Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

दुख-दर्द

गलत पहचान के चलते हुई बीबीसी पत्रकार की हत्‍या

अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल ने माना है कि उसने जुलाई में ग़लती से बीबीसी रिपोर्टर अहमद उमैद को मार दिया था. गंठबधन सेना का कहना है कि एक चरमपंथी हमले की जबावी कार्रवाई के दौरान एक अमरीकी सैनिक को लगा कि पशतो सेवा का पत्रकार कोई चरमपंथी है. इस गोलीबारी में 10 लोग मारे गए थे और बीबीसी पत्रकार भी उनमें से एक थे.

अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल ने माना है कि उसने जुलाई में ग़लती से बीबीसी रिपोर्टर अहमद उमैद को मार दिया था. गंठबधन सेना का कहना है कि एक चरमपंथी हमले की जबावी कार्रवाई के दौरान एक अमरीकी सैनिक को लगा कि पशतो सेवा का पत्रकार कोई चरमपंथी है. इस गोलीबारी में 10 लोग मारे गए थे और बीबीसी पत्रकार भी उनमें से एक थे.

अहमद उमैद की मौत के बाद सवाल उठे थे कि क्या वे वाकई चरमपंथी हमले में मारे गए थे. नैटो ने जाँच की घोषणा की थी. जाँच रिपोर्ट के मुताबिक 25 साल के बीबीसी पत्रकार अहमद को एक आत्मघाती हमलावर समझकर मार दिया गया. जाँच में पता चला है कि जब गठबंधन सैनिक चरमपंथी हमले का जबाव दे रहे थे तो अहमद अपने दफ़्तर के गु़स्लखाने में छिप गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा प्रतीत हुआ कि अहमद के हाथ में कोई चीज़ थी जिसे देखकर अमरीकी सैनिक को लगा कि ये आत्मघाती बम से जुड़ी कोई चीज़ है. ये शायद उनका प्रेस कार्ड था.

आत्मघती हमलावर समझा था : अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता दल (आईसैफ़) ने कहा है कि अहमद उमैद की मौत दर्दनाक है और उनके परिवार के प्रति सांत्वना जताई है. हालांकि दल ने ये विश्वास जताया कि उसके सैनिकों ने संघर्ष के दौरान माने जाने वाले सब क़ायदों का पालन किया था. तालिबान ने उस समय हमले की बात स्वीकार की थी पर कहा था कि बीबीसी पत्रकार को उसने नहीं मारा.

माना जा रहा है कि इस घटना के दौरान अहमद ने अपने भाई को दो एसएमएस भेजे थे. पहले में लिखा थ, “मैं छिपा हुआ हूँ. मौत सामने है.” दूसरे में लिखा था, “अगर मैं मर गया तो मेरे लिए दुआ करना.” अहमद ने 2008 में बीबीसी में काम करना शुरु किया था. नैटो के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता दल (आईसैफ़) के एक लाख चालीस हज़ार सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में तैनात हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि अफ़ग़ानिस्तान में सैन्य अभियान 2014 तक समाप्त हो जाएगा. साभार : बीबीसी

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...