: 18 अन्य को भी आरोपी बनाया गया :’इंदौर समाचार’ नामक अखबार को प्रकाशित करने वाले एसोसिएटेड प्रिंटर्स एवं पब्लिशर्स लिमिटेड के लिए आवंटित भूखंड का दुरुपयोग करने के आरोप में लोकायुक्त ने इस अखबार के मालिक एवं पूर्व मंत्री सुरेश सेठ एवं उनके परिजनों समेत 19 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है. जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है उनमें तत्कालीन सीईओ, इंदौर विकास प्राधिकरण एवं वर्तमान में विदिशा जिले के कलेक्टर सीबी सिंह भी शामिल हैं. यह मामला गोपाल बौरासी नामक व्यक्ति की शिकायत पर शुरुआती जांच के बाद दर्ज किया गया.
जानकारी के अनुसार सुरेश सेठ को इंदौर प्रेस कांप्लेक्स में उनके अखबार के लिए वर्ष 1986 में राज्य शासन के आदेश पर लगभग एक एकड़ भूखंड आवंटित हुआ था. इसे समाचार पत्र को 30 साल के लीज पर दिया गया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने समाचार पत्र के नाम से आवंटित भूखंड पर लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए लगभग सात से आठ करोड़ रुपये का अवैध तरीके से लाभ अर्जित किया. जबकि आवंटन की कई शर्ते थी, जिनमें प्रमुख यह है कि यह प्लॉट अहस्तांतरणीय है और उसका विभाजन नहीं किया जा सकेगा. प्लॉट किसी को बेचा नहीं जा सकेगा. इन शर्तो का उल्लंघन होने की दशा में प्लॉट की लीज समाप्त कर दी जाएगी.
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सेठ ने भवन निर्माण के प्रथम तल पर 24 कमरे बनवाकर उसे अवैध तरीके से बेच दिये. इसके अलावा कुछ ऐसे निर्माण भी कराए गए, जो नगर निगम द्वारा स्वीकृत नक्शे में नहीं था. चूंकि यह जमीन लीज पर थी, लिहाजा इसमें लीज की शर्तों का घुला उल्लंघन किया गया. लीज पर लेने, इसको बेचने, गलत तरीके से नक्शा स्वीकृत करने, स्वीकृत नक्शे से अधिक भवन निर्माण कराने को लेकर आईडीए, नगर निगम के अधिकारी एवं उप पंजियक की भी मिलीभगत नजर आई, जिसके चलते लोकायुक्त पुलिस ने इन सभी को आरोपी बनाया है. सभी लोगों पर भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 13 (1) डी, 13 (2) एवं भादवि की धारा 120-बी व 420 के तहत मामला दर्ज कराया गया है.












बिल्लू
December 16, 2010 at 8:06 am
आप इस एक भ्रष्टाचार को बाहर ला रहे हैं। मध्य प्रदेश के तो सारे प्रेस काम्पलेक्सों की जांच होनी चाहिए। वहां की जमीनों पर केवल भ्रष्टाचार के ही पेड़ लगे हुए हैं। हरेक ने मिली जमीनों पर खूब मौज उड़ाई है और उड़ा रहे हैं।
joshi
December 16, 2010 at 5:30 pm
suresh seth ko dabane k liye kailash vijayvargiya ki nakam sajish hai ye….press complex me to sabhi akbhar walo ne apni jamin ya to bech di hai ya lakho k kiraye par di hai…kya wo ullanghan nahi….waise bhi sabhi jante hai ki agar seth chor hote to aaj tuti hui auto me safar na karte wahi un pe ye aarop lagane wale badi badi karo k kafile me chalte hain…ye hasyaspad lagta hai