: मामला पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन का : महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन की कार्य परिषद के एक पूर्व सदस्य और दैनिक राज एक्सप्रेस, इंदौर के मार्केटिंग प्रभारी हर्ष जायसवाल के खिलाफ सोमवार को धोखाधड़ी की धारा 420, 467, 468, 471 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्घ हो गया है। विश्वविद्यालय की ओर से दिए गए आवेदन की जांच के बाद यह प्रकरण दर्ज किया गया है।
माधवनगर थाने में दर्ज प्रकरण के अनुसार हर्ष जायसवाल 25, लक्ष्मीबाई मार्ग मालीपुरा विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में सदस्य के रूप में नामांकित थे। आवेदन के अनुसार उन्होंने 17-18 अगस्त को स्थापना दिवस के कार्यक्रम के अवसर पर भोपाल से उज्जैन आने-जाने के लिए उज्जैन-भोपाल के मध्य यात्रा दर्शाते हुए वाहन टैक्सी के तीन हजार रुपए का फर्जी बिल विश्वविद्यालय के समक्ष प्रस्तुत किया था। मामले में कुलाधिपति ने 4 नवंबर- 10 को उनकी सदस्यता समाप्त कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 26 नवंबर-10 को उनके खिलाफ थाने में आवेदन दिया गया, जिसकी जांच के बाद प्रकरण दर्ज किया गया है।
यह है मामला – फर्जी बिल के आधार पर टैक्सी का किराया वसूलने के मामले में शिकायत राजभवन में की गई थी। राजभवन ने इस मामले में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति से विस्तृत जांच प्रतिवेदन मांगा था। प्रतिवेदन के अनुसार वाहन क्र. एमपी-04-सीई-8666 निजी वाहन है और यह दर्शायी गई तिथि पर उज्जैन-भोपाल के मध्य टोल प्लाजा से नहीं गुजरा था। इसके अलावा जांच अभिलेख में इस निष्कर्ष का उल्लेख भी किया गया था कि हर्ष जायसवाल ने उज्जैन निवासी होने के बावजूद स्थापना दिवस समारोह में भोपाल से उज्जैन और फिर उज्जैन से भोपाल तक की यात्रा का जाली बिल प्रस्तुत करते हुए नियम विरुद्घ टैक्सी किराए की राशि तीन हजार रुपए प्राप्त की। उनका यह कृत्य विश्वविद्यालय के हितों के विपरीत है। साथ ही यह कृत्य एक आपराधिक साजिश होकर दंडनीय अपराध है।
उज्जैन से डा. अरुण जैन की रिपोर्ट.












dharmendra
January 10, 2011 at 9:22 am
harsh ji,
ye jhutha prakran aap par dabaw ke chalte lada gaya hai is pure khel me kulpati mohan gupt ke sath malpani jo kulpati ka aaka hai usne bhi puri takat laga di thi or apne kale karnamo ki pool khul na jaye is dar ke chalte aarop laad diya par aap is pure mamle ko lekar KULADHIPATI ji se milna or unhe pure mamle ki jankari dena taki dusra koi inka shikar na ban sake ye sirf rupayo ke sage hai inka pariwar sirf rupaya hai ye KULADHIPATI ji ko bata dena…. all d best