यशवंतजी, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इलेक्ट्रानिक मीडिया के इस कृत्य को उजागर करने की कृपा करें। मामला राजस्थान के श्रीगंगानगर का है. श्रीगंगानगर जिला कलक्टरी में इलेक्ट्रानिक मीडिया ने सारी हदें पार कर दीं. इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े रिपोर्टरों ने एक पीड़ित महिला को नंगा करारे उसकी वीडियो क्लीपिंग तैयार करा ली. जानकारी के अनुसार बिजयनगर थाना क्षेत्र की पीड़ित एक महिला दो दिन पूर्व अपनी गुहार लेकर जिला पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंची.
पुलिस अधीक्षक से मुलाकात नहीं होने पर यह महिला जब जिला कलक्टरी में पहुंची, तो इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े तीन रिपोर्टरों से उसकी मुलाकात हो गई. मीडियाकर्मियों को जब उसने अपनी व्यथा बताई, तो मीडियाकर्मियों ने खबर का एंगल सोचा और ऐसा काम किया जिसे कोई भी उचित नहीं कहेगा. दरअसल महिला यह शिकायत करने अधिकारियों के पास आई थी कि उसे कुछ लोगों ने प्रताड़ित किया और उसके गुप्तांगों में मिर्च डाली गई. रिपोर्टरों ने महिला को समझाया कि अगर वह सारी बातें बोल दे और नंगा होकर बता दे कि कैसे क्या हुआ उसके साथ तो उसे न्याय मिल सकता है.
महिला के लगाए आरोप को पिक्चराइज करने के लिए इलेक्ट्रानिक मीडियाकर्मियों ने महिला को नंगा कर उसकी वीडियो क्लीपिंग तैयार कर ली. यह कृत्य जिला कलक्टरी में ही किया गया. यहां यह बात बताना जरूरी है, जिस महिला के साथ इस तरह के कृत्य हुए हों, उसका चेहरा भी नहीं दिखाया जा सकता. ऐसे में महिला को नग्न कर उसकी क्लीपिंग बनाकर कौन सा चैनल चला सकेगा. संभव है कुछ चैनल चेहरे व गुप्तांग आदि को ब्लर कर दिखा दें लेकिन यह कौन सी पत्रकारिता है जिसमें किसी महिला की इज्जत के साथ एक बार अपराधी खेलता है तो दूसरी बार मीडिया के लोग.
श्रीगंगानगर से पत्रकार जयप्रकाश मील द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित












rashbihari dubey
May 25, 2011 at 2:20 pm
turant aise behuda logo ke laat juta ka intejam kiya jaye.
vikram singh
May 25, 2011 at 3:15 pm
ridiculas aise logo ko to goli maar deni chahiye>:(
raghwendra sahu
May 25, 2011 at 4:27 pm
पत्रकारिता को शर्मशार करने वाले ऐसे पत्रकारों के खिलाफ तुरंत कार्यवाही होनी चाचिए. साथ ही संपादक को भी चाहिए की ऐसी ख़बरों को दिखने के बजे ऐसे पत्रकारों को बहार करे. हालाँकि एक मीडियाकर्मी होने के नाते मैं जनता हूँ की थोड़ी सनसनी के लिए खबरें बने जाती है लेकिन मानवता को शर्मशार करने और किसी की इज्ज़त के साथ खेलने का अधिकार किसी को भी नहीं है.
satya prakash
May 25, 2011 at 5:54 pm
aisi batey to aegi kyunki ek ek stinger ke pass char char news channels ke id hotey hai par unki khabrey kahi nahi chalti hai to kya karnegy
alok
May 26, 2011 at 6:01 am
faruan hi aise media karmion ko nanga karke, logo ke saamne laya jana chahiye/ mere khayaal se aise dushton ki tabiyat bhi hari karni chahiye!
मदन कुमार तिवारी
May 26, 2011 at 6:45 am
अगर किसी पत्रकार के खिलाफ़ भडास निकालने के लिये आप इतना बडा झुठ बोल रहे हैं तब तो कोई बात नही , अन्यथा आपको हर समझदार आदमी पागल कहेगा। जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय कभी गये हैं ? वहां प्रशासन से लेकर आम जनता , कर्मचारी तथा एडवोकेट सभी होते हैं , वह कोई मुखिया जी का दालान नही है की आप वहां डायरेक्टर बनकर ब्लू फ़िल्म बनायें । यार लिखने के पहले अपनी विश्वसनियता का भी तो ख्याल करा करो । बेकार या वाहियात लिखने से अच्छा है न लिखो ।
Deepu
May 26, 2011 at 8:43 am
Agar yah sahee hai to jaiprakash ji aapko jagruk nagrik hone ke nate doshiyon ke khilaf mukadama darj karana chahiye.
