मेरे बारे में गुंडा-बदमाश जैसे शब्द का इस्तेमाल करना ठीक नहीं : नितिन दुबे

श्री यशवंत जी नमस्कार, आपके कहे अनुसार मैं अपना पक्ष भेज रहा हूं, आशा है कि आप मुङो निराश नहीं करेंगे। आपके भड़ास4मीडिया पोर्टल में प्रदेश टुडे और मुझे (पत्रकार नितिन दुबे) को लेकर जो समाचार प्रकाशित किया गया है, वो पूरी तरह निराधार है। दरअसल, प्रदेश टुडे में जिस संगठन का विज्ञापन देने का उल्लेख किया जा रहा है, उस संस्था ने प्रदेश टुडे को कोई विज्ञापन दिया ही नहीं और न ही ऐसा कोई आरओ प्रदेश टुडे द्वारा जारी किया गया है।

यही नहीं, इस संस्था से जुड़ा कोई भी व्यक्ति प्रदेश टुडे कार्यालय में आया ही नहीं, और न ही हमारे द्वारा उससे कोई संपर्क किया गया। जहां तक मेरी (नितिन दुबे) बात है तो मैं पिछले 13 सालों से राजधानी भोपाल में बेदाग पत्रकारिता कर रहा हूं। इस बीच मुझे भी खबरों पर कम्प्रोमाइज करने को लेकर कई बार पैसों का ऑफर दिया गया, लेकिन मैंने कम्प्रोमाइज करने की बजाय अपने पत्रकारिता धर्म को हमेशा सर्वोपरि माना। मेरा निवेदन है कि किसी के विषय में बिना जानकारी या उसका पक्ष सुने बिना गुंडा-बदमाश जैसे शब्दों का उल्लेख करना उचित नहीं है। कृपया खबर की शैली में सुधार करें।

सहयोग की अपेक्षा के साथ

नितिन दुबे

पत्रकार

प्रदेश टुडे

भोपाल

ndptbpl@gmail.com

Comments on “मेरे बारे में गुंडा-बदमाश जैसे शब्द का इस्तेमाल करना ठीक नहीं : नितिन दुबे

  • anil shakya says:

    nitin duby ho sakta hai patrakar ho parantu unko ceo satish pimpale ke kahne per kisi ko damki nahi dena chahiye. or aisna ke sammelan ke vigiyapan or 45000/- ki bat hai vo suvyam jante hai ki aaj ke dor me bada ashan hai bahut si bato ko sidh karna. nitin ne pahle din se jo jo bat jis jis se ki hai vo sab gawah hai. 45000/- rs ki koi okat nahi hoti, bat to imandri ki hoti hai, me janta hu pradesh today me nokri ke khatir nitin ko ye sab karna or bhogna par raha hai. vo bhi gada hambal hai kiya karega.

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