: पीजीआई में धरने पर बैठ गए थे पत्रकार व छायाकार : रोहतक पीजीआई में आज एक डाक्टर ने कवरेज करने गए पत्रकारों और छायाकारों से दुर्व्यवहार किया। जिसके विरोध में पत्रकार और छायाकार धरने पर बैठ गए। बाद में डाक्टर द्वारा माफी मांगने पर ही उन्होंने धरना समाप्त किया। मीडिया क्लब रोहतक ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है।
हुआ यूं कि नर्सिंग कॉलेज में एक छात्र आशीष की कथित तौर पर पिटाई कर दी गई थी। उसे पीजीआई के आपातकालीन विभाग में भर्ती करवाया गया था। इस घटना की सूचना मिलने पर पत्रकार और छायाकार कवरेज के लिए आपातकालीन विभाग पहुंचे, लेकिन वहां मौजूद सीएमओ डा. महिपाल ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। यही नहीं उस डाक्टर ने पत्रकारों व छायाकारों को गिरफ्तार करवाने की भी धमकी दी। इस घटना के बाद रोहतक के पत्रकार और छायाकार शांतिपूर्ण ढंग से आपातकालीन विभाग के बाहर की धरने पर बैठ गए। इसके बाद आपातकालीन विभाग के इंचार्ज डा. कुंदन मित्तल पत्रकारों व छायाकारों के धरनास्थल पर पहुंचे और उनसे धरना खत्म करने की मांग की, लेकिन वे नहीं माने।
पत्रकारों व छायाकारों ने मांग की कि आरोपी डाक्टर धरनास्थल पर आकर उनसे माफी मांगे। बाद में वह डाक्टर धरनास्थल पर तो पहुंचा लेकिन उसका व्यवहार तब भी ठीक नहीं था। वह माफी मांगने की बजाय पत्रकारों को ही सलाह देने लग गया। इस पर पत्रकार और उखड़ गए। डाक्टर कुंदन मित्तल ने उन्हें फिर मनाने की कोशिश की, लेकिन उनकी इस बार फिर एक ही मांग थी कि आरोपी डाक्टर अपने व्यवहार के लिए सही तरीके से माफी मांगे। इस बीच पीजीआई निदेशक डाक्टर चांद सिंह ढुल ने भी पत्रकारों से मोबाइल पर चर्चा कर धरना खत्म करने की गुहार लगाई। इसके बाद एक बार फिर डाक्टर महिपाल वहां आए और उन्होंने अपने व्यवहार के लिए पत्रकारों व छायाकारों से माफी मांगी। बाद में रोहतक के पत्रकारों ने निदेशक के नाम एक ज्ञापन आपातकालीन विभाग के इंचार्ज को सौंपा। जिसमें इस घटना की आलोचना करते हुए मांग की गई कि भविष्य में इस प्रकार का प्रावधान किया जाए कि घटना की पुनरावृत्ति न हो।
मीडिया क्लब ने की निंदा : मीडिया क्लब रोहतक ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। क्लब के प्रधान धीरेंद्र ओहल्याण ने कहा कि पीजीआई में आए दिन डाक्टरों, सुरक्षा कर्मियों एवं अन्य कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार किया जाता है। जबकि रोहतक के किसी भी पत्रकार एवं छायाकार द्वारा कभी भी किसी डाक्टर या अन्य कर्मचारी के कार्य में बाधा नहीं पहुंचाई जाती। इसलिए भविष्य में पीजीआई प्रशासन अपने चिकित्सकों व कर्मचारियों को कवरेज संबंधी दिशा-निर्देश जारी करे ताकि बेहतर तालमेल बना रहे। रोहतक के पत्रकार हर प्रकार के सहयोग के लिए तैयार हैं।
रोहतक से दीपक खोखर की रिपोर्ट.











