दैनिक जागरण का नोट कमाने में कोई सानी नहीं है। शार्ट में उसका नाम ”दैजा” है यानी ”दैनिक जागरण उर्फ देकर जा”, लेकर कुछ मत जा। यही बात दैनिक जागरण अलीगढ़ ने एक जून को चरितार्थ की जब उसने सीनियर यूनिट मैनेजर प्रशांत कुलश्रेष्ठ की मौत पर छः पेज का विज्ञापन परिशिष्ठ छाप दिया। उसमें कई ग्रुपों, नेताओं, कंपनियों के जबरदस्त विज्ञापन छापे। ये विज्ञापन शोक संदेश के थे।
ओजोन ग्रुप, वसुन्धरा, प्राइवेट लिमिडेट, ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय, षिवालिक गंगा हाउसिंग एसोसियेट्स, श्री तिरूपति आषियाना प्राइवेट लिमटेड, मधुप लहरी और उनके दोस्त जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंह, जनक्रांति पार्टी, प्रषांत ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, लाइफ लाइन इमरजेन्सी सर्विसेज, बीएमबी मसाला, पूर्व ब्लाक प्रमुख ठा. तेजवीर सिंह, नन्नू मल देशी घी परिवार तथा अन्य राजनीतिक पार्टियों के विज्ञापन छापकर मोटी कमाई की। दुःख की घड़ी में दैनिक जागरण परिवार श्रद्धांजलि देने की बजाय मोटी कमाई करने से नहीं चूका। इस बात की पूरे शहर में जबर्दस्त चर्चा है।
जागरूक मंच
अलीगढ़












धीरेन्द्र
June 1, 2011 at 7:09 pm
अब ऐसा भी होने लगा है!
vimal dixit
June 2, 2011 at 9:04 am
jagran k malik kafan ghasot h.inka bas chale to ye murdo se bhi paise vasool le.lagta h ki ye apni sari kamai chati pe rakhker uper le jainge.vimaldixit.
prashant bharti
June 3, 2011 at 1:35 pm
abslutliy right sir ji
nishant makhija
June 5, 2011 at 8:22 am
ye koi badi baat nahi hai….. andhi kamaai k mamle me jagran ka koi sani nahi hai. chahe shadi ka pandal ho ya shamshaan ghat ho……….!!!!!!!!!!!!!!
sandeep gupta
June 9, 2011 at 5:09 am
moti kamai karne walo ki moat par moti kamai.. wah De Ja(denik jagran)..