महुआ ने कोलकाता से अपना बोरिया-बिस्‍तरा बांधा, 80 से ज्‍यादा की नौकरी दांव पर

: अब नोएडा से संचालित होगा महुआ इंटरटेनमेंट : कर्मचारियों को एक महीने की नोटिस : मैनेजमेंट ने कहा- नोएडा पहुंचो या नौकरी छोड़ो : नोएडा। महुआ प्रबंधन ने अपने बांग्‍ला इंटरटेनमेंट चैनल का बोरिया-बिस्‍तरा कोलकाता से बांध लिया है। सामान पैक करके इस चैनल को नोएडा शिफ्ट करने की तैयारियां शुरू हो गयी हैं। इंटरटेनमेंट के कर्मचारियों को एक मास का नोटिस थमाते हुए कह दिया गया है कि वे या तो नोएडा दफ्तर में ज्‍वाइन करें या फिर संस्‍थान से नमस्‍ते कर लें।

प्रबंधन के इस फैसले से इस चैनल के 80 से भी ज्‍यादा कर्मचारियों की नौकरी दांव पर लग गयी है। यह सभी अल्‍पवेतन भोगी कर्मचारी हैं। बताते हैं कि प्रबंधन ने यह फैसला इन कर्मचारियों से खुद ही अपना पिंड छुडाने के लिए किया है ताकि यह कर्मचारी खुद ही नौकरी छोड़ दें ताकि श्रमकानूनों की आंच प्रबंधन के चेहरे का झुलसा न सके। प्रबंधन के इस फैसले से महुआ इंटरटेनमेंट सहित बांग्‍ला मीडिया में हड़कंप मच गया है।

खबर है कि महुआ ग्रुप ने महुआ बांग्‍ला इंटरटेनमेंट चैनल को अब कोलकाता से हटाने के अपने फैसले के तहत उसे नोएडा ले आने का आदेश जारी कर दिया है। अब इस चैनल का संचालन और प्रसारण कोलकाता के बजाय नोएडा से ही होगा। अपने इस फैसले के बाद इस चैनल के सभी कर्मचारियों को एक मास की नोटिस दे दी गयी है। नोटिस के मुताबिक इन कर्मचारियों को अब चैनल के साथ ही नोएडा पहुंचना होगा। ऐसे प्रभावित कर्मचारियों की तादात 80 के आसपास है। कहने की जरूरत नहीं कि बेहद कम वेतन पर यहां काम कर रहे इन कर्मचारियों की माली हालत ऐसी नहीं है कि वे खुद को नोएडा शिफ्ट कर सकें। जाहिर है कि ऐसी हालत में उन्‍हें खुद ही नौकरी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा।

बांग्‍ला भाषा में प्रसारित हो रहे इस इंटरटेनमेंट चैनल की हालत हालांकि पिछले काफी समय से खराब ही थी। यह चैनल यहां सबसे नीचे पायदान से कभी भी ऊपर उठ ही नहीं पाया था। जानकारों का कहना है कि चैनल की इस हालत के लिए महुआ में मोटी तनख्‍वाह खींचने वालों की क्रियाविधि ही पूरी तरह से जिममेदार रही है। बड़े पदों पर लाखों रूपयों के वेतन पर लाये गये इन अफसरों ने इस चैनल को तबाह कर दिया।

वैसे भी इसकी शुरूआत से लेकर अब तक पचास से ज्‍यादा लोग इस चैनल को छोडकर जा चुके हैं। अपनी साख कभी भी न बना पाने वाले इस चैनल को लेकर प्रबंधन के रवैये के चलते ही ऐसा हुआ बताया जा रहा है। शुरू से ही बनिया-मानसिकता वाले प्रबंधन से त्रस्‍त इस चैनल में कुछ अनुभवी लोगों को मोटी तनख्‍वाह के लालच में दूसरे चैनलों से यहां खींच लाया गया था, लेकिन इस इस नये फैसले से उनके सपनों को भी रौंद दिया गया है।

Comments on “महुआ ने कोलकाता से अपना बोरिया-बिस्‍तरा बांधा, 80 से ज्‍यादा की नौकरी दांव पर

  • kehne ko toh inke pragya channel me bhi aisa hi kuch chal raha hai…ye log chah rahe hai ki log khud hi naukri chodh kar chale jaye.yaha par bus shivani aggrwal aur uske chamche hi yaha rahenge.jinko kahi aur naukri nahi mil sakti.aur chamcho ke toh naam batane ki jarurat hi nahi hai.sabko pata hai.

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  • mahuaa me aisa ghamsan to hona hi tha kyoki yha par sirf chamcho ki hi dal galti hai sara kam chote pad vale karte hai or moti salary uche pad vala lete hai, agar aisa hi chala to kalktta kya noida se bhi mahuaa ko alvida kahna padega

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  • Priyanka Dev says:

    P.K.T jaisa bada papi aur gira huwa insan Media main sayed hi dusra hoga.gayetri pariwar se wo judawa dikhata hai lekin acharan patit wala hai.main agar muh khol du to wo kahi muh dikhane ke layek nahi rahega. pahle pralovan dekar mahua main lana phir by kah dena uski purani phitrat hai.ab bari Rana and co. ki hai. pata nahi is papi ka ghara kab varega?

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  • andre haguan says:

    mahuaa bangla kolkata mein ek bohut bara company ke hisaab se aaya tha. Mr. Tiwari ne Yubraj Bhattacharya ko 2010 ke Nov mein yeh soch kar responsibility die the ke woh aage mahuaa bangla aur khobor ko ek acchi jagah pe le jayega. lekin Mr. yubraj ne aapna mann mani se is channel mein kuch aise logo ko le aaya jo kam nahi jaanta hai phir bhi high paid salary draw karta hai. Aur kaam ke bande ko naukri se nikaal diya gaya aur jitna kaam ka banda abhi bhi hai un logo ki value nahi hai. Yubraj Bhattacharya ek ghatiya aadmi hai. Uske aane se pehle channel ki TRP thi. Lekin woh aane ke baad sab gaya aur company ki karoro rupaiya loot liya. Jitne bhi logo ko lekar aaya sab ya to uska banda he ya phir facebook ka friend hai. Bohut log aise hai jin logo ko yeh bhi pata nahin colour bar kya hota hai. Agar Yubraj nahin hota to aaj company ki halat acchi hoti. Tiwariji ne uske upar bharosa kiya tha aur chutiya ne dubo diya. Sabse pehle isko aur iski shagirdo ko nikalna chahiye.

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