: रोहतक के पत्रकारों ने कॉकटेल पार्टी में पार की चमचागिरी की हदें : सांसद का साथ पाकर भूल गए मान मर्यादा : हरियाणा में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को अब भ से भालू नहीं भूपेंद्र पढ़ाया जाएगा। यह निर्णय हरियाणा सरकार का नहीं है, बल्कि हाल ही में प्राथमिक शिक्षक यानि जेबीटी बने रोहतक के एक पत्रकार ने लिया है। बेशक से यह बात रोहतक में पत्रकारों को दी गई एक कॉकटेल पार्टी में उन्होंने मजाक में कही हो, लेकिन इन समेत तमाम पत्रकारों ने चमचागिरी की हद ही कर दी। मुझे यह खबर लिखने का विचार रविवार शाम को भड़ास पर म से मुलायम और म से मायावती शीर्षक पढ़ने के बाद आया।
मैने भड़ास पर प्रकाशित यह खबर तो पूरी पढ़ी नहीं, लेकिन मेरे मन में भ से भूपेंद्र की खबर लिखने का विचार आ गया। दरअसल हरियाणा दिवस के अवसर पर रोहतक के कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा ने पत्रकारों के लिए डिनर का इंतजाम किया था। यह विधायक मुख्यमंत्री के सबसे नजदीकियों में हैं। मदिरा के शौकीन पत्रकार बड़े आराम से 100 पाइपर स्कॉच का आनंद ले रहे थे, जबकि न पीने वाले भोजन का इंतजार कर रहे थे। इस बीच रात करीब नौ बजे हरियाणा के युवराज यानि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सुपुत्र दीपेंद्र हुड्डा का आगमन हुआ। पहले से उनका कोई कार्यक्रम तय नहीं था। बस फिर क्या था पत्रकारों की एक टोली दीपेंद्र के इर्द-गिर्द जमघट लगाकर बैठ गई और शुरू हो गया हरियाणा सरकार की नीतियों का गुणगान।
जिस पत्रकार महोदय का उपर जिक्र किया गया है, वे राष्टीय सहारा अखबार के रोहतक से संवाददाता हैं और उनकी नियुक्ति हाल में हरियाणा सरकार में जेबीटी शिक्षक के तौर पर हुई है। दीपेंद्र के आने से पहले तो यह महोदय आलोचना में जुटे हुए थे, लेकिन युवराज के आगमन के साथ ही इन्होंने सबसे पहले चमचागिरी शुरू कर दी। यह अपना पैग भी भूल गए और दीपेंद्र की चमचागिरी में जुट गए। बोले साहब हरियाणा में कांग्रेस सरकार हमेशा रहेगी। और पता नहीं क्या-क्या बोल पड़े, लेकिन उस समय तो इन्होंने हद ही कर दी जब ये बोले कि अब तो स्कूल में भ से भालू की बजाय भ से भूपेंद्र पढ़ाएंगे। भूपेंद्र से उनका मतलब हरियाणा के मुख्यमंत्री से था। दरअसल दलाल साहब युवराज की इतनी चमचागिरी में इसलिए जुटे हुए थे क्योंकि अब उन्होंने अपनी मनपसंद जगह रोहतक या झज्जर में पोस्टिंग जो चाहिए। इसलिए तो इतना सब कुछ कह डाला।
सांसद महोदय भी इनकी बातों पर खूब खिलखिलाए। ऐसा नहीं है कि सिर्फ यही चमचागिरी में जुटे हुए थे, बाकी और पत्रकार भी कसर नहीं छोड़ रहे थे। एक-दो ने तो समय का फायदा उठाते हुए दीपेंद्र हुड्डा के विरोधी नेता कैप्टन अभिमन्यु की ही आलोचना करनी शुरू कर दी। अभिमन्यु ने भाजपा की टिकट पर दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ दो बार चुनाव लड़ा था और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। एक ने तो अभिमन्यु के बारे में भविष्यवाणी ही कर दी कि यह कभी पंचायत सदस्य तक नहीं बनेगा। यह सब पत्रकार सांसद के साथ डिनर कर खुद को गौरान्वित महसूस कर रहे थे। जिस समय यह सब चल रहा था उस समय मैं दूर एक कौने में बैठा बड़े मजे से अपने दो साथियों के साथ पैग का आनंद ले रहा था। मुझे तो इनकी चमचागिरी की बातों का पता अगले दिन अपने कुछ अन्य मित्रों से लगा। हालांकि मैने बीच में दलाल के बारे में एक टिप्पणी जरूर की थी। जिससे सुनने के बाद वह वहां से चले गए थे। बाकी बातों का तो खुलासा रोज ही हो रहा है।
विधायक तक को नहीं मिली बैठने की जगह : युवराज दीपेंद्र का साथ पाकर रोहतक के पत्रकार आयोजक यानि रोहतक के विधायक भारत भूषण बतरा को ही भूल गए। दीपेंद्र के आने के बाद उन्होंने बतरा को भी बैठने के लिए जगह तक नहीं दी। दीपेंद्र ने तो दो बार बतरा को बुलाया, लेकिन कोई पत्रकार उठे तो बतरा जी बैठें। ऐसे में बेचारे बतरा जी ने दूर रहना ही बेहतर समझा। पत्रकारों को भी था इस दिन का इंतजार बड़े दिन के बाद पत्रकारों को युवराज का साथ मिल रहा था। दरअसल सभी इंतजार भी कर रहे थे कि कब उन्हें मुख्यमंत्री या फिर उनके परिवार के किसी सदस्य का साथ मिले। दरअसल व्यक्तिगत तौर पर तो सभी मौका देखकर मिलते ही रहते हैं, लेकिन बाकी पत्रकारों वे ऐसा दिखाने की कोशिश करते हैं जैसे लंबे समय से उनसे मुलाकात ही न हुई हो। रोहतक में मीडिया क्लब के गठन के बाद से मुख्यमंत्री या उनके परिवार के सदस्यों ने पत्रकारों से थोड़ी दूरी बना ली थी। दरअसल मीडिया क्लब की ओर से आयोजित मीट दि प्रैस में विपक्षी पार्टियों के नेताओं को बुलाया गया था। पहली बार हरियाणा जनहित कांग्रेस के प्रमुख कुलदीप बिश्नोई और दूसरी बार इंडियन नैशनल लोकदल के प्रधान महासचिव अजय चौटाला को। इन कांफ्रेंस का आयोजन मीडिया क्लब की ओर से किया गया था और सभी प्रमुख समाचार पत्रकारों के प्रमुख संवाददाताओं ने शिरकत की थी, लेकिन यह पत्रकार सरकार के नुमाइंदों के सामने अपना स्पष्टीकरण देते ही नजर आए।
लेखक दीपक खोखर रोहतक के युवा पत्रकार हैं.












manoj prabhakar
November 7, 2010 at 2:14 pm
very nice, khokhar bhai, carry on
anand
November 7, 2010 at 4:07 pm
Aaj kal ki duniya he aisi hai deepak bhai
shatrughna gupta
November 8, 2010 at 11:09 am
क्या करोंगे दीपकजी, आज की पत्रकारिता शायद यहीं हो गई है।
Niranjan Rana
November 8, 2010 at 11:58 am
Deepak Bhai Ram Ram
rohtak hi nahi desh ke baki jagah bhi aisa hi hai bhai.
patrkar ab patrkar nahi balki chatukar ho gaye hai……………
abc
November 8, 2010 at 3:56 pm
chamch ka fark hai. kisi ki choti hoti hai to kisi ki badi. kasbo se leker rajdhani tak patrkar to najar ane hi band hi gaye hai aaj.
vicky
November 8, 2010 at 5:41 pm
rohtak hi nahi desh ke baki jagah bhi aisa hi hai bhai.
patrkar ab patrkar nahi balki chatukar ho gaye hai……………
vicky
November 8, 2010 at 5:42 pm
Aaj kal ki duniya he aisi hai deepak bhai