Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

‘हिन्दुस्तान’ फैला रहा नरौरा में ‘रेडिएशन आतंक’

सुर्खियों में बने रहने के दो तरीके होते है, एक नाम से और दूसरे बदनाम से। मेरठ में संप्रदायों के बीच जहर घोलने के लिए बदनाम हो चुके ‘हिन्दुस्तान’ ने बुलंदशहर में भी कुछ इस तरह ही रफ्तार पकड़ी है। बुलंदशहर संस्करण के पेज तीन पर 27 अक्टूबर के अंक में एक खबर छपी है। शीर्षक है- नरौरा पावर प्लान्ट- 85 गॉवों में रेडियेशन का असर। खबर में लिखा है कि नरौरा एटॉमिक पावर प्लांट से निकलने वाला रेडियेशन 85 गॉवों के वाशिन्दों पर असर पड़ रहा है।

सुर्खियों में बने रहने के दो तरीके होते है, एक नाम से और दूसरे बदनाम से। मेरठ में संप्रदायों के बीच जहर घोलने के लिए बदनाम हो चुके ‘हिन्दुस्तान’ ने बुलंदशहर में भी कुछ इस तरह ही रफ्तार पकड़ी है। बुलंदशहर संस्करण के पेज तीन पर 27 अक्टूबर के अंक में एक खबर छपी है। शीर्षक है- नरौरा पावर प्लान्ट- 85 गॉवों में रेडियेशन का असर। खबर में लिखा है कि नरौरा एटॉमिक पावर प्लांट से निकलने वाला रेडियेशन 85 गॉवों के वाशिन्दों पर असर पड़ रहा है।

इस असर के कारण लोगों में विकलांगता, अंधता, त्वचा का रंग काला पड़ना के अलावा पशुओं में बांझपन और फसलों पर दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे है। ‘हिन्दुस्तान’ ने इस खबर को यूपी सरकार के एक शासनादेश पर गठित ईपीजेड जोन कोर कमेटी के हवाले से छापा गया है। ‘हिन्दुस्तान’ में छपी इस खबर से नरौरा एटॉमिक पावर प्लान्ट प्रबंधन के अलावा कोर कमेटी भी हतप्रभ है। कोर कमेटी के अध्यक्ष ओपी माहेश्वरी का कहना है कि उन्होंने अभी तक सर्वे का काम तक पूरा नहीं किया है। फिर रिपोर्ट कहां से बन गई। फिर भी रेडियशन जांचने का उनके पास ना तो कोई अधिकार है और ना ही कोई उपरकण। खबर में कोर कमेटी के एक सदस्य उमेश गुप्ता का बयान तथ्यों की पुष्टि के लिए छापा गया है। खबर छपने के बाद कोर कमेटी की इमरजेंसी बैठक में उमेश गुप्ता ने हिन्दुस्तान में छपे बयान का लिखित रूप में खंडन किया है।

उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री के सचिव नवनीत सहगल ने इसी साल एक जुलाई को एक शासनादेश जारी कर इस कोर कमेटी के गठन के आदेश दिये थे। इस कमेटी के गठन के पीछे सरकार की मंशा थी कि नरौरा पावर प्लान्ट प्रशासन ईपीजेड जोन (आपातकालीन योजना क्षेत्र) के वाशिंदों को मानकों के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, तथा सड़क, बिजली, पानी की वे सारी सुविधाएं मुहैया कराये जिनका वायदा उसने यहां के ग्रामीणों की जमीन अधिग्रहण करते वक्त किया था। इस कमेटी को क्षेत्र में सर्वे करके रिपोर्ट शासन को भेजनी थी। इस कमेटी में डिबाई में अमर उजाला के पत्रकार ओपी माहेश्वरी (अध्यक्ष), के अलावा जिला प्रशासन की ओर से बुलंदशहर के एडीएम (एफ), डिबाई के एसडीएम, नरौरा एटॉमिक पावर प्लांट से एचआर मैनेजर पीएस तौमर, सिविल इंजीनियर एसए फारूखी तथा जनता के सम्मानीय लोगो में जयंती प्रसाद, अनिल शर्मा, अरूण ठाकुर और उमेश गुप्ता को सदस्य बनाया गया था।

