: पेड न्यूज पर खर्च भी देखेगा : प्रत्येक थाने में निगरानी टीम : रोजाना रिपोर्ट तैयार करेंगे : बिहार चुनाव से लागू होंगे निर्देश : चुनाव आयोग उम्मीदवारों के खर्च पर अब और कड़ी नजर रखेगा. आयोग के नये दिशा-निर्देश के तहत नेताओं को अब एक खास तरह का चुनाव बैंक खाता खुलवाना होगा. आयोग उनके खाते का हिसाब-किताब देखेगा. उम्मीदवारों की ओर से किये जानेवले अवैध धन के खर्च पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है.
इसके लिए पहली बार चुनाव खर्च निगरानी (ईईएम) प्रकोष्ठ बनाया गया है. इसका नेतृत्व भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के एक वरिष्ठ अधिकारी और सहायक कर्मचारी कर रहे हैं. आयोग के नये दिशा-निर्देश बिहार विधानसभा चुनाव से लागू हो जायेंगे. आयोग के मुख्यालय में स्थित खर्च निगरानी प्रकोष्ठ हर समय खुला रहेगा. चुनाव वाले राज्य में इसका नियंत्रण कक्ष हर जिले में काम करेगा. चुनाव आयोग निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्येक पुलिस थाना क्षेत्र में निगरानी टीम व फ्लाइंग स्कवॉयड तैनात करेगा. इनके पास अवैध व संदिग्ध धन को जब्त करने का अधिकार होगा. किसी भी उम्मीदवार के पास मौजूद अघोषित धन को फ़ौरन जब्त कर लिया जायेगा.
फ्लाइंग स्कवॉयड मतदाताओं को दी जानेवाली नकद राशि, धन या अन्य प्रलोभनों पर भी नजर रखेगा कर व राजस्व विभागों के कर्मचारी उम्मीदवारों के खर्च पर नामांकन दाखिल करने के वक्त से लेकर परिणाम घोषित किये जाने तक खुफ़िया तरीके से नजर रखेंगे. आयोग के नये दिशा-निर्देश ने प्रत्येक उम्मीदवारों के लिए वीडियो निगरानी और समीक्षा दलों का बंदोबस्त किये जाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है.
इन दलों में एक अधिकारी और एक क्लर्क शामिल होंगे, जो रोजाना के वीडियो फ़ुटेज के आधार पर उम्मीदवारों के खर्च का हिसाब करके एक रिपोर्ट तैयार करेंगे. वीडियो निगरानी दल में एक कैमरामैन शामिल होगा, जो उम्मीदवारों के वाहनों की संख्या, तंबू, फ़र्नीचर, मंच, पोस्टर, होर्डिंग को रिकार्ड करेगा.
पेड न्यूज में किये जाने वाले अवैध खर्च पर रोक लगाने के लिए जिला उप शिक्षा अधिकारी और जिला जनसंपर्क अधिकारी तथा उनके कर्मचारी प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, स्थानीय केबल चैनलों की निगरानी करेंगे. उनके कर्मचारी खर्च का हिसाब- किताब करने वाले दल को रोजाना रिपोर्ट भी सौंपेंगे.
इस दल में आयकर विभाग, केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क तथा लेखा परीक्षण विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे. जिला स्तर पर कॉल सेंटर चुनाव आयोग जिला स्तर पर कॉल सेंटर और शिकायत निवारण प्रणाली भी संचालित करेगा, जहां लोग किसी उम्मीदवार या राजनीतिक दल द्वारा किये जानेवाले अवैध धन के खर्च संबंधी सूचना दे सकेंगे. इन सभी फ़ोन कॉल को रिकॉर्ड किया जायेगा. साभार : प्रभात खबर











