नवभारत टाइम्स, मुंबई से कंचन श्रीवास्तव ने इस्तीफा दे दिया है. वे यहां पर चीफ कॉपी एडिटर कम करेस्पांडेंट के पद पर कार्यरत थीं तथा फीचर, हेल्थ तथा उच्च शिक्षा से जुड़ी खबरों को देखती थीं. उन्होंने अपने नई पारी की शुरुआत मुंबई से प्रकाशित अंग्रेजी दैनिक डीएनए के साथ की हैं. उन्हें यहां प्रिंसिपल करेस्पांडेंट बनाया गया है. वे यहां पर उच्च शिक्षा के बीट पर काम करेंगी.
मूल रूप से यूपी के भदोही जिले की रहने वाली तथा बॉयोकेमेस्ट्री में परास्नातक कंचन श्रीवास्तव ने ढाई सालों तक सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट में जूनियर रिसर्च फेलो के रूप में भी काम किया. शादी के बाद नौकरी छोड़कर मुंबई आने के बाद इन्होंने फ्रीलांसर के रूप में नवभारत टाइम्स, वनिता, माया मनोरमा और जागरण सखी के लिए भी लेख लिखती रहीं. नवभारत टाइम्स के लिए काफी समय तक इन्होंने साप्ताहिक कॉलम ‘टेक 2डे’ के लिए भी लिखा.
2006 में कंचन श्रीवास्तव ने नवभारत टाइम्स के एडिटोरियल बोर्ड का हिस्सा बन गईं. यहां पर इन्हें महिलाओं से संदर्भित खबरों की जिम्मेदारी दी गई. इनके काम को देखते हुए एनबीटी प्रबंधन ने इन्हें 2008 में हेल्थ बीट और फीचर पेज की जिम्मेदारी सौंप दी. इसके बाद इन्हें शिक्षा बिट की जिम्मेदारी भी दे दी गई. कंचन को बेहतर लेखन के लिए सन 2009 एवं 2010 में वेस्टर्न रीजन लाडली मीडिया अवार्ड तथा 2011 में नेशनल लाडली मीडिया अवार्ड भी मिल चुका है. इन्हें युवा पत्रकार सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है.












kumar harsh
July 13, 2011 at 5:58 pm
badhai. kanchan ji.