: जयकृष्ण गौड़ समेत छह पत्रकार पुरस्कृत : इंदौर के संतोष सभागृह में आयोजित बापूराव लेले स्मृति राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान समारोह में छह पत्रकारों को पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार राष्ट्रीय पत्रकारिता कल्याण न्यास द्वारा अपने क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को प्रदान किया जाता है। इस साल का बापूराव लेले पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार जयकृष्ण गौड़ को दिया गया।
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर कार्यवाह सुरेश राव जोशी ‘भैया जी’ थे। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जोशी जी ने कहा कि आज की पत्रकारिता की स्थिति को देखते हुए उस पर सामान्य व्यक्ति भी विश्वास नहीं करता, जबकि पत्रकारिता के अपने मूल्य और उसका अपना एक धर्म है, किन्तु आज पत्रकारिता का एक व्यवसाय के रूप में विकास हो रहा है। आर्थिक विकास को महत्व देने से पत्रकारिता के क्षेत्र में आयी विकृति हमारे सामने एक चुनौती है।
श्री जोशी ने कहा कि सबके सामने वास्तविकता को बिना भेदभाव के प्रस्तुत करना, उचित का स्वागत करना और अनुचित पर प्रहार करना पत्रकारिता का मूल्य है। इस क्षेत्र में काम करने वालों में स्वाभिमान होना चाहिए पर अहंकार नहीं। आज सामान्य व्यक्ति भी पत्रकारिता के मूल्यों पर विश्वास नहीं कर रहा है यह इसका दुखद पहलू है। इसे सभी पत्रकारों को मिलकर दूर करना चाहिए, क्योंकि पत्रकारिता की भावना एक धर्म भी है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक और सामाजिक विकास के साथ ही समाज में जनसामान्य की समस्याओं को उजागर करने में पत्रकारिता की भूमिका आज के दौर में विशेष महत्व रखती है। इसलिए पत्रकारिता से समाज में राष्ट्रभाव का जागरण हो। इसे ऐसी दिशा प्रदान करना चाहिए। समाज परिवर्तन और समाज को जागरूक करने में पत्रकारिता का उपयोग प्रामाणिकता और प्रतिबद्धता से करने की जरूरत है।
हाल ही में दिए गये केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम के भगवा आतंकवाद संबंधी बयान का जिक्र करते हुए संघ के सर कार्यवाह भैया जी ने कहा कि आज हमारे सामने अनेक चुनौतियां विद्यमान हैं। हिन्दुस्तान में हिन्दुओं के लिए पहले हिंदू आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल हुआ। हिन्दू आतंकवाद का जो नाम लिया जा रहा है वह विरोधियों की पॉलिसी है। अब हिन्दू आतंकवाद के स्थान पर भगवा आतंकवाद शब्द प्रयोग में आ गया, लेकिन कोई यह तो बताये कि यह भगवा आतंकवाद किसे कहते हैं? अपने ही देश में हिन्दुओं को आपस में लड़ाने की सोची-समझी रणनीति है। यह ठीक उसी तरह है जैसा कि अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की पॉलिसी थी। उन्होंने बगैर किसी का नाम लिए इस नाम का प्रचार करने वालों पर आरोप लगाया कि वे भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल हिन्दू समुदाय के खिलाफ रचे गये बड़े षडयंत्र के तहत कर रहे हैं, जिससे कि किसी न किसी तरह इस समुदाय को भी आरोपों के घेरे में लाया जा सके।
सम्मान समारोह में अध्यक्षता कर रहे जनसंपर्क, संस्कृति एवं उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि समाज में आए सारे परिवर्तनों के बाद सामाजिक मूल्य आज भी कायम हैं। पत्रकार सकारात्मक सोच के साथ अपने धर्म का निर्वाह करें। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में पत्रकारिता के क्षेत्र में दिए जाने वाले राष्ट्रीय सम्मानों की निधि को इस वर्ष से दोगुना कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन राष्ट्रीय सम्मान तथा राज्य स्तरीय पुरस्कार दिये जाते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के लिए दुर्घटना बीमा सहायता योजना शुरू की जा रही है तथा पत्रकारों को श्रद्धानिधि तथा बीमारी सहायता निधि से सहयोग देने की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रदेश में पत्रकारों को अब तहसील स्तर तक अधिमान्यता दी जा रही है।
