
खबर है कि अमर उजाला, नोएडा में कार्यरत असिस्टेंट फीचर एडीटर घनश्याम श्रीवास्तव ने संस्थान से इस्तीफा दे दिया है। घनश्याम जी वरिष्ठ पत्रकार होने के साथ साथ हिंदी के मशहूर ब्लागर भी हैं जो
घुन्नू झारखंडी नामक ब्लाग चलाते हैं। साथ ही वे दुनिया के सबसे बड़े हिंदी ब्लाग
भड़ास के भी सदस्य हैं। वे अब रांची में दैनिक हिंदुस्तान में अपनी सेवाएं देंगे। घनश्याम जी अमर उजाला से पहले प्रभात खबर में कई वर्षों तक कार्यरत रहे।
घनश्याम जी ने अपने
ब्लाग प्रोफाइल में खुद के बारे में जो लिख रखा है, वो इस प्रकार है–
झारखण्ड के वन प्रांतरों में जन्मा, पला, बढ़ा। 1988 में अंग्रेजी अखबार से शुरुआत हुई। असली शुरुआत १९९१ में हिन्दी पत्रकारिता से हुई। जिम्मेदारियां फीचर की दी गयीं और आज तक पीछा नहीं छूटा। पैंतीस सौ से ज्यादा बाईलाईन पर संतोष होता है कि चलो, कुछ तो निकला अन्दर से। गुलजार, नितिन मुकेश, आशा भोंसले देबश्री राय, भूपेन हजारिका के साक्षात्कार अक्सर गुदगुदाते हैं,तो गजलीटांड खान दुर्घटना, रांची का दंगा तथा मिदनापुर नरसंहार की रिपोर्टिंग ने ढेरों घाव भी दिये हैं। जर्नलिज्म में १९ साल गुजारने के बाद अब लगता है कि यार, ये जो क्षितिज है, उसमें पत्रकारिता भला है कहाँ? फिलवक्त हिन्दी के एक बडे अख़बार में नॉएडा में हूँ। गीतों से गारी तक पल्लू से साड़ी तक अपनी जिजीविषा के मानक तय करने में वैशाली से बासठ चौकी और वहाँ से बारह बाईस के फेर में लगा रहता हूँ । रचनाधर्मिता बनी रहे,सो भागते,कूटते इस बेदिल शहर में महानगरीय पत्रकारिता का ककहरा समझ रहा हूँ।
उन्हें नई पारी के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं। अगर आप भी उन्हें विश करना चाहते हैं तो उनके मोबाइल नंबर
09958293088 पर फोन कर सकते हैं।