Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

दुख-दर्द

आलोचक कमला प्रसाद का निधन, शोक जताया

साहित्यकार एवं आलोचक प्रो. कमला प्रसाद का शुक्रवार को निधन हो गया. 73 वर्षीय प्रो. प्रसाद कुछ समय से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे. नई दिल्ली के एम्स में सुबह 6 बजे उन्‍होंने अंतिम सांस ली. वे महाकवि केशव अध्यापन एवं अनुसंधान केंद्र के निदेशक, रीवा विवि के विभागाध्यक्ष, मप्र कला परिषद भोपाल के निदेशक व वर्तमान में राष्ट्रीय प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय महासचिव थे. उनका शव दिल्‍ली से भोपाल ले जाया गया. आज उनका अंतिम संस्‍कार किया जाएगा.

साहित्यकार एवं आलोचक प्रो. कमला प्रसाद का शुक्रवार को निधन हो गया. 73 वर्षीय प्रो. प्रसाद कुछ समय से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे. नई दिल्ली के एम्स में सुबह 6 बजे उन्‍होंने अंतिम सांस ली. वे महाकवि केशव अध्यापन एवं अनुसंधान केंद्र के निदेशक, रीवा विवि के विभागाध्यक्ष, मप्र कला परिषद भोपाल के निदेशक व वर्तमान में राष्ट्रीय प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय महासचिव थे. उनका शव दिल्‍ली से भोपाल ले जाया गया. आज उनका अंतिम संस्‍कार किया जाएगा.

मध्य प्रदेश के सतना जिले के गांव धौरहरा में 1938 में जन्मे प्रसाद की प्रमुख कृतियां साहित्य शास्त्र, आधुनिक हिन्दी कविता और आलोचना की द्वन्द्वात्मकता, रचना की कर्मशाला, नवजागरण के अग्रदूत भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हैं.  हिन्दी की महत्वपूर्ण पत्रिका “पहल” के संपादन में  भी वे लम्बे समय तक ज्ञानरंजन के साथ रहे.

प्रो. कमला प्रसाद के निधन पर साहित्‍यकारों तथा साहित्‍य एवं संस्कृति संगठनों ने शोक जताया है. जन संस्कृति मंच ने हिन्दी के जाने माने आलोचक और “वसुधा” के संपादक प्रो. कमला प्रसाद के निधन पर दुख प्रकट किया है. अपने जारी बयान में जसम, लखनऊ के संयोजक कौशल किशोर ने कहा कि कमला प्रसाद जी का जाना जनवादी और प्रगतिशील आन्दोलन का भारी नुकसान है. अपनी वैचारिक प्रतिबधता और साहित्य और समाज में अपने योगदान के लिए हमेशा याद किये जायेंगे. अयोध्या के सम्बन्ध में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ साझा सांस्कृतिक पहल उन्होंने ली थी तथा संयुक्त सांस्कृतिक आंदोलनों में उनकी विशिष्ट भूमिका थी.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. jagdish tiwari

    March 26, 2011 at 1:50 pm

    kamla prasad ji ke nidhan se mujhe behad dukh hua. unaka sanidhya mere jivan main behad mahatva tha. hariram vyas jayanti manane ki prerna unhone hi di thi. unko bhav bhini shradhanjali arpit karta hoon.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...