प्रिंट, इलेक्ट्रानिक मीडिया एवं समाचार एजेंसियों में काम करने वाले पत्रकारों एवं गैर-पत्रकार कर्मचारियों के वेतन निर्धारण के लिए गठित वेतन बोर्डों का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है. अब बोर्ड को अपनी रिपोर्ट 31 दिसम्बर तक सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है.
श्रम और रोजगार मंत्री हरीश रावत ने लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में बताया कि इन वेतन बोर्डों का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है. उन्होंने बताया कि इन बोर्डों को इस साल 23 मई तक ही अपनी रिपोर्ट देनी थी, लेकिन विभिन्न दिक्कतों के चलते बोर्ड समय से रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सके.
उन्होंने बताया कि अब बोर्डों को 31 दिसम्बर तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि वेतन बोर्डों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सरकार पत्रकारों तथा गैर-पत्रकारों के हितों को देखते हुए इसके कार्यान्वयन के लिए जल्द से जल्द अधिसूचनाएं जारी करेगी. गौरतलब है कि मीडिया में वेतन विसंगति को लेकर इन बोर्डों का गठन किया गया है.












kumar kalpit
November 23, 2010 at 6:54 am
aayoug riport de bhi dega to ose lagoo kaun karavega? akhbar ke malikan riport ko u hi lagoo kar degen kaya.palekar,bachavat aur maneshana ki sifarishoon ko kitne akhbar waloon ne mana hai.yadi akhbar wale riport ke anusar vitan aur suvidhayen nahe dete to sarkar unhen dilwavegi. yadi nahi to yaise aayog ka kaya matlb
dhanish
November 23, 2010 at 12:44 pm
ya hui na baat..