वाराणसी। ‘सहारा’ वाराणसी के दो बहुचर्चित संवाद सूत्रों को हटाए जाने की खबर है। अरविंद सिंह और अभय त्रिपाठी के बाबत ‘सहारा’ के नोएडा मुख्यालय तक में भारी शोर था। विगत दिनों ‘सहारा’ के उत्तर प्रदेश हेड राजेंद्र द्विवेद्वी जब बनारस अपने संक्षिप्त दौरे पर आए थे, उस समय बंद कमरे में इन दोनों संवाद सूत्रों को हटाने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया गया। अरविंद सिंह के बाबत जानकारी ‘सहारा’ प्रबंधन को यह थी कि उनका समाचार कोई विद्या शंकर त्रिपाठी लिखते हैं।
विद्या शंकर त्रिपाठी इन दिनों बसपा विधायक उदयलाल मौर्य के पीए के रूप में काम कर रहे हैं, वे ‘आज’ अखबार के लिए सारनाथ से खबर लिखते थे। अभय त्रिपाठी विश्वनाथ मंदिर एरिया के संवाद सूत्र थे। यहां से जो सूची नोएडा भेजी गयी उनमें से अरविंद सिंह और अभय त्रिपाठी का नाम डिलीट कर दिया गया। ‘सहारा’ में ब्यूरो के समय बने अन्यान्य संवाद सूत्रों को बरकारार रखा गया है। अरविंद सिंह सारनाथ एरिया देखते थे। मजे की बात यह कि अरविंद को काशी पत्रकार संघ की मेम्बरी दिलाने के लिए भी भारी दबाव कतिपय पत्रकार देते थे। इनमें ‘सहारा’ के अलावा ‘आज’ के कतिपय पत्रकार भी थे। ‘आज’ के एक पत्रकार ने तो दो दिन पहले तक अरविंद को मेम्बरी दिलाने के लिए भारी दबाव बनाया। अरविंद सिंह का स्वयं का शराब और भांग का कारोबार भी है। विद्याशंकर त्रिपाठी के बाबत पैसे और खबर का भारी शोर रहा करता था। वाराणसी के पत्रकारों के बीच एक सवाल यह बार-बार कौंध रहा है कि इतने सारे पत्रकारों के रहते लखनऊ, नोएडा तक इन दोनों संवाद सूत्रों का ही नाम क्यों इतना चर्चित रहा? (साभार : पूर्वांचलदीप डॉट कॉम)











