: लुटे-पिटे-कटे इस आम आदमी को देखिए और रोइए : डाक्टर ने डाक्टरी पेशे के धर्म का निर्वाह नहीं किया. मीडिया ने मीडिया धर्म का निर्वाह नहीं किया. नतीजा, एक लुटा पिटा कटा आम आदमी रो रहा है, परेशान है, दुखी है, अवसाद ग्रस्त है. आम नागरिक जब किसी भी तंत्र से उब जाता है या तंत्र द्वारा उसका शोषण-दमन होने लगता है तो वह एक आस के साथ मीडिया की चौखट पर कदम रखता है.
लेकिन जब कोई मीडियाकर्मी ही कसाई बन जाए तो आप समझ सकते हैं कि पीड़ित व्यक्ति के दिल से कैसी आह निकलती होगी…. गौर से देखिए संलग्न तस्वीर को.. इस तस्वीर में हैं रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड मुख्यालय से सटे गांव हरचंडा निवासी सत्यनारयण साहू. एक अन्य तस्वीर है दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने वाले नियमित कॉलम की जिसमें जिनके साथ कुछ गलत हुआ होता है, वो अपनी दास्तान बताते व लिखते हैं. अब आते हैं मूल कहानी पर. सत्यनारायण साहू को मामूली पेट दर्द की शिकायत थी. जब इस रोग के बारे में एक दलाल को पता चला तो उस दलाल ने सत्यनारायण को भरमाकर रांची के पिस्का मोड़ के पास सिटी हॉस्पीटल के एक डॉक्टर के पास पहुंचा दिया. इस तरह भोले भाले सत्यनारायण एक शैतान डाक्टर के चंगुल में फंस गए. डाक्टर ने कसाई बन कर मनचाहे तरीके से पेट को दो-दो बार चीर-फाड़ डाला. सत्यनारायण के पेट में सही तरीके से टांका तक नहीं लगा और डाक्टर ने इस रोगी से करीब एक लाख रुपए ठग लिए. पीड़ित का ताजा हाल यह है कि अपने पेट को बगैर बेल्ट बांधे चल-फिर भी नहीं सकता.



जब पीड़ित को गलत इलाज कर ठगे जाने का भान हुआ तो उसने रांची के दूसरे डॉक्टरों को दिखाया. दूसरे कई डॉक्टरों ने साफ तौर पर कहा कि उसका दोनों बार गलत ऑपरेशन हुआ है…. सीएमसी, वेल्लौर के डॉक्टरों ने भी यही बताया और कहा कि पेट को ठीक करने के लिए पुन: ऑपरेशन करना पड़ेगा जिसमें एक लाख रुपए से ऊपर खर्च आएंगे. अत्यंत शर्म की बात तो यह है कि दैनिक भास्कर, रांची में एक नियमित कॉलम पढ़ कर पीड़ित अखबार के दफ्तर पहुंचा और कॉलमनिस्ट को सप्रमाण सारी बातें बताई…. कालमनिस्ट ने मानवता को शर्मसार कर देने वाली इस गोरखधंधे को बेनकाब कर देने की पहले दुहाई तो दी… लेकिन, बाद में डॉक्टर से मिल कर मामले को दबा दिया….. जाहिर है कि अखबार का यह कॉलम भी दलाली करने का एक जरिया प्रतीत होता है… जो पट गया, वह बच गया और जो न पटा, वह छप गया.. अब आप ही बताइए…. बड़ा कसाई कौन है? डॉक्टर या दैनिक भास्कर?
प्रेषक-लेखक
मुकेश कुमार
रांची
9887495562












ajay sahu
April 19, 2011 at 8:00 am
dainik bhaskar hi bda kasai hai
shivendra khamparia
April 19, 2011 at 9:30 am
भास्कर प्रबंधन को उस रिपोर्टर की खबर लेनी चाहिए
Ankush Acharya
April 19, 2011 at 9:57 am
ये भास्कर वाले तो हैं ही चोर। इनका बस चले तो ये पूरे देश को बेच दें अपने फायदे के लिए। इसी रविवार के अंक में ईमानदारी का ढोल पीटा था भास्कर ने। और असलियत यह है इनकी।
rashbihari dubey
April 19, 2011 at 5:32 pm
turanat bhaskar ke maliko se baat karo,choro ki jamat hai.
rajkumar jain
April 19, 2011 at 7:39 pm
ये भास्कर वाले तो हैं ही चोर। इनका बस चले तो ये पूरे देश को बेच दें अपने फायदे के लिए
Dr. Kumar Kaushal Pandey
April 20, 2011 at 3:36 am
Kuch aise hi patrakar es pavitra peshe ko badnam kar apni dukan chla rahe hai. Doctor ke sath sath patrakar mahoday per bhi karvai ki jani chahiye verna radiya aur media ki khani se patrakarita aur patrakar per se logo ka bishwas khatma ho jai ga.
mohan pande
April 20, 2011 at 1:24 pm
its not correct…Management shld take action
deepesh soniya
April 21, 2011 at 7:53 am
aaj patrkaar apne dharam or sidddhant ko bhul gaye hai
Nishi kant
April 21, 2011 at 3:57 pm
Bhaskar paper ko chahiye ki reporter rakhe to imandar jo sachai ko samne rakhe na ki paisa vasul kare
ashu
May 26, 2011 at 3:11 pm
sudhir ji, plz chek this report and action quickly………
one reader……
ashu
May 26, 2011 at 3:12 pm
sudhir ji, plz chek this repost and action quickly….