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आईएफडब्‍ल्‍यूजे और यूएसजेयू का विवाद अदालत में पहुंचा

इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) और उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बीच सम्बद्धता संबंधी विवाद अब न्यायालय में चला गया है. उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने इस मामले में इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के खिलाफ नैनीताल के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में पिछले दिनों मुकदमा दायर कर दिया है।

इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) और उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बीच सम्बद्धता संबंधी विवाद अब न्यायालय में चला गया है. उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने इस मामले में इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के खिलाफ नैनीताल के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में पिछले दिनों मुकदमा दायर कर दिया है।

इस मामले में अदालत ने इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स, इसके अध्यक्ष के. विक्रम राव और महासचिव परमानन्द पाण्डेय को सम्‍मन जारी किया हैं. तीनों अपने वकील के मार्फत अदालत में हाजिरी दे चुके हैं। IFWJ के खिलाफ यह मुकदमा उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की ओर से यूनियन के प्रदेश महासचिव प्रयाग पाण्डेय द्वारा दायर किया गया है।

उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुये कहा है कि इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स से संबद्ध सबसे पुरानी राज्य इकाईयों में से एक है। उत्‍तर प्रदेश में रहते इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स से जुड़े उत्‍तराखण्ड के पत्रकार उत्‍तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के सदस्य थे। अलग राज्य बनने के बाद उत्‍तरांचल श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स की राज्य इकाई थी। राज्य का नाम बदलने के साथ यूनियन का नाम भी ‘उत्‍तरांचल’  के स्थान पर ‘उत्‍तराखण्ड’ श्रमजीवी पत्रकार यूनियन हो गया।

इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स की वर्किंग कमेटी की सर्वोच्च निर्धारण समिति ने 27 मार्च, 2007 को जगन्नाथपुरी (उड़ीसा) में उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन को विधिवत संबद्धता प्रदान की। इस निर्णय की जानकारी स्वंय इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड के. विक्रम राव ने अधिशासी निदेशक, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, उत्‍तराखण्ड देहरादून को प्रेषित पत्र दिनांक 4 मई, 2007 को दी।

उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन का कहना है कि यूनियन के पंजीकृत संविधान/नियमावली में उल्‍लेखित उद्देश्यों में इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स से संबद्धता प्राप्त करने का सुस्पष्ट उल्लेख किया गया है। इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के अध्यक्ष कामरेड के. विक्रम राव के हस्ताक्षरों से जारी पत्र दिनांक 7 सितम्बर, 2007 द्वारा उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन को इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किग जर्नलिस्ट्स से संबद्धता संबन्धी विधिवत प्रमाण-पत्र जारी किया गया है।

इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के उक्त संबद्धता संबन्धी पत्र दिनांक 07 सितम्बर, 2007 के आधार पर रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन्स, श्रम आयुक्त, उत्‍तराखण्ड के कार्यालय अभिलेखों में उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की राष्ट्रीय स्तर पर इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स से विधिवत संबद्धता दर्ज है। उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स को संबद्धता शुल्क/कोटमनी के रूप में निर्धारित शुल्क नियमानुसार समय-समय पर इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के कोष में जमा कराती चली आ रही है।

फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन को फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स से संबद्ध उत्‍तराखण्ड राज्य इकाई के रूप में देश-विदेश में समय-समय पर आयोजित हुए बैठकों-सेमिनारों एवं गोष्ठियों में आमंत्रित करता रहा है। इस वर्ष 19 से 22 फरवरी, 2010 को राजगीर (बिहार) में आयोजित फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के त्रिवार्षिक 28 वें प्रतिनिधि अधिवेशन में उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स से संबद्ध उत्‍तराखण्ड राज्य इकाई के रूप में प्रतिभाग किया।

उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन का तर्क है कि फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स से विधिवत संबद्ध उत्‍तराखण्ड की राज्य इकाई है। उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स से संबद्धता के रहते उत्‍तराखण्ड में किसी अन्य पत्रकार यूनियन को फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स से संबद्धता प्रदान करने संबन्धी एकतरफा पत्र जारी करना फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के संविधान-नियमावली में उल्‍लेखित प्रावधानों के सर्वथा प्रतिकूल है और निहायत गैर-कानूनी है।

उत्‍तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन उत्‍तराखण्ड के प्रान्तीय महासचिव प्रयाग पाण्डेय का कहना है कि उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन उत्तराखण्ड में कार्यरत मुख्य धारा से जुडे़ सक्रिय पत्रकारों का व्यापक सांगठनिक आधार वाला मजबूत पत्रकार संगठन है। उन्होंने की इस कार्यवाही को पत्रकारों के बीच वैमनस्यता पैदा करने की कार्यवाही करार दिया है।

नैनीताल से प्रयाग पांडेय द्वारा प्रेषित रिपोर्ट पर आधारित.

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0 Comments

  1. ramkumar

    November 21, 2010 at 6:19 am

    pariya pandy g sahi kah rahay hin. saram jewi k namm par jis union ko vishwajeet or manohan lakhera cala rahy han darsal o farji hai or patrkrrow kay naam par ulty seeday kamm kar rahi hai.

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