मुद्दा ये है कि ‘हिन्दुस्तान’ में नरौरा एटॉमिक पावर प्लांट के रेडियशन से 85 गॉवों को प्रभावित होना बताया गया है, और हवाला है कोर कमेटी की सर्वे रिपोर्ट का। मगर हकीकत ये है कि कोर कमेटी का रेडियशन जैसे अति संबेदनशील मामले से कोई लेना-देना नही है। उसे केवल क्षेत्र में पावर प्लांट द्वारा अब तक मुहैया कराई गई सुविधाओं और क्षेत्र की परेशानियों को सरकार के सामने रखना है। खबर को भयावहता देने के लिए लिखा गया है कि – जिन किसानों के खेत प्लांट के पास है, उनको पानी व भाप के माध्यम से रेडियशन का प्रभाव पड़ रहा है। लोगों के बदन पर काले दाग व खुजली की शिकायतें ज्यादा हैं। बच्चों के पैर मुड़े हुए हैं और काफी बुजुर्गों की चमड़ी उतरी हुई है। 50 की उम्र पार कर चुके लोग हड्डियों के ढांचे में तब्दील हो चुके है।

इस खबर में क्षेत्रीय विधायक गुड्डू पंडित का ब्यान भी जोड़ा गया है जिनके मुताबिक रिपोर्ट की सीडी शासन को भेजी है, लेकिन विधायक ने इस तरह की सीडी की जानकारी से साफ इंकार किया है। सवाल ये है कि नरौरा क्षेत्र के इन 85 गॉवों को एटॉमिक रेडियशन प्रभावित घोषित करके हिन्दुस्तान आखिर किसका भला करना चाह रहा है। इस खबर से क्षेत्र के गॉवों में तमाम तरह की अफवाहें आना शुरू हो गई है। दिल्ली के कोबाल्ट से डरे लोग यहॉ के रेडियशन के डर से पलायन कर जाना चाहते है। अगर ऐसा हुआ तो क्या लाखों लोगो के पलायन की जिम्मेवारी हिन्दुस्तान के सिर होगी और जिले भर के अलावा आसपास के इलाकों के लोग भी यहॉ रहना शायद ही पसंद करें। जिम्मेवारी सरकारों की भी है कि वे अखवार के इस गैर संवेदनशील रवैये को लेकर हिन्दुस्तान प्रबंधन से सवाल करें, लेकिन राज्य और केन्द्र की सरकारें ‘हिन्दुस्तान’ की इस लापरवाही और गैर जिम्मेदारान रवैये पर चुप्पी साधे हुए हैं।

बुलंदशहर से आई एक चिट्ठी पर आधारित. अगर इस चिट्ठी के तथ्यों से किसी को असहमति है तो वह अपने विचार नीचे कमेंट बाक्स में लिख सकता है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. ankit chauhan

    November 2, 2010 at 4:27 pm

    khabar main kitni sachhai hai ye toh letter se pata lagega jo sasan ko bheja gaya hai. aisa nahi hai ki khabar jhoti hi ho. pehle kisi par ungli uthana se pehle poori jankari karni jaroori hai. jis reporter ne khabar likhi hai uspar report ki copy toh hogi

  2. hansika

    November 2, 2010 at 5:11 pm

    Aadarneeya ankit ji,
    Rediatation Jante hai aap kya hota hai. Agar jankari kam hai to jara kuch mahino peeche jaaiye. Delhi me Kobalt-60 mila tha. Us ghatana par Sarkar aur media ki seriousness bhi dekhi hogi. us maamle me pidit log gine ja sakte the. Lekin Hindustaani Reporter ne itani labbi Gaap maari hai ki, bas pach nahi rahi. aur fir Central Govt ke permission ke bina mujhe nahi lagta ki is serious matter par koi commetti banani chahiye. Aur fir jis commetti ke hawale se khabar hai uska rediatation se koi lena-dena nahi. Ek patrakaar hone ke naate kya jimmewari nahi hoti ki serious mamalo ki gahraayi me jaya jaaye. Kewal sasti byline ke liye laakho logo ki jindagi khatare me daal di jaaye.
    Hansika

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...