16 जुलाई की शाम सयाजी महल, इंदौर में भरोसा न्यास की ओर से आयोजित काव्य संध्या में शायर निदा फ़ाज़ली और शायर देवमणि पाण्डेय ने कविता पाठ किया। रचनात्मक योगदान के लिए प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री सत्यप्रकाश (मुम्बई) और साम्प्रदायिक सदभाव के लिए डॉ.नौशाद अली सैयद (दिल्ली) को सम्मानित किया गया।
भरोसा न्यास की ओर से अतिथियों का स्वागत श्री शरद डोसी ने किया। इस अवसर पर प्रमुख अतिथि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति श्री मार्कण्डेय काटजू ने प्रस्ताव रखा कि हिंदुस्तान की साझा संस्कृति के महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। वहाँ मौजूद जन समुदाय ने हाथ उठाकर इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया।












Girish Mishra
July 18, 2011 at 2:57 pm
Why only Ghalib? Why not Kalidas, Tulsidas, kabir, Banbhatta, Tagore, etc.? This is ridiculous.
मदन कुमार तिवारी
July 19, 2011 at 5:11 am
खैर भारत रत्न से सम्मानित किया जाय नही लेकिन गालिब को जो मुकाम हासिल है वह हजारो भारत रत्न वालों से ज्यादा उंचा है । अब रही गिरीश मिश्रा जी की बात तो भाई आपको किसने रोका है , जो भी नाम आपने गिनाये है सभी उस योग्य है लेकिन आपका चश्मा सम्प्रदायिक है । आपलोगों के साथ यही समस्या है बाल की खाल निकालना शुरु कर देते हैं , काटजू साहब ने मना तो नही किया की गालिब के अलावा और किसी को नही मिलना चाहिये । यार सोच को थोडा व्यापक बनायें ।