की राशि के चेक, शॉल व प्रशस्ति पत्र दिए गए थे। पता चला है कि जागरण प्रबंधन ने पत्रकारों से पुरस्कार की राशि इसलिए वापिस ली है कि उन्हें हरियाणा सरकार द्वारा पत्रकारों को चयनित करने की प्रक्रिया पर आपत्ति है जिसमें आवेदन के माध्यम से इन पत्रकारों को चुना गया था। खैर, जो भी है लेकिन मुफलसी का शिकार रहे पत्रकारों के साथ इस प्रकार का धोखा हो जाना सरासर नाइंसाफी दिखती है।
सिरसा से रविंद्र सिंह की रिपोर्ट












kamta prasad
September 27, 2010 at 3:21 am
चील के घोसले से मांस निकालने वाला मुहावरा ज्यादा दुरुस्त है।
rishi naagar
September 27, 2010 at 3:24 am
HA hA Ha…Jagran ki baat per sirf hansa hi ja sakta hai….
KANHAA
September 27, 2010 at 5:08 am
NO-01 bhi is tarah tuchchaei par utrega ummeed nahi thi…..
pawan sharma dubey bhiwani
September 27, 2010 at 6:21 am
jagran ke bade patrkaro ke hath futti khodi bhi nahi lagi. jankar to yaha tak bata rahe hai ki chandigarh ke ek bade patrakar 1 lakh ka inam chati thi . jo use nahi mil paya. jiskr chalte field me kam karne wale patarkar khushia hi mana rahe the ki jagran se farman aa gaye.ab bala ye kaun puje ki kaya jagran ke maliko ne loksabha & vidhan sabha chunav me jo lut machai thi use to yeh puruskar kahi adhik ezhat wala tha.
vijay
September 27, 2010 at 8:10 am
;):D>:(:o8):P:-*:'(
benam
September 27, 2010 at 10:03 am
jagran ke kai beimaan beuro chief ko mantriyo kee sifarish par inam mil gya. eise choro se rasi vapas lekar acha kaam kiya ja rha hai. managment ka faisla sahi hai.
Bhaskar Mukherjee
September 27, 2010 at 10:25 am
Bhai ye to bura hua, Mehnat karne walon ke sath dhokha jarur hua hai
nam me kya rakha hai
September 27, 2010 at 11:19 am
ye to had hai
hamnaaam
September 28, 2010 at 8:07 am
;D:D:D:D:D>:(>:(>:(>:(>:(
Ajay, CHD
September 28, 2010 at 5:43 pm
[b]चटुकारिता का इनाम लेने वालो क साथ सही व्यव्हार किया जागरण ने. [/b]
Ravinder Singh
September 29, 2010 at 6:02 pm
दोस्तो, सुना है इस खबर के भड़ास4मीडिया पर लगने के बाद जागरण वालों ने पत्रकारों की पुरस्कार राशि वापिस करने का फैसला लिया है।