राजस्थान का एक पुराना प्रमुख समाचार पत्र, जो अन्य राज्यों में भी अपने पैर पसारने का कार्य कर रहा है, के मालिक और संपादक जहां एक ओर पत्रकारों को अच्छा वेतन देने के साथ ही पत्रकारों के सम्मान में भी कोई कोताही नहीं बरतते हैं, वहीं दूसरी ओर उस दैनिक समाचार पत्र के चित्तौड ब्यूरो के इशारे पर मीडिया की महत्वपूर्ण कार्यशाला का समाचार ही प्रकाशित नहीं किया गया, जबकि इस कार्यशाला के उद्वघाटन समारोह में समाज के सभी तबके को आमंत्रित किया गया था।
पत्रकारों के साथ ही जिला कलेक्टर, नगरपालिका उपाध्यक्ष, उद्योग से जुड़े अधिकारी, सन्त, विधायक, जिला प्रमुख, पूर्व सांसद इत्यादि इस कार्यशाला के उद्वघाटन समारोह में मौजूद रहे। इस समाचार पत्र के द्वारा समाचार प्रकाशित नहीं करने पर पत्रकारों में रोष पैदा हो गया। इस कृत्य की पत्रकारों ने निन्दा की है। क्षेत्र में चर्चा है कि राजस्थान के इस प्रमुख समाचार पत्र के स्थानीय ब्यूरो पर भूमाफियाओं के साथ मिलीभगत कर रुपये कमाने और राजनीतिज्ञों को ब्लैकमेल करने के आरोप हैं। इस ब्यूरो के द्वारा समाचार भी वही प्रकाशित किए जाते हैं, जिससे इन्हें प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
सूत्र तो यह भी बताते हैं कि इस ब्यूरो ने अप्रत्यक्ष रूप से पूर्व में समाचार प्रकाशित किया था कि डाक्टर चन्द्रभान के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद चित्तौड़ जिले का कांग्रेस अध्यक्ष पद से कांग्रेसी नेता शिवदयाल का पत्ता कट गया है, परन्तु कुछ दिनों के बाद ही शिवदयाल के नाम की ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद पर घोषणा हुई। इसी तरह कि तुच्छ पत्रकारिता करने के इस ब्यूरो के कई उदाहरण है, परन्तु इस समाचार पत्र के मालिक और सम्पादक तक इस ब्यूरो के क्रिया-कलापों की जानकारी नहीं है। इस कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। समाचार पत्र के मालिक, संपादक को चाहिए कि चित्तौड़ ब्यूरो की होने वाली शिकायतों की जांच करे, जिस से सच सामने आ पाए और समाचार पत्र की विश्वसनीयता बनी रहे। बरहाल मीडिया कार्यशाला का समाचार प्रकाशित नहीं करने पर भी इस समाचार पत्र का ब्यूरो अपने को निष्पक्ष बता रहा है।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.












Ravi Ranjan
September 8, 2011 at 11:06 am
news must be beyond the all disputes and should be published in any circumstances when people from all classes participate in the program. Big Media houses need to sensitize concerning such kind of news when we talk about media ethics. I do appreciate this journalist to inform us regarding the non-publishing of news on workshop.
Vikas Agrawal
September 9, 2011 at 4:42 am
आपको यहां पत्रकार का नाम भी प्रकाषित कर भडास पत्र की विष्वसनीयता और दबंगता को और भी ज्यादा मजबूत कर सकते थे और यह काम आप अ भी कर सकते है । सच को सामने लाने के लिये कई माध्यम है जिसमें गोपनीयता भी शामिल है पर इस कार्यषाला में आप भी शामिल थे इसलिये यह बात आपके तथ्यों पर आधारित हैं या फिर सचमुच में किसी पत्रकार ने कही है यहा स्पष्ट होना जरूरी है वहीं आपकी विष्वसनीयता को बनाये रखने के लिये भी ।
सादर
विकास अग्रवाल