सूचना है कि दो चार रोज पहले आज समाज हिंदी दैनिक (विनोद शर्मा वाला अखबार) में ”राडिया के रथ पर सवार हो गए आडवाणी” शीर्षक से एक खबर छपने के बाद बवाल हो गया. खबर में बताया गया था कि आडवाणी की रथयात्रा के प्रचार-प्रसार का ठेका राडिया की कंपनी वैष्णवी कम्युनिकेशंस को दिया गया है और इस तरह कई तरह के आरोपों से घिरी राडिया व उनकी कंपनी की सेवाएं आडवाणी ने ली हैं, जिससे भाजपा के कई लोगों में सुगबुगाहट है.
कुछ इसी किस्म की कहानी खबर में बयान की गई थी. खबर जोरदार थी. पर जिस अखबार में छपी, वह अखबार जोरदार नहीं है. राडिया एंड कंपनी ने आजसमाज वालों को, उनके मालिकों को, इनके संपादकों को फोन करना शुरू किया. हड़काना शुरू किया. कैसे खबर छाप दी. खंडन छापिए वरना मुकदमा ठोकेंगे. इस तरह की बातों से सकते में आए आज समाज के संपादकों ने तीन कालम में माफीनामा छापा. खबर लेखक का नाम है विशाल जैन.
खंडन में क्या छपा है, यह तो नहीं पता, और इस प्रकरण में राडिया व आज समाज के बीच क्या क्या संवाद हुआ, यह भी ठीक से नहीं पता, लेकिन आजसमाज अखबार के लोगों के बीच इस मामले को लेकर तरह-तरह की कानाफूसी है. इस प्रकरण के कई तथ्य भड़ास4मीडिया को पता नहीं चल पाए हैं. अगर आपको पता हो तो नीचे दिए गए कमेंट बाक्स की मदद लेकर पूरी कहानी, पूरी दास्तान को लिख सकते हैं या फिर [email protected] के जरिए भड़ास तक पहुंचा सकते हैं.












rajbali
October 8, 2011 at 11:16 am
reporter ka naam sahi likho. uska naam hai –ABHAI MISHRA.
chootiya type repoter hai. sala rahul dev ka damad bhi hai
prem
October 8, 2011 at 11:27 am
news writer vishal jain nahi hai, please publish the correct name.
mast
October 8, 2011 at 11:59 am
you have wrong information.plz correct and apologies immediately.
Arjun singh
October 8, 2011 at 5:10 pm
ha ha sara ka sara group rishtedaar hi chala rahe hai damad mama bhanja bhai bhtaijawad to jam ke hai
prashant
October 8, 2011 at 5:43 pm
अगर दे भी दिया होगा तो क्या अपराध हो गया. क्या अब कोई माल वाला राडिया को किसी प्रकार का सामान नहीं बेचेगा या राडिया इस देश में अब कोई काम नहीं कर सकती. कमाल है, कैसी सोच है लोगों की. जो उसने किया उस का परिणाम उन्हें मिलेगा लेकिन ऐसी सोच..