एचटी मीडिया की पत्रिका कादंबिनी के कार्यकारी संपादक विष्णु नागर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विष्णु नागर ने भड़ास4मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में अपने इस्तीफे की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि वे नई दिल्ली से लांच होने वाले नई दुनिया अखबार के रविवारीय परिशिष्ट संडे नई दुनिया के संपादक पद पर ज्वाइन करेंगे। विष्णु नागर इससे पहले दैनिक हिंदुस्तान और नवभारत टाइम्स में काम कर चुके हैं। 1971 से पत्रकारिता की पारी खेल रहे विष्णु नागर 1982 से 1984 तक दो वर्षों के लिए वायस आफ जर्मनी में संपादक रहे।
मशहूर साहित्यकार विष्णु नागर ने कई किताबें लिखी हैं, उनमें पांच कविता संग्रह, चार कहानी संग्रह, चार व्यंग्य संग्रह प्रमुख हैं। इसके अलावा समसामयिक सामाजिक राजनीतिक सांस्कृतिक विषयों पर टिप्पणियों की भी तीन पुस्तकें हैं। कविता आलोचना की भी एक किताब है। विष्णु नागर को साहित्य में योगदान के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। नवसाक्षरों और बच्चों के लिए भी विष्णु जी ने समय-समय पर लिखा है। विष्णु जी एक ब्लागर भी हैं। उनके ब्लाग का नाम है कवि और वहां तक आप http://alockak.blogspot.com टाइप करके पहुंच सकते हैं। नई पारी के लिए विष्णु जी को शुभकामनाओं के साथ उनके ब्लाग से उनकी दो कविताएं साभार यहां पेश की जा रहीं हैं…
शोर
कि मुझे अपना बाहर बोलना
तक अपराध लगता है
जबकि बाहर ऐसी स्थिति है
कि चुप रहे तो गए।











