सुभारती ग्रुप अपना टीवी चैनल लांच करने जा रहा है. इनका दावा है कि वे राष्ट्रीय टीवी चैनल शुरू करने जा रहे हैं. और ये दावा इनका करीब दो वर्ष पहले से है. पर अभी तक चैनल शुरू नहीं हो सका है. ताजी सूचना ये है कि इस ग्रुप ने सुभारती टीवी चैनल के लिए एक विज्ञापन अखबारों में प्रकाशित कराया है जिसमें कई पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की मांग की है. बात बस इतनी-सी होती तो कोई बात नहीं. पर सुभारती वालों का दिमाग देखिए कि ये टीवी चैनल लांच करने से पहले ही ठीकठाक कमाई करने के फेर में पड़ गए हैं.
ऐसा पहली बार मीडिया क्षेत्र में हो रहा है कि आवेदन करने वालों से 100 रुपये का बैंक ड्राफ्ट मांगा जा रहा है. विज्ञापन में साफ कहा गया है कि बायोडाटा, पासपोर्ट साइज फोटो और सौ रुपये का ड्राफ्ट सुभारती के पते पर भेजें. अब सोचिए जरा. 100 रुपये का ड्राफ्ट बनाकर कोई बेरोजगार पत्रकार भेजेगा लेकिन गारंटी नहीं है कि उसे रोजगार मिलेगा. बेरोजगारों की बड़ी संख्या को देखते हुए कई मीडिया हाउस अब इनके जेब से पैसे निकालने के प्रयास कर रहे हैं. हिंदुस्तान वालों ने करियर की एक मैग्जीन लांच की है, जिसे पाने के लिए मूल्य चुकाना होगा. चाहते तो ये करियर की मैग्जीन को हिंदुस्तान अखबार के साथ फ्री में पाठकों को दे सकते थे लेकिन ऐसा नहीं किया.
इन्हें लगता है कि बेरोजगारों को रोजगार की सूचना देकर उनसे पैसे निकलवाए जा सकते हैं. कई मीडिया हाउस अंग्रेजी या हिंदी में करियर की मैग्जीन निकाल रहे हैं. प्रतियोगिता दर्पण जैसी मैग्जीन सिर्फ बेरोजगारों के भरोसे खूब बिक रही है और खूब कमाई कर रही है. करियर या प्रतियोगिता पर मैग्जीन तक तो मामला समझ में आता था लेकिन कहीं पर नौकरी पाने के लिए सौ रुपये का ड्राफ्ट भेजना पड़े, यह पच नहीं रहा है. यह सीधे सीधे बेरोजगारों से छल है. इस बात की भी गारंटी नहीं है कि जिनको रोजगार नहीं मिलेगा, उनके क्या ड्राफ्ट वाले पैसे वापस मिल पाएंगे.
सुभारती ग्रुप के बारे में कहा जाता है कि ये लोग पत्थर में से भी तेल निकालने में उस्ताद है. हर चीज से पैसा बनाने की सोच रखते हैं. पर नाम देते हैं समाजसेवा का. मेडिकल हो या मीडिया, सुभारती ने सारा तामझाम समाजसेवा के नाम पर खड़ा किया है. ट्रस्ट के नाम पर कई सारे लाभ ले रहे हैं और ढेर सारे टैक्सेज से बच रहे हैं. लेकिन अंततः इनका मकसद पैसे कमाना होता है. यहां हम सुभारती के टीवी चैनल वाले विज्ञापन को प्रकाशित कर रहे हैं जो एक अखबार में छपा है. आप पढ़ सकते हैं कि इसमें आवेदकों से सौ रुपये का ड्राफ्ट मांगा गया है. भड़ास4मीडिया सभी मीडियाकर्मियों से अपील करता है कि वे किसी लालच न पड़ें और सौ रुपये गंवाने से बचें. आगे भी अगर कोई मीडिया हाउस जाब की वैकेंसी निकालता है और आवेदकों से पैसे मांगता है तो उसका बहिष्कार सभी मीडियाकर्मी करेंगे और ऐसे मीडिया हाउसों पर थू थू करेंगे.













veer chauhan
May 10, 2011 at 5:55 pm
अरे ये सुभारती वाले तो चोर हैं साले मेरठ के हिस्ट्रीशीटरों में गिनती है इनकी चैनल का लाइसेंस तो दूर की चीज़ है इन्हें तो बैल गाड़ी चलाने का लाइसेंस भी नहीं मिलेगा सालों कोढ़ियों हराम के है ना गरीब पत्रकारों के पास 100 रुपये या तुम्हारी घरवाली को मुह दिखाई देने के नाम पर मांग रहे हो कंगलों भिखारियों थू थू थू थू
dr santosh ojha
May 11, 2011 at 10:20 am
गुरु, किसी को गरिआने से पहले हम क्यों भूल जाते है कि हम ऐसा क्यों कर रहे है , तमाम ऐसे गुप है जो पत्रकारों का हर क्षण दोहन कर रहे है जिसका जानकारी आप को भली प्रकार से है इनके लिए कौन क्या कर रहा इसका जबाब हम किसी के पास नहीं है रही बात आर पी सर क़ी उनकी शायद कुछ मज़बूरी होगी आखिर मालकन भी तो कोई चीज है
ईश्वर हमको सदबुद्धि दे !
