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ईटीवी, जोधपुर के रिपोर्टर रंजन दवे की सेवाएं समाप्त

दो साल से जोधपुर में कार्यरत ईटीवी राजस्थान के संवाददाता रंजन दवे की सेवाएं अचानक समाप्त कर दी गई हैं. राजीव गौड़ को जोधपुर में ईटीवी का नया रिपोर्टर बनाया गया है. राजीव को फिलहाल छः महीने के कांट्रेक्ट पर रखा गया है. सूत्रों का कहना है कि ईटीवी हिंदी चैनल्स के हैड जगदीशचंद्र ने एक उच्च न्यायिक अधिकारी की सिफारिश पर राजीव को रखा है.

दो साल से जोधपुर में कार्यरत ईटीवी राजस्थान के संवाददाता रंजन दवे की सेवाएं अचानक समाप्त कर दी गई हैं. राजीव गौड़ को जोधपुर में ईटीवी का नया रिपोर्टर बनाया गया है. राजीव को फिलहाल छः महीने के कांट्रेक्ट पर रखा गया है. सूत्रों का कहना है कि ईटीवी हिंदी चैनल्स के हैड जगदीशचंद्र ने एक उच्च न्यायिक अधिकारी की सिफारिश पर राजीव को रखा है.

रंजन ईटीवी के एंकर रह चुके हैं और विदेश में एक बड़ी कंपनी के पीआरओ भी रहे हैं. माता-पिता के इकलौते पुत्र होने के कारण रंजन पर उनके पास ही रहने का नैतिक दबाव है. इसी के चलते वे जोधपुर में स्ट्रिंगर बनने को तैयार हुए थे और पिछले दो साल से पूरी मेहनत व निष्ठा से काम किया. बहुमुखी प्रतिभा के धनी रंजन ने अपने कैरियर की शुरुआत कार्टूनिस्ट के तौर पर की थी.

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0 Comments

  1. john

    January 6, 2011 at 10:09 am

    वाह, ईटीवी की तो निकल पड़ी राजीव गौड़ जैसे दलाल को ब्यूरो बनाकर स्थापित पत्राकार बना दिया। वाह, कातिल साहब वाह, वैसे देखा जाए तो कातिल साहब को तो ईटीवी चलाने के लिए तो साहब को दलालों की ही जरूरत है। इस राजीव के कारनामें तो सभी जानते हैं। इसकी विशेष पत्राकारिता का हर कोई दीवाना है, महाशय कॉल गर्लस के छापे में उनकी डायरी में से नंबरों का पता लगाकर सेठों के घर पहुंच जाते हैं। फिर सेठों की बीवियों से उस राज का खुलासा करने का कहकर ब्लैकमेल करते हैं। कुछ इस तरह ही इनकी पत्राकारिता और पत्राकारों से ज्यादा बेहतर है। यही नहीं बहुत कम लोग जानते हैं कि लक्की कॉलेज में पढ़ते वक्त यही राजीव गौड़ के झांसे में वह लड़की अपना बहुत कुछ गंवा चुकी थी। लड़कियों को पत्राकार बनाने का झांसा देकर ये महाशय उसे वाकई क्या से क्या बना देते हैं। जोधपुर में पहले एक जांबाज एसपी आए थे नाम था हवासिंह घुमरिया। इन एसपी साहब ने तो राजीव को बेनकाब कर ही दिया था, लेकिन हमें इस बात का आज भी अफसोस है कि हम मीडिया वालों ने ही काफिर राजीव को बचाया था। वो भी तब जब राजीव सारे मीडिया वालों को फोन कर-करके आत्महत्या करने की चेतावनी दे रहा था। लेकिन सच्चाई तो यह है कि मीडिया का पतन हो गया है खास तौर पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वालों ने तो अब अपनी भद ही पिटवा ली है। सारे काम उल्टे कर रही है। पेश है ज़ी न्यूज के स्टिंगर राजीव गौड़ की खास खबरें-
    1.एक बार जी न्यूज पर बॉर्डर की खबर प्रसारित हुई -उसमें उक्त स्टिंगर ने एक गाय की तारबंदी को लांधते हुए का कि देखिए कितना आसान है पाकिस्तान के खोखरापार जाना। जब खबर चली तो जोधपुर के मीडिया ने पूछ लिया कि भईया खोखरापार का बोर्ड किस पेंटर से बनवाया था।
    2.दूसरी खास खबर का नमूना यह है -कि जोधपुर के इण्डियन ऑयल में आग लगने की सूचना मिली। दरअसल वह मॉक ड्रिल थी। यानि कवायद प्रशासन की मुस्तैदी जांचने की थी। लेकिन जी न्यूज पर स्टिंगर राजीव गौड़ का फोनो चला – मैं आपको बता दूं कि इण्डियन ऑयल के टैंकरों में आग लग गई है, सभी धधक रहे हैं इस आग में ऑयल कंपनी के तकरीबन 100 लोग फंसे हुए हैं और आशंका जताई जा रही है कि कई लोगों की मौत हो चुकी है, मौके पर एम्बुलेंस भेज दी गई है और जिला प्रशासन मुस्तैदी से राहत कार्य में जुटा है, नगर निगम की दमकलें मेरे पीछे से लगातार आ जा रही हैं लेकिन आग है कि रूकने का नाम नहीं ले रही है। खास बात यह है कि राहत कार्य को तेजी से अंजाम देने के लिए सेना का हैलीकॉप्टर भी मौके पर उड़ान भर रहा है। और फोनों के अंत में कहा गया- कैमरामैन दयालसिंह सांखला के साथ राजीव गौड़ जी न्यूज।
    इतनी बेहतरीन और फर्जी खबरें देने वाले दिहाड़ी पत्राकार को ईटीवी के जरिए दलाली का लाइसेंस मुबारक, और ईटीवी के अंदरखाने राजीव की जांच पड़ताल का ड्रामा करने वाले जगदीश कातिल को भी मुबारक। भईया अब जमके खाओ और जमके बजाओ ………………बजाओ क्या वही बजाओगे न जो राजीव लाएगा।

  2. chandraprakash

    January 3, 2011 at 12:36 pm

    ranjanji aap haunsala rakho, apni line me yah to hota hi he, rajiv jese laogo ne patrakarita ki halat badnam munni se bhi badatar kar di he. me rajiv ko janta hu, yah brahmnwad ka bada dam bharate he or iske sahare bahut fayda bhi liye he, lekin aapke sath jo kiya wo to chandalo wali harkat he.bhai ranjan jo kam rajiv kar sakta he, use karne ki ijajat hamare sanskar nahi dete.

  3. ravi dave

    January 3, 2011 at 12:11 pm

    janane wale jante he, ranjan ko or rajeev ko bhi. rajeev ke kis adhikari se kya sambandh he, or ye sambandh kis karan bane, is bat se jodhpur ka media wakif he. rajeev ne vigyapan agent ke roop me shuruaat ki thi, iske bad wo jodhpur ke anek chhot-bade akhbaro me setting se gaye, lekin jaldi hi pol khul gayi, sab jagah se unko nikala gaya. rajsthan patrika or bhaskar ne rajeev ko kbhi apne office me hi nahi ghusane diya.

  4. dinesh sharma

    January 3, 2011 at 9:38 am

    waise ye to tay hi tha, rajiv gaur sahab ko janne wale ye jante hi hai ki unhe kis tarah ka staff chaiye, wo kise kise etv jodhpur me rakhwate hai, iska intzaar kare sabko pata chal jayega. waise katil sahab ko unko rakhne se pahle jankari juta lete to achha hota.

  5. विदित

    January 3, 2011 at 12:53 am

    समझ नहीं आता किसे पानी पी पी कर कोसा जाए। जगदीश चंद्रा को या फिर रामोजी राव को। आप लोग ही बताइये।

  6. balotra banshichoudhary

    January 4, 2011 at 4:41 am

    very very bad. ranjan ji aap be fikaR RAHE

  7. Hariom garg

    January 4, 2011 at 5:19 am

    श्री रंजन दवे
    श्री जगदीश कातिल जो अब जगदीश चन्द्रा के नाम से etv के हेड बने हुए हैं अपने समय में एक बदनाम nokarsah रह चुके हैं इस बात को हर कोई जानता है उन्हें गोड़ जैसे बिना पेंदे के लोटे मिल जाएँ तो आप जैसे कर्मठ आदमी की जरूरत क्यों होगी. यह बात आप भी समझ सकते हैं .best of luck .

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