पिछले सात सालों से इलाहाबाद से प्रकाशित हो रही साहित्यिक पत्रिका ‘गुफ्तगू’ ने पत्रकारों के जीवन पर आधारित एक कालम की शुरुआत की है। ‘शख्सियत’ नामक इस कालम में पचास साल की उम्र पार चुके पत्रकारों की जीवनी और उनके द्वारा भोगा गया पत्रकारिता जीवन, उनसे बातचीत के आधार पर फोटो सहित पत्रकारों का बायोडाटा मंगाया है, जिनकी उम्र पचास वर्ष या इससे अधिक है।
बायोडाया के आधार पर ‘गुफ्तगू’ टीम के लोग उनसे बातचीत करके राइट अप तैयार करेंगे और उसे गुफ्तगू में प्रकाशित करेंगे। यह पत्रिका साल में चार बार मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में प्रकाशित होती है। पत्रिका ने ‘शख्सियत’ नामक इस कालम की शुरूआत दिसंबर 2010 अंक से ही कर दी है।
दिसंबर अंक में इलाहाबाद के सीनियर पत्रकार श्री नरेश मिश्र के बारे में प्रकाशित की गई है। 15 सितंबर 1934 को जन्मे श्री नरेश मिश्र ने पत्रकारिता जीवन की शुरूआत 1958 में स्वतंत्र पत्रकार के रूप में की थी, 1960 में कादम्बिनी से जुड़े। 1976 में आकाशवाणी इलाहाबाद में स्क्रिप्ट राइटर के रूप उन्हें तैनाती मिली थी। इसके बाद इलाहाबाद से प्रकाशित ‘अमृत प्रभात’ से जुड़े। इस अखबार में इन्होंने लगातार 18 वर्षों तक ‘जग बौराना’ नामक कालम भी लिखा, जो उन दिनों चर्चा का विषय हुआ करता था। अब श्री मिश्र सेवानिवृत्त हो चुके हैं। मगर आज भी सक्रिय हैं और लेखन कार्य जारी रखे हुए हैं।
‘गुफ्तगू’ में शख्सियत नामक आगामी कालम के लिए [email protected] अथवा संपादक- गुफ्तगू, 123ए-1, हरवारा, धूमनगंज, इलाहाबाद-211011 के पते पर अपना बायोडाटा भेज सकते हैं अथवा मोबाइल नंबर 09889316790 पर संपर्क कर सकते हैं.












Upendra Nath Rai
December 6, 2010 at 2:37 pm
Gaji Sahab ka yah bahut hi sarahaniya kadam hai. sabase badi bat hai ki chadhe ko to sab chadhate hain, gaji sahab ne pake hue aam ko chadhane bida uthaya hai jo bahut hi sarahniya kadam hai. eske liye sadhuvad.
UPENDRA RAI, JAN SANDESH