नवभारत टाइम्स और जनसत्ता में लंबे समय तक काम करने के बाद पिछले पांच वर्षों से एनएन ओझा की मैग्जीन ‘प्रथम प्रवक्ता’ में बतौर प्रधान संपादक काम कर रहे वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. राम बहादुर राय ने अपने तेवर के जरिए प्रथम प्रवक्ता को चमका दिया और पूरे देश में इसे स्थापित किया. राम बहादुर राय का कहना है कि उन्होंने अपना इस्तीफा 22 नवंबर को भेज दिया था. सूत्रों के मुताबिक प्रबंधन के लोग मैग्जीन को लेकर बहुत गंभीर नहीं थे इस कारण मैग्जीन में काम करने की स्थितियां लगातार खराब होती जा रही थी. संभवतः इसी कारण राम बहादुर राय ने इस्तीफा दिया. राम बहादुर राय के इस्तीफे पर प्रबंधन की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं आई है लेकिन खुद राम बहादुर राय ने साफ कर दिया है कि वे अब इस मैग्जीन के आफिस नहीं जाने वाले.












0m prakash gaur
December 8, 2010 at 2:30 am
रामबहादुर राय जी सूरज हैं. उनके प्रकाश और प्रताप से संस्था चमकती है.
ओम प्रकाश गौड़ भोपाल मो- 09926453700
बिल्लू
December 8, 2010 at 4:47 am
रामबहादुर राय जी आपके बगैर प्रथम प्रवक्ता अधूरी ही रहेगी। लेकिन सही है जब प्रबंधन गंभीर न हो तो काम करना मुश्किल हो जाता है। वैसे इन दिनों मीडिया जगत से जो खबरें आ रही हैं उससे ही पता चलता है कि प्रबंधन केवल पैसे के प्रति गंभीर है खबरों के प्रति नहीं। इन दलालों के बीच आप जैसे महापुरुष का चलना कठिन है।
deenbandhu singh
December 8, 2010 at 3:40 pm
rai sahab se abhi bahut ummid hai hum sab ko. ab kuchh achha hi hoga.
deenbandhu singh
December 8, 2010 at 3:44 pm
rai sahab se hum sab ko bahut ummid hai. ab kuchh achha hi hoga.
deenbandhu singh-9911073655
sugriv
December 12, 2010 at 3:03 am
प्रातः स्मरणीय ,आदरणीय ,पत्रकारिता के भीष्म पितामह राय साहब की तारीफ़ करना तो सूरज को दिया दिखाना है .वे जहा से भी हटे या हटाये गए वह अखबार निपट गया .चाहे नवभारत टाइम्स हो या जनसत्ता अब कौन पढता है इन्हें .प्रथम प्रवक्ता भी अब नही बचेगा .आदरणीय ने पूरे देश में पत्रकार भक्तों की जो फौज बनाई है वह उनके पीछे है . हम सब का आग्रह है कि आप अब नया अखबार निकलकर दिखा दें कि पत्रकारिता क्या होती है . हम सब साथ है .
pramodpal singh meghwal
December 12, 2010 at 12:56 pm
accha kiya.