:'(
May 8, 2011 at 12:59 pm
थू – थू -थू , थू – थू -थू ,थू – थू -थू .
dost
May 8, 2011 at 1:15 pm
आर. पी. तुम से ऐसे उम्मीद नहीं थी तुम तो पुराने और साफ़ छवि के पत्रकार हो यार लूट खसूट का ऐसा काम कैसे कर दिया गलत है भाई अपनी छवि न खराब करो इसे बनाने में तुमने काफी संगर्ष की है मैंने देखा है तुम को
bhimmanohar
May 8, 2011 at 1:22 pm
khulne se pehle band ho jayega yeh channel ………………….
shaiendra
May 8, 2011 at 2:31 pm
थू – थू -थू , थू – थू -थू ,थू –
pankaj
May 8, 2011 at 6:11 pm
are iss se achha tto yahi hoga ki rp singh team kattoirra le ker sadko per baidth jaye
ajay
May 9, 2011 at 3:56 am
saalo katora lekar bheekh maago
jasvinder singh sabharwal
May 9, 2011 at 4:07 am
this is the right way…………………
dalipkumarmeena
May 11, 2011 at 11:03 am
ऐसे चैनल मीडिया को बदनाम करने में लगे हुए है ऐसे चैनलों का भंडाफोड़ जरुरी है साथियो.. इनका सिर्फ मकसद पैसे कमाना होता है..इन्ही की वजह से आज मीडिया पर आये दिन छीटाकशी हो रही है.. भाई इसमें जाकर अपनी छवि न खराब करो? और औरो को भी बचाओ ?..
BHARAT YADAV KAKORI LUCKNOW
May 9, 2011 at 7:37 am
india ka koe jila koe dafter koe loktntr ka khamba sysaa nahe bacha hay jis per brasta char ke aroopo ke cheaty na pade ho to yay kaise pachye rah sakte thay
bharat yadav kakori
BHARAT YADAV KAKORI LUCKNOW
May 9, 2011 at 8:49 am
ab naukre lane hay to paisa to dana padaga… ek hath lo ek hath do..tv channel ho ya sarkari naukri.. ……………brastachar
Rahul
May 9, 2011 at 9:05 am
अरे भाई ……यू.पी. में इस तरह के कई चनैलो प्रचार रन कर रहे है ,20 से 25 हजार तक ले रहे है और देने वाले दे रहे है ,100 रुपे तो मामूली बात है …….Rahul
Akhilesh kumar
May 9, 2011 at 1:14 pm
SINGH SAHAB(R.P.SINGH) aap itana experienced aur profession ke prati honest hokar bhi aise kaise ho sakate hain? 100 rs. lekar interview
ke liye invite karane wali sanskriti ke aap nahi hain. hum aur aapko janane wale janate hain. pl. aisa mat kijiye. Aapki honest aur profession ke prati samarpit image ke liye bhi yeh suchana thik nahi hai. Vishwas nahi hota aapki leadeship me aise -kaise ho raha hai?
prashant
May 9, 2011 at 2:16 pm
are bhai ye aise hi hai paisa kamane me aage
pata lag jaye ki koi office chodne wala hai to salary bhi nahi dete
sunita
May 9, 2011 at 2:35 pm
rp se or umeed kya ki ja skti hai sala kamina hai
or kaminapan dikhata rhta hai
sachin
May 10, 2011 at 8:24 am
harma ke bachooo bhek Mang Lo
tumarrr?????????????????
Samja Gaya
अभिषेक
May 10, 2011 at 8:24 am
जहां तक मुझे खबर है, सुभारती वालों ने एक खबरिया चैनल के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनका लाइसेंस रिजेक्ट हो गया. बाद में क्या हुआ पता नहीं. अब लाइसेंस के लिए दोबारा आवेदन भेज दिया है शायद, लेकिन इस बार पास हो या फेल नुकसान किसी का नहीं होगा. खर्च तो आवेदन करने वाले पहले ही दे देंगे.
Rohit
May 10, 2011 at 8:36 am
ईश्वर आपको सदबुद्धि दे !
rohit
May 12, 2011 at 1:16 pm
sir app to aase nathe. ???????????
sonu
May 12, 2011 at 1:17 pm
bhagwan hi malik hai.
arvind jha
May 17, 2011 at 10:20 am
जलील मण्डली का एक और जलील कारनामा…..
इन कमीनो से यही उम्मीद की जा सकती है……