केन्द्रीय मंत्री शरद पवार के माफी मांगने की बात कहने के बाद महाराष्ट्र के पत्रकारों ने बहिष्कार वापस ले लिया. शरद पवार ने कहा था कि उनके भतीजे और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने पत्रकारों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है तो उन्हें इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने में कोई परेशानी नहीं है.
महाराष्ट्र में पत्रकार अजित पवार की नांदेड़ सभा में की गई टिप्पणी के बाद से आंदोलन कर रहे थे. इस सभा में पुलिस वालों ने पत्रकारों से दुर्व्यवहार और मारपीट भी की थी. पत्रकारों ने अपनी बात सीएम तक भी पहुंचाई परन्तु उन्होंने टालमटोल का रवैया अपनाया. जिसके बाद पत्रकारों ने सीएम और डिप्टी सीएम के सभी कार्यक्रमों के बहिष्कार का एलान कर दिया था. लगातार इन लोगों के कार्यक्रमों का कवरेज नहीं किया जा रहा था. अजित पवार ने भी पत्रकारों से माफी मांगने से इनकार कर दिया था.
इस मसले को सुलझाने के लिए राकांपा अध्यक्ष एवं केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार सामने आए. उन्होंने कहा कि गलती होने पर उन्हें सार्वजनिक रूप से एनसीपी प्रमुख होने के नाते माफी मांगने में कोई दिक्कत नहीं है. शरद पवार के बयान के बाद आपसी सहमति के बाद पत्रकारों की संस्था पत्रकार हल्ला विरोधी समिति की बैठक में बहिष्कार समाप्त करने का निर्णय लिया गया.
समिति ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में मीडिया पर होने वाले हमलों से संबंधित कानून तत्काल लागू करने की मांग को लेकर पत्रकार आगामी 15 फरवरी के होने वाले अपने प्रदर्शन को जारी रखेंगे. इस प्रदर्शन को नहीं रोका जाएगा. गौरतलब है कि कई मामलों को लेकर पत्रकार पूरे राज्य में तालुका स्तर पर 15 फरवरी को प्रदर्शन करने वाले हैं.











