जबलपुर के ओरिएंटल इंजीनियरिंग संस्थान में पत्रकारों व कैमरामैन को बंधक बनाकर मारपीट करने के आरोपी डायरेक्टर, प्राचार्य रिहा कर दिए गए हैं. पत्रकारों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी शिकायत विजिलेंस रजिस्ट्रार केडी खान से की है. रजिस्ट्रार ने पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल को जल्द उचित जांच किए जाने का आश्वासन दिया.
इसके बाद पत्रकारों का प्रतिनिधिमण्डल एसपी संतोष कुमार सिंह से मिला तथा आरोपियों के खिलाफ अजाक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की. पत्रकारों ने श्री सिंह को बताया कि घटना के दौरान दो कैमरामैन, जो अनुसूचित जन जाति से जुड़े है, जिनके साथ प्राचार्य ने जातिगत अपशब्दों की बौछार की है.
गौरतलबब है कि विश्वकप के दौरान भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच देखने के लिए आरिऐटंल कॉलेज के 180 छात्रों ने कॉलेज का बहिष्कार कर दिया था, जिसके बाद कालेज प्रबंधन ने सभी छात्रों पर सौ-सौ रुपये फाइन लगा दिया. इसकी जानकारी जब एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को लगी तो वे कॉलेज प्रबंधन को समझाने गए. प्रबंधन के लोगों ने कार्यकर्ताओं को कालेज में बंधक बना लिया और मारपीट शुरू कर दी थी.
इस मारपीट की सूचना मिलने पर घटना को कवर करने जबलपुर के कई मीडियाकर्मी भी पहुंच गए. कालेज प्रबंधन ने कई मीडियाकर्मियों से अभद्र व्यवहार तथा मारपीट किया था. पांच मीडियाकर्मियों को चोटें आईं. कई कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए गए. कपडे़ फाड़े गए. घायल कैमरामैन संतोष कुमार की तहरीर पर डायरेक्टर, उप प्राचार्य तथा एक सिक्योरिटी गार्ड को हिरासत में लिया गया था परन्तु बाद में सभी को रिहा कर दिया गया.
रजिस्ट्रार और एसपी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में नलिनकांत बाजपेयी, परमानंद तिवारी, गंगाचरण मिश्रा, राजेश द्विवेदी, रफीक खान, राजेश दुबे, राजेश विश्वकर्मा, फिरोज अहमद, कपिल खनूजा, संजीव पांडे, सत्यजीत, तालिब हुसैन, विश्वकर्मा, राजेन्द्र, अभिषेक शर्मा, सुरेश आहूजा आदि शामिल रहे.












rajpal
April 7, 2011 at 8:25 am
orintal college ky MANGMENT KI GUNDAGARDI se jabalpur ke patrkar pareshan hi ?