ये हुए सम्मानित
समारोह में इस वर्ष का बापूराव लेले स्मृति राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार वरिष्ठ पत्रकार व स्वदेश इंदौर के पूर्व संपादक व वर्तमान में चैरेवेति मासिक पत्रिका के प्रधान संपादक जयकृष्ण गौड को प्रदान किया गया। जिसके तहत उन्हें 51 हजार रुपए का चेक व स्मृति चिन्ह के रूप में शाल एवं श्रीफल भेंट किया गया। स्वर्गीय आशारानी व्होरा स्मृति राष्ट्रीय महिला पत्रकारिता पुरस्कार इस वर्ष केरल की प्रथम महिला पत्रकार एव दैनिक जन्मभूमि की सम्पादक श्रीमती लीला मेनन को मिला। उन्हें पुरस्कार राशि के रूप में 21 हजार का चेक और शॉल-श्रीफल प्रदान किया गया। श्री दादा साहब आप्टे समृति राष्ट्रीय छायाचित्र पत्रकारिता पुरस्कार से इंडियन एक्सप्रेस, नागपुर के फोटोग्राफर शेखर सोनी को सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही साप्ताहिक पांचजन्य के पूर्व सम्पादक व वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय रामशंकर अग्निहोत्री की स्मृति में आयोजित प्रदेश स्तर पर पुरस्कार शरद जोशी (स्वदेश रतलाम) और तुषार कोठारी (यूएनआई) ब्यूरो चीफ को संयुक्त रूप से दिया गया। द्वितीय सम्मान मध्य प्रदेश की प्रख्यात कवयित्री- साहित्यकार एवं पत्रकार रहीं सुभद्रा कुमारी चौहान की स्मृति में श्रीमती वीणा नागपाल (दैनिक भास्कर) और वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती निर्मला भुराडिया (नई दुनिया) को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
जयकृष्ण गौड ने प्राप्त पुरस्कार को विचारों का सम्मान करार दिया और कहा कि जो राशि उन्हें सम्मान स्वरूप मिली है उसे वे अपने राष्ट्रीय विचारों के पोषण के कार्य में खर्च करेंगे। श्रीमती लीला मेनन ने कहा कि इस पुरस्कार के लिए उन्हें चुना गया इसका उन्हें खुशी है। वर्तमान पत्रकारों को चाहिए कि वे पत्रकारिता के मूल्य को समझे और उसी के अनुरूप कार्य करें। यह सम्मान उन सभी ध्येयनिष्ठ पत्रकारों को समर्पित है जो राष्ट्र निर्माण में आज अपनी महती भूमिका निभा रहे हैं।
फोटो जर्नलिज्म के लिए सम्मानित हुए शेखर सोनी ने भी स्वयं को श्री दादा साहब आप्टे स्मृति पुरस्कार के लिए चयनित किए जाने पर राष्ट्रीय पत्रकारिता कल्याण न्यास का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण रमेश गुप्ता तथा संस्था के बारे में जानकारी यशवंत इन्दापुरकार ने दी। कार्यक्रम में कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय के कुलपति डा. सच्चिदानंद जोशी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर कृष्ण मुरारी मोघे, न्यास के श्रीकांत जोशी, केके अस्थाना, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक सुदर्शन गुप्ता सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
देवास से धीरेन्द्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट.












dhirendra pratap singh
September 15, 2010 at 12:00 pm
thank u yahwant ji is khabar ko publish karane ke liye.lekin mitra iske sath jiski report h uska naam bhi lagate to shayad aur achha hota.
dhanish sharma
November 17, 2010 at 4:40 am
ya baat apko ab pata chali. bhai kalyug hai.sub chalta hai.