आज मेरठ से पत्रकार अजय मित्तल ने फोन पर एक समाचार दिया। समाचार अत्यधिक कष्टकारक था। हमारे पुराने वरिष्ठ साथी और मेरठ के जाने माने पत्रकार अभय गुप्त अत्यधिक बीमार हैं। बीमारी की स्थिति में उनके सामने कई तरह के संकट हैं। दैनिक जागरण से सेवानिवृत्ति के बाद कोई स्थायी रोजागर या पेंशन की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अभय जी मेरठ के तेजतर्रार और साहसी पत्रकार रहे हैं। अपने समय में वे हमेशा चर्चा में रहे। आज वे समस्याओं से जूझ रहे हैं। जब तक कलम में ताकत रही समाज के लिए जूझते रहे। अभय जी की व्यथा सुनकर मन द्रवित हुआ। अभय गुप्त यू.पी.जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) से जुडे रहे हैं। मैंने अजय मित्तल जी को अपने स्तर से यह आश्वासन दिया है कि हम अपनी राष्ट्रीय संस्था नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इण्डिया) एनयूजेआई के ट्रस्ट जर्नलिस्ट्स वेलफेयर फाउण्डेशन से कुछ सहायता कराने का प्रयास करेंगे। हालांकि अभी हाल में सम्पन्न बैठक में जर्नलिस्ट्स वेलफेयर फाउण्डेशन ने बागपत के एक पत्रकार के लिए सहायता स्वीकृत की है।
फिर भी हम अपने वरिष्ठ नेताओं से विशेष आग्रह करके अभय जी को सहायता कराने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा अभी दो तीन दिन पहले ही लखनऊ में प्रेस फोटोग्राफर संजय खरे का मार्ग दुर्घटना में निधन हो गया। संजय की उम्र मात्र 45 साल थी। उसके परिवार के सामने गुजारा करने का कोई साधन नहीं है। इस क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के सामने सुरक्षित भविष्य की कोई रूपरेखा नहीं है। कोई ऐसी व्यवस्था नहीं है कि पत्रकारों पर आने वाले सामाजिक संकट,गंभीर बीमारी या अन्य प्राकृतिक संकट में कोई सहायता स्वतः हो सके। सरकारी स्तर पर कोई कल्याण कोष नहीं है। पेंशन की कोई व्यवस्था नहीं है। जो सबकी चिंता करता है सबके वर्तमान और भविष्य के लिए आवाज उठाता है। उसके भविष्य की कौन चिंता करेगा? यह सोचनीय प्रश्न है। इसके लिए कोई सार्थक पहल करनी होगी।
लखनऊ के पत्रकार सर्वेश कुमार सिंह द्वारा कुछ पत्रकार साथियों को मेल के जरिए भेजे गए पत्र पर आधारित












anuj agarwal
May 19, 2011 at 3:43 pm
RESPECTED SARVESH JI,
PLEASE INFORM YOUR MOBILE NO AND SRI TRILOKI NATH UPADHYAY JI (AGRA WALEY ) KA MOBILE NO.
REGARDS
‘AAPKA ”
ANUJ AGARWAL
BAREILLY
9412334700
sandeep tomar
May 19, 2011 at 8:00 pm
आर्थिक संकट तो नही… पर पुराने साथियों को शर्म आनी चाहिए, ७ दिन होने पर भी कोई अभय जी का हाल चाल पूछने नही आया…. जब की आज की तारिक मे मेरठ की मीडिया में जो लोग सेनीओर है वो अभय जी से ही सीख के आगे बढे है
yogender singh
May 22, 2011 at 4:10 pm
अफसोस अभय जी अब हमारे बीच नहीं हैं। मेरठ के प्रेस क्लब में शोक सभा हुई। इस सभा में कोई भी इलैक्ट्रानिक मीडियाकर्मी मौजूद नहीं था। हैरत की बात कि जिस संस्थान में अभय जी ने काम किया वहां से किसी को आने की फुरसत नहीं है। यकीनन यह दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि किसी साथी पत्रकार की मौत पर पत्रकार ही एकत्र न हो सकें। अभय जी को जीते जी भले ही कोई मदद न मिली हो, लेकिन उनके बाद अब क्लब में फंड बनाने का प्रस्ताव रखा गया है ताकि पत्रकारों को मदद की जा सके। अभय जी को शत्-शत् नमन।
Hariom garg
May 30, 2011 at 11:57 am
सर्वेश जी ,अभय गुप्त जी के बारे में पढ़ा यद्यपि मेरा कोइ परिचय अभय जी से नहीं है फिर भी
इस समय मेरी सामर्थ्य से उनका सहयोग करना चाहूंगा .
कृपया, मुझे उनका पता और बैंक खाता नंबर मेल करदें
धन्यवाद .
हरिओम गर्ग
[email protected]
Hari Om Garg
Bikaner.
rk singh crime reporter
July 3, 2011 at 1:18 pm
mera sab kuchh patrakarita hi hai. main madad karoonga.
rajesh agarwal
September 2, 2011 at 10:36 am
Very sad news