: यूएनआई टीवी में एडिटर एट लार्ज के पोस्ट पर ज्वाइन किया : टीवी9 से इस्तीफा देने वाले चर्चित एवं वरिष्ठ पत्रकार अजीत साही यूएनआई पहुंच गए हैं. उन्होंने एडिटर एट लार्ज के पद पर यूएनआई ज्वाइन किया है. वे यूएनआई में क्रिटिकल इशुज देखेंगे. यूएनआई ज्वाइन करते ही अजीत साही को मिस्र की बगावत कवर करने का मौका मिल गया है. वे अपनी टीम के साथ इस समय मिस्र में डेरा डाले हुए हैं.
टीवी न्यूज इंडस्ट्री के वरिष्ठ पत्रकार अजीत साही की गिनती बेहद उर्जावान एवं क्षमतावान लोगों में की जाती है. यूएनआई में अब वे स्पेशल एसाइंमेंट देखेंगे. नक्सल इशु, नार्थ इस्ट आंदोलन, विदेशों में हलचल जैसे मामले उनके जिम्मे रहेंगे. यूएनआई ज्वाइन करते ही वे मिस्र की बगावत कवर करने निकल गए हैं. इस आंदोलन को कवर करने के लिए अपनी पूरी टीम के साथ काहिरा में डेरा डाले हुए हैं. यूएनआई प्रबंधन का दावा है कि इस बगावत को कवर करने वाली यूएनआई एशिया की पहली न्यूज एजेंसी बन गई है.
अजीत साही काफी सिंसियर पत्रकार माने जाते हैं. बेहद डाउन टू अर्थ होने के साथ-साथ विचार के लेवल पर तीक्ष्ण व जनपक्षधर हैं. वे खबर की तह तक पहुंचने में विश्वास रखते हैं, जिसे ज्यादातर पत्रकार उपर से, सतह से, छूकर निकल जाते हैं. टीम लीडर के रूप में अजीत ज्यादातर मौकों पर सफल नहीं रहे हैं. माना जा रहा है कि उनकी इंडिविजुअल क्षमता को देखते हुए ही यूएनआई ने उन्हें अपने स्पेशल एसाइंमेंट के लिए अपने साथ जोड़ा है.
ये वही अजीत शाही हैं जिनके नेतृत्व में जागरण समूह के न्यूज चैनल ‘चैनल7’ की लांचिंग हुई थी, जिसे बाद में राघव बहल को बेच दिया गया और इसका नाम ‘आईबीएन7’ कर दिया गया. भारत में टीवी न्यूज की शुरुआत के स्तंभों में माने जाते हैं अजीत साही. इलाहाबाद के रहने वाले अजीत शाही ने तहलका के अपने ढाई वर्षों के कार्यकाल में जिस तरह की बेहतरीन रिपोर्टिंग की, वह उनके ही बूते की बात थी. तहलका छोड़ने के बाद वे टीवी9 से न्यूज डाइरेक्टर के रूप में जुड़ गए थे. फिलहाल प्रदीप सिंह यूएनआई टीवी के ग्रुप एडिटर बने रहेंगे.












सिदार्थ
February 4, 2011 at 11:03 am
फिलहाल प्रदीप सिंह यूएनआई टीवी के ग्रुप एडिटर बने रहेंगे का क्या मतलब है। क्या उनके दिन लदने जा रहे हैं। अगर प्रदीप सिंह में जरा भी गैरत बाकी है तो उन्हें खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए। इलेक्ट्रानिक मीडिया की भाषा में कहें तो ये तो वक्त बताएगा कि उनमें गैरत है या नहीं है। स्वामी सिदार्थ महाराज
प्रदीप यादव
February 4, 2011 at 11:05 am
UNI TV Zindabad. Ab UNI ke din bahurenge. Ajit sahi ka matlab ki UNI ab chamak jayega. Yashwant Deshmukh ka ek shaandar faisala. Badhai
Javed
February 4, 2011 at 11:06 am
अजित साही नाम नहीं आंधी है। यूएनआई चमक जाएगा।
अनी
February 4, 2011 at 11:08 am
चलो प्रदीप जी का कुछ बोझ तो हल्का हुआ। बड़ी भारी जिम्मेदारी थी उनके कंधों पर। वे निश्चित तौर पर राहत महसूस कर रहे होंगे। उन्हें बहुत ही मेहनत करनी पड़ रही थी। यूएनआई टीवी को बहुत शुभकामनाएं। एक शानदार कदम
मिंटू चौबे
February 4, 2011 at 11:10 am
अजित साही को बहुत शुभकामनाएं। बंदे में है दम। वंदे मातरम।
मिंटू चौबे
Krishnadarshan Jadhav
February 5, 2011 at 5:49 pm
अजित साही को बहुत शुभकामनाएं, बोल के लब, आझाद है तेरे !!!
rupesh
February 6, 2011 at 4:25 am
bahut hi kam time kam kiya hai unke sath…ginti ke kuchh din…but unki soch aur kshamta ka mai kayal hu
ashiah singh
February 16, 2011 at 6:45 pm
ajit shahi ji aaj ke yug ke karntikari hai wo jaha jayege kranti laa dege………….best wishes sir