उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से पिछले करीब दस साल से प्रकाशित हो रहा अंग्रेजी दैनिक गढ़वाल पोस्ट अब बंदी के कगार पर है। इसके एकाउंट मैनेजर गोपाल चन्द सिंघल और ब्यूरो चीफ अरूण प्रताप सिंह ने इसे छोड़ दिया है।
मालूम हो कि टेबुलाइड साइज में छपने वाले इस अंग्रेजी दैनिक ने अपने कर्मचारियों के बलबूते पूरे राज्य में अपनी एक अलग पहचान कायम की थी। इसीलिए राज्य के प्रमुख उद्योगपति विजय कुमार धवन ने इस अखबार में अपना पैसा लगाकर नया रूप देने की कोशिश की। इसके लिए धवन ने अखबार मालिक सतीश शर्मा के साथ पार्टनरशिप की।
मालूम हो कि सतीश शर्मा के पास अखबार तो था, मगर पैसा नहीं था। धवन ने इसमें करीब तीन करोड़ रूपए लगाए, लेकिन शर्मा ने उस पैसे को अपने व्यक्तिगत स्वार्थों में खर्च कर दिया। इससे नाराज होकर धवन ने अखबार को पैसा देना बंद कर दिया।
इसी दौरान, सतीश शर्मा के गलत क्रियाकलापों का विरोध करने वाले कर्मचारियों से शर्मा का मनमुटाव हो गया। साथ ही, तकरीबन दस महीने से कर्मचारियों को वेतन के भी लाले पड़ गए। इससे परेशान होकर समाचार संपादक अशोक मिश्रा ने आफिस आना लगभग बंद कर दिया, जबकि ब्यूरो चीफ अरूण प्रताप सिंह और एकाउंट आफीसर गोपाल चंद सिंघल ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। खबर है कि संपादकीय और पेजीनेशन विभाग के तीन लोग और इस्तीफा देने वाले हैं। अभी छोड़े हुए लोगों ने कहीं ज्वाइन नहीं किया है। बताया जाता है कि ये लोग कई अन्य समाचार प़त्रों के संपर्क में हैं।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए मेल पर आधारित