Raj Kumar Jakhar
May 26, 2011 at 10:44 am
madan tiwari ji ap jo comment kr rahe ho apko yaha ki colltret office ki location ki jankari h ro nahi hi yaha ke tapman ki jankari h. sansad bhawan pr puri surksha ke bawjud hamla ho sakta h, pakishtan me amerika hamla kar osama ko mar skta h to ye to ek pidit mahila ka mamla h jise bhawuk kar hr koi us se khilwad kr skta h. comment krne se pahle hr pahlu pr vichar kre. madan ji kahi ap un tin patrkaro me samil to nhi ho. Apka Dost
angel
May 26, 2011 at 11:32 am
medit hi desh me bhrshtachar bdhane ka kaam kr rhi h. schai to yh h jo log apne aapko smajh k prtishtht vrg ka hissa khte h vhi smaj ki is dhurdhsa ki ashli jdh h….
angel
May 26, 2011 at 11:37 am
desh me bhrshtachar ko bdhava dene me media ki bhi ahm bhumika h….dhrashl media hi iski asli jdh h….. 🙁
rajesh pandey
May 26, 2011 at 1:04 pm
bilkul thik kaha apne, patrakaritaa ka isase jyada sharmnak chehara aur kuchh ho hi nahi sakata .shayad iska mool karan hai patrakarita me bajarwad ka paith .salaa t.r.p jo n
karaye………………………….
jaiprakash Meel
May 26, 2011 at 1:08 pm
Comment ke liye madan kumar tiwari ji ka dhanywaad.kabhi aap mujhe collector office ke bare me jankari denge, to aapka aabhari rahunga.
Shree prakash
May 26, 2011 at 1:24 pm
Agar arop sahi hai to aise kritya katai nahi hone chahiye knyoki esse patrakarita kalankit hoti hai.
Shree prakas
mau
raju
May 26, 2011 at 2:57 pm
aise hi kuch log electronic media ko badnam karte hai
angel
May 26, 2011 at 3:26 pm
यही मीडिया का असली रूप. देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार की असली जड़ का कारण ही मीडिया है. मीडिया की आढ़ में प्रतिष्टित व्यक्ति और अन्य लोग शराफत का मुखोटा पहनकर असामाजिक कम करते है. जिन्हें रोकने वाला कोई नहीं है. क्योकि समाज में शक्तिशाली लोगो को इस तरह के अभद्र और घिनोने काम करने की पूरी छूट है.
m Danish Khan
May 26, 2011 at 5:01 pm
Sthani Parshasan Ko Mamle Ki Turant Jach Karni Chahey Aur Agar Koi Bhi Mediya Parsan Gunahgar Hai To Use Har halat Me Saja Milni Chahey
Aur Agar Koi Kisi Ko Bevjha Badnam Kar rha Hae To Usko Bhi Baksha Nahi Jana Chahey
vinay iwari
May 27, 2011 at 4:05 pm
श्रीमान पत्र भेजने वाले महोदय से ये नहीं पूछा की जिला अधिकारी के कार्यालय को क्या पहाड़गंज का होटल समझ रखा है जहाँ कोई आपको देखने वाला नहीं है..अपने आपको पत्रकार कहने वाले इस आदमी को शर्म आनी चाहिए की खुद तो गली गली चमचागिरी करते डोल रहे हो खबर के नाम पर जी हुजूरी की न्यूज़ लगाते और अगर कोई किसी पीड़ित की आवाज उठाने के लिए अपना फर्ज निभा रहा है तो उसे बदनाम कर रहे है..जिस परिसर की बात कर रहे हो वहां महिला ने अपने लोगो के बीच कपडे ऊपर कर बेरहमी के निशान दिखाए थे ना की पत्रकारों ने उसे नंगा किया था…वैसे तो आपकी कोई बड़ी खबर देखी या पढ़ी नहीं है लेकिन अगर आप पत्रकार है तो आगे से चश्मा पहन कर ऐसी जगह जाना और दूरबीन भी रखना जिससे आपको पता लगे की वहां क्या हो रहा है …
balkrishan thareja
May 28, 2011 at 7:38 am
dosto upni Larai ko sgnr tak hi simit rakho’ kahy ko pury desh k patrkar jagat k samny ek-dusry ki langoti khichty ho-balkrishan Thareja
banwari
May 28, 2011 at 10:11 am
यशवंत जी ,
नमस्कार
श्रीगंगानगर की एक खबर आप ने एक ऐसे टट पुन्जिये पत्रकारों, जी नहीं क्षमा करे जो पत्रकार नहीं एक नशेडी टाइपिस्ट है, के कहने पर लिखी है! जिस के बड़े भाई पर जयपुर के आदर्श नगर थाना में विधायक को रांडो का दलाल बताने के आरोप में मुकदमा दर्ज है ! जिस ने अपनी रडक निकलने के लिए एक अप्रैल को संध्या बोर्डर टाइमस के अंक में ” देह व्यापार का सरगना है विधायक राठोड “की खबर लगाई थी, इस के बाद से इस तथ्याकतिथ पत्रकार के भाई की फूंक सरक गई और जिले के तमाम पत्रकारों से बार बार इस मुकदमे को खारिज करने के लिए दबाब बनाया मगर मामला चल रहा है ! इस तथ्याकतिथ पत्रकार का बड़ा भाई कलक्टर ऑफिस में बाबुओ की तेल मालिश कर के अपने छोटे भाई को कितने ठेके दिलाता सब को पता है ये ही नहीं और एन जी ओ के नाम पर भी एक दुकान चला रखी है जिस में एड्स का प्रोजेक्ट पत्रकारिता के दम पर ही लिया है ! अगर खबर लिखने वाला वासस्त्व में सही पत्रकार हो तो इस बात का जबाब दे की क्या वे पत्रकारिता का दुरुपयोग नहीं करते! हम कहते हम ने महिला की चोटों को देखा और वो भी कलक्टर ऑफिस में ,वहा क्या किसी महिला की क्लिप बन सकती है! क्या आप इस बात को मानते है ,वो कोई होटल या अयाशी का अड्डा नहीं है जहा पर पत्रकार सरेआम ब्लू फिल्म की वीडियो क्लिप बना ले !सारे लोगो की मोजुदगी में हम ने उस की चोट्टो को देखा और केवल खबर के विजुअल बनाये थे,कोई वीडियो क्लिप नहीं बनाई ! महिला की खबर चली है जिस के लिए आप को टीवी में चली खबर और जो हम ने वीडियो विजुअल बनाये है भेज रहे है !
रही बात जय परकाश मील की तो स्वरण आभा मैगज़ीन के समपादक कमल अरोरा मोबाइल न 9414362890 ,जिस को वह 40000 का चुना लगा चूका है तथा तथ्य भारती जयपुर के सम्पादक श्याम दूबे जी मोबाइल न 9414044446 , से पुछ लो जी ! कल तक अख़बार के बण्डल बाँटने वाला आज पत्रकारिता सिखा रहा है ! श्रीगंगानगर इन जैसे छुट भइये पत्रकारों की वज़ह से बदनाम है! जिन्हें खबरों से ज्यादा इधर उधर की बातो को सुन कर लिखने में मज़ा आता है !
meenu nagpal
May 29, 2011 at 6:04 pm
यशवंत जी ,
नमस्कार
श्रीगंगानगर की एक खबर आप ने एक ऐसे टट पुन्जिये पत्रकारों, जी नहीं क्षमा करे जो पत्रकार नहीं एक नशेडी टाइपिस्ट है, के कहने पर लिखी है! जिस के बड़े भाई पर जयपुर के आदर्श नगर थाना में विधायक को रांडो का दलाल बताने के आरोप में मुकदमा दर्ज है ! जिस ने अपनी रडक निकलने के लिए एक अप्रैल को संध्या बोर्डर टाइमस के अंक में ” देह व्यापार का सरगना है विधायक राठोड “की खबर लगाई थी, इस के बाद से इस तथ्याकतिथ पत्रकार के भाई की फूंक सरक गई और जिले के तमाम पत्रकारों से बार बार इस मुकदमे को खारिज करने के लिए दबाब बनाया मगर मामला चल रहा है ! इस तथ्याकतिथ पत्रकार का बड़ा भाई कलक्टर ऑफिस में बाबुओ की तेल मालिश कर के अपने छोटे भाई को कितने ठेके दिलाता सब को पता है ये ही नहीं और एन जी ओ के नाम पर भी एक दुकान चला रखी है जिस में एड्स का प्रोजेक्ट पत्रकारिता के दम पर ही लिया है ! अगर खबर लिखने वाला वासस्त्व में सही पत्रकार हो तो इस बात का जबाब दे की क्या वे पत्रकारिता का दुरुपयोग नहीं करते! हम कहते हम ने महिला की चोटों को देखा और वो भी कलक्टर ऑफिस में ,वहा क्या किसी महिला की क्लिप बन सकती है! क्या आप इस बात को मानते है ,वो कोई होटल या अयाशी का अड्डा नहीं है जहा पर पत्रकार सरेआम ब्लू फिल्म की वीडियो क्लिप बना ले
VIKESH SONI
May 30, 2011 at 6:43 am
BAND KARO IS TARAH SE AAPAS ME LADNA HUM SABHI BHAI HAI…………………………….VIKESH SONI 🙂
jaiprakash Meel
May 30, 2011 at 2:44 pm
comment krne wale sabhi sathio ka dhanywaad.
रोहताश सैनी,नोहर..
June 18, 2011 at 7:32 am
पत्रकारिता में हावी होते बाजारवाद में ऐसी घटनाए आम सी हो गई है….इलेक्ट्रोनिक मीडिया हो या प्रिंट… सभी जगह यही हाल है…पाठको को धपाने के लिए बनावटी खबरे देना एक चलन सा हो गया है…..लेकिन फिर भी मर्यादा का कुछ तो ख्याल रखना ही चाहिये …..और ये भी की अपनी लड़ाई को यह न लाये की लोग हँसे ……