संपादक महोदय, भड़ास4मीडिया. इससे पहले भी मैं “दूध फटा” शीर्षक नामसे एक स्टिल पिक्चर भेज चुका हूं. एक नई खबर की पिक्चर भेज रहा हूं. ज़रा, एक और बानगी देखिये. इसे ETV, Rajasthan की पट्टी कहते हैं… “मुख्य सचिव एस अहमद को कोवे ने काटा”. मेरा नाम नहीं दीजियेगा, नौकरी का सवाल है. आपका… xyz


इसको भी पढ़ सकते हैं- जस्टिस जैन के घरवा क दूधवा किसने फाड़ा रे!












abhai
January 22, 2011 at 10:05 am
ये कातिल साहेब पहले राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे फिर इनका प्रमोशन आईएएस में हुआ….ये राजस्थान के चर्चित अफसर रहे हैं जो सत्ता की चाकरी बजाने में माहिर माने जाते थे…मीडिया की ताकत को भांप कर इन्होने ईटीवी पर कब्जा जमा लिया….सत्ता, गणित, जोड़तोड़, पैसा कमाने की चाहत रखने वाले आखिर मीडिया को दे भी क्या सकते हैं क्योंकि इन्हें तो बस इसके इस्तेमाल से लेना और पाना ही आता है….ईश्वर बचाये मीडिया को…
xyz
January 20, 2011 at 2:02 pm
sir
naam to nahi bata sakta mail id bhi galat hai… kyoki mai head office me hi hoon…katil jo na kara de…usko etv wale kahte waise naam bhi ushka yahi hai…lekin sach pucho to wo media ka katll hai…etv achcha chainal hai jo kam kar chuke hain wo jante hain…pert katil ka kya kare…ab to etv me aisi hi khabre chalengi
rishi kumar
January 19, 2011 at 2:25 pm
mere bhai kya tv ki pol khor rahe ho ………………kabhi pepar ko gor se pada hai………
sachh bole nath tiwari
January 30, 2011 at 5:20 am
ईटीव में ऐसी रोजना सौ खबरें चलती है भाई ईटीवी के कर्मचारी कातिल की चमचई करने में लगे हैं और कातिल सरकार की ईटीव का मुख्यालय हैदराबाद नाम का रहा है मुख्यालय तो अब जयपुर या राजस्थान सरकार के किसी मंत्री के दफ्तर में लगा रहता है वैसे भी चमचई करने वाले मलाई खा रहे हैं जैसे की जेपी शर्मा और मनीष को देख लो
sanyogitakumari
February 2, 2011 at 1:36 pm
रामोजी राव बने धृतराष्ट्र। कातिल दद़दू बने दुर्योधन। पीवी नरेंद्रा, राजेश रैना काट रहे मलाई। कंपनी बनी धर्माथ कार्य मंत्रालय। प्रमुख सचिव बने बापीनायडू। जाय देयो भैया किके आग रोना रोवा जाए। मरै देव