मनोज भावुक को राही मासूम रज़ा सम्मान

वाराणसी में आयोजित विश्व भोजपुरी सम्मलेन के प्रांतीय अधिवेशन में भोजपुरी भाषा को समर्पित युवा साहित्यकार मनोज भावुक को भोजपुरी साहित्य व भोजपुरी फिल्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राही मासूम रज़ा सम्मान से नवाजा गया है. उन्हें सम्मान प्रदान किया उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस सांसद जगदम्बिका पाल ने. इस मौके पर मनोज भावुक ने कहा कि भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए राजनैतिक इच्छाशक्ति का अभाव है.

साथ ही भोजपुरिया लोगों में अपनी भाषा के प्रति हीनभावना इसके सही मुकाम पाने में बाधक बनी है. लेकिन स्थितियां बदल रही हैं. लोगों के विचार बदल रहे हैं. अब लोग भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए किसी भी हद तक जाने का तैयार हैं क्योंकि यह हमारी अस्मिता का सवाल है. भावुक ने संतोष जताया कि भोजपुरी के प्रति अब लोगों का नजरिया बदला है. भोजपुरी पैशन और फैशन बन गया है. अब तो इंटरनेट में भी भोजपुरी की कई संस्थाएं उग आई हैं. लोग सुदूर पश्चिम से अपने वतन के लोगों से भोजपुरी में चैट करते हैं. यह भोजपुरी के लिए शुभ संकेत हैं. भावुक को भोजपुरी गजल संग्रह ‘तस्वीर जिन्दगी के’ लिए भारतीय भाषा सम्मान एंव भोजपुरी गीत संग्रह ‘चलनी में पानी’ के लिए भाउराव देवरस सेवा न्यास सम्मान से नवाजा जा चुका है.

Comments on “मनोज भावुक को राही मासूम रज़ा सम्मान

  • उमाशंकर उपाध्याय says:

    भोजपुरी फिल्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान खातिर आप के एह सम्मान मिलल एकरा खातिर आपके बहुत-बहुत बधाई अउर साधुवाद….!
    भोजपुरी सीनेमा के इतिहास पर आप द्वारा कइल गइल काम मील के पत्थर बा… …!

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  • lal bihari lal says:

    बहुत-बहुत बधाई एकरा खातिर ।
    नेता लोग खा गईल ए भाषा के अब त जे कुछ करी उ बुधिजीवी लोगे करी
    ना त ए से कम बोले जाए वाली भाषा आठवीं अनुसूची में शामिल हो गइल पर भोजपुरी अबही ले ना भइल। का कहीं क्षेत्र के अइसन नेता के………

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