: सुनिए इनकी बातचीत का टेप : श्रीमान एडिटर महोदय, भडास4मीडिया, विषय- धंधेबाज पत्रकारों की असलियत उजागर करती ओडियो क्लिप, महोदय आपसे विनम्र निवेदन है कि आप पोर्टल पर इस खबर और टेपों को जरूर प्रकाशित करें ताकि पत्रकारिता को कलंकित कर रहे लोगों के चहरे सबके सामने आ सकें। आपसे उम्मीद ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि आप इस खबर को जरूर प्रकाशित करेंगे। धन्यवाद
पत्रकारिता के नाम पर चौथ वसूली
ठेकेदार से पैसे उगाही करने वाले पत्रकार फंसे
वसूली का फोन हुआ टेप
श्योपुर म.प्र.। मध्यप्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग में चिटफंडिए अखबार परिवार टुडे जो फिलहाल प्रशासनिक कार्यवाही के चलते बंद पड़ा है, के श्योपुर जिला ब्यूरो प्रमुख बालकृष्ण शर्मा और उसके सहयोगी संतोष शर्मा अब पत्रकारिता को कलंकित कर रहे है, क्योंकि उन्हें खबरों से तो कोई लेना देना नहीं बचा है, वे बस सरकारी विभागों और प्राइवेट लोगों को धमकियां भर देकर वसूली कर रहे है।
इन लोगों ने पिछले सप्ताह जब अखबार बंद नही हुआ था, तब एक मेला ठेकेदार को पहले तो कई दिनों तक मेले में जाकर परेशान किया। बाद में उससे 10000 रूपये की मांग करने लगे। शहर में धार्मिक और मनोरंजन मेले को तीन वर्षों से लगाते आ रहे ठेकेदार अजय गौड़ कई बार परिवार टूडे के ब्यूरो प्रमुख बालकृष्ण शर्मा और संतोष शर्मा को टहलाते रहे। इसके जवाब में पत्रकार द्वय लगातार निगेटिव खबरें छापते रहे। साथ ही उससे पैसे की मांग भी करते रहे। तंग आकर ठेकेदार ने पत्रकार साहब की आवाज अपने मोबाइल में टेप कर ली और इस बात का पता जब धंधेबाज पत्रकारों को लगा तो वे उसे फिर से धमकियां दे रहे है।
इन टेपों में सुनिये ठेकेदार और पत्रकार के बीच हुई लेन-देन की बातचीत… कितनी बेशर्मी से पत्रकार ठेकेदार से 10000 रूपये की मांग कर रहा है… ये आप खुद ही सुन लीजिए…
…ठेकेदार-पत्रकार वार्ता (पार्ट एक)
…ठेकेदार-पत्रकार वार्ता (पार्ट दो)
…ठेकेदार-पत्रकार वार्ता (पार्ट तीन)
प्रेषक
अजय गौड़
मेला ठेकेदार
ग्वालियर












virendragupta
June 14, 2011 at 9:41 am
यह लोग आज की पत्रकारिता के नाम पर काला दाग हैं
कुमार सौवीर, लखनऊ
June 14, 2011 at 10:15 am
हे पराड़कर जी ।
कहां हो तुम और तुम्हारी आत्मा ।
अब क्या यही दिन देखना बचा था।
अरे भइया, कोई तो लाओ चुल्लू भर पानी। जिसमें बालकृष्ण शर्मा और संजीव शर्मा की नाक तो कम से कम डुबा ही दी जाए।
हद कर दी बेशर्मी की।
कुमार सौवीर, लखनऊ
Rajesh Kumar
June 14, 2011 at 11:33 am
Patrakarita ke nam par ye dono badnuma dag hian.inhe sareaam bich chowk par sirmundan kar inke chere par kalikh pot dena chahiye taki dusre ko bhi isse sabak mil sake.< Rajesh> giridih .Jharkhand
Abdul salam korea chhattisgarh
July 29, 2011 at 3:56 pm
Bahut Acchhe.