: राष्ट्रीय सहारा और डीएनए के जर्नलिस्टों पर फर्जी मुकदमे लादने के खिलाफ पत्रकारों ने दिया ज्ञापन : उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से खबर है कि यहां क मोतीपुर थाना इंचार्ज एवं सी.ओ. नानपारा ने दो पत्रकारों पर फर्जी मुकादमा दर्ज करा दिया है. इससे आक्रोशित पत्रकारों ने जिलाधिकारी निवास पर धरना दिया और महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा.
जिन दो पत्रकारों पर फर्जी मुकदमें दर्ज कराए गए हैं उनमें एक राष्ट्रीय सहारा के मिहींपुरवा संवाददाता दुर्गेश कुमार हैं और दूसरे डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट अखबार के रिपोर्टर अनिल कुशवाहा हैं. पुलिस इन दोनों से इसलिए नाराज थी क्योंकि इन लोगों ने अपने अपने अखबारों में पुलिस के खिलाफ खबरें भेजीं जो छपी भी. पुलिस के खिलाफ समाचार छपने से स्थानीय पुलिस ने कुछ पेशेवर लोगों से सांठगाँठ करके इन दोनों के खिलाफ दलित उत्पीडन का मुकदमा दर्ज करा दिया.
पुलिस की इस कार्रवाई से जनपद के पत्रकारों में रोष व्याप्त है. पत्रकार एस.एम. कादरी, कुंवर दिवाकर सिंह, अज़ीम मिर्ज़ा, एस.पी.मिश्र, आजय शर्मा, शब्बीर साहिल अंसारी, मुश्ताक खान, डा. ममता सिंह परिहार ने रोष प्रकट करते हुए राज्यपाल को प्रेषित ज्ञापन में फर्जी मुक़दमे को समाप्त करने व पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कारवाई की मांग की है.












आफताब, बहराइच (उ०प्र०)
July 10, 2011 at 2:46 pm
पत्रकारों पर पुलिसिया ज़ुल्म के मामले आम होते जा रहे है. लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कोई कानून बनना चाहिए.
आर० जी० निगम, बाराबंकी
July 10, 2011 at 2:51 pm
पत्रकारों को फर्जी मामलों में फ़साना अब पुलिस के लिए आम होता जा रहा है, इसलिए बिना सक्षम अधिकारी से जांच कराये पत्रकारों पर कोई मामला दर्ज नहीं होना चाहिए.
ajay pal
July 10, 2011 at 5:27 pm
police ke pass keval mukadma darj karwane ka hi power hota hai..aur kuch nahi……..
ajaykumar
July 11, 2011 at 7:14 am
pattraro ki chhanbeen kar mukkadma kiya jaye
police ko farji mukkadama darj karne ke karn un
police ke oopar karyvahi ki jaye
agar aise hi pattrkar police ke khilap news dete rhe to police hamesha
farji mukkdma darj kar pattrkaro ko dabati rhegi to pattrkar khabar kaise dhikayenge
shiva shanker pandey
July 11, 2011 at 1:59 pm
mamle ko halke me lena theek nahi hai.janch ker doshiy ko seja di jay.
kuldeep jajoo
July 12, 2011 at 1:16 pm
police unhe kyu pratadit nhi karti jo aaye din u.p me hone wale crime ko aanjam deti h. bus wo to aam aadmi aur journalist ke piche pad jati h. kuldeep jajoo mass communication
Syed Mazhar Husain
July 14, 2011 at 2:24 pm
Ye koi Nayi baat nahi hai UP ki Hukumat Chahti hai ki Patrkaar unke Jarkhareez Gulaam bankar rahe jaisa wah chahe waisa hi nachaye isi wajah se Police wale Patrkaro ko Pareshaan kiya karte hai ..abki jab Police wale Pareshaan kare to Patak kar chadh lena. kamsek FIR sahi maamle ka darj ho