जूलियन के साथ काम करने वालों की मानें तो वो कंप्यूटर-कोडिंग के महारथी एक ऐसे एक शख्स हैं जिनकी बुद्धिमता और लगन ने उन्हें इस मुकाम पर खड़ा किया है. वो अपने आस-पास एक ऐसा माहौल बना लेते हैं कि उनके साथ जुड़े लोग हर कीमत पर उनकी मदद और उनके काम के लिए तैयार रहते हैं. शायद ये उनके व्यक्तित्व का ही कमाल है. कई घंटों तक बिना खाए, बिना सोए काम में जुटे रहना अब उनकी आदत बन चुकी है. जूलियन का जन्म 1971 में उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में हुआ. माता-पिता रंगमंच से जुड़े़ थे इसलिए उनका बचपन अलग-अलग जगहों पर अलग माहौल में बीता. 18 साल की उम्र में वो पिता बन गए और पत्नी के साथ विलगाव के बाद बच्चे के क़ानूनी संरक्षण के लिए उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी.
अपनी वेबसाइट विकीलीक्स के ज़रिए इराक़, अफ़ग़ानिस्तान युद्ध और अमरीका से जुड़े ख़ुफ़िया दस्तावेज़ जारी कर जूलियन असांज दुनिया भर में मशहूर हो गए. दुनियाभर में उनके लाखों प्रशंसक हैं और विश्व के कई देश अब उन्हें अपने रास्ते की रुकावट मानते हैं. विकीलीक्स की खोज करने वाले जूलियन असांज को इंटरनेट के विकास ने गणित के अपने हुनर को आज़माने की ओर प्रेरित किया. कंप्यूर हैक करने की अपनी एक कोशिश के दौरान वो पकड़े भी गए लेकिन उन्होंने अपना काम और कंप्यूटर के क्षेत्र में अनुसंधान जारी रखे. विकीलीक्स की शुरुआत 2006 में हुई जब जूलियन के साथ कंप्यूटर कोडिंग के कुछ महारथी जुड़ गए. इनका मक़सद था एक ऐसी वेबसाइट बनाना जो उन दस्तावेज़ों को जारी करे जो कंप्यूटर हैक कर पाए गए हैं.
एक बातचीत में असांज ने कहा था, ”अपने स्रोतों को सुरक्षित रखने के लिए हमने अलग-अलग देशों से काम किया. अपने संसाधनों और टीमों को भी हम अलग-अलग जगह ले गए, ताकि क़ानूनी रूप से सुरक्षित रह सकें. अब हम ये सब करना सीख गए हैं. आज तक न हमने कोई केस हारा
है न ही अपने किसी स्रोत को खोया है.”
जानकार मानते हैं कि विकीलीक्स के काम करने के तरीक़ों के बारे में अब भी बहुत ज़्यादा जानकारी नहीं है. इस पूरे मामले में एक अजीब मोड़ आया जब जूलियन पर यौन-दुर्व्यवहार के आरोप लगे. स्वीडन में लगे बलात्कार और यौन-दुर्व्यवहार के इन आरोपों को लेकर जूलियन के वकीलों का कहना है कि ये संबंध पूरी तरह सहमति पर आधारित थे. जूलियन का मानना है कि ये उनकी छवि खराब करने की एक कोशिश है ताकि वो अपने काम से पीछे हट जाएं. उन पर लगे इन आरोपों को अगस्त में वापस ले लिया गया लेकिन सितंबर में ये केस फिर खुला.












sanjay
December 4, 2010 at 6:46 pm
अपनी वेबसाइट विकीलीक्स के ज़रिए कंप्यूटर-कोडिंग kar जूलियन असांज ने दुनिया भर में कंप्यूर हैक करने को ake nye kism ki izzat ur एक मुकाम pr to phucha hi diya ,duniya ke sabse saktishali rastra ko lazabab krna koi mazak to nai hi…………..
chote chote rastro ke prati unnki soch ko uzagar kar जूलियन असांज ne ake asadharan kam kiya hi jiske parinam bhut doorgami honge ye अमेरिका समेत कई देश acche se jante hi ur ye कोशिश है ताकि वो अपने काम से पीछे हट जाएं.pr दुनियाभर में उनके लाखों प्रशंसक हैं zo unki salamati ki dua kr rhe hi………
.sanjay choudhary jabalpur m